सिद्धार्थनगर। केन्द्र में बैठी भाजपा सरकार साढ़े चार साल में जनता का भरोसा पूरी तरह तोड़ चुकी है। इस सरकार ने इतने झूठ बोले कि बेचारे झूठ को भी शर्म आने लगी है। जनता इस सरकार को अब इसे झूठों की सरकार और इस सरकार से मुक्ति की दरकार करने लगी है।
इब उन्हें अच्छे से सबक सिखाने का वक्त आ गया है। अपरोक्त आशय विचार बसपा नेता और डुमरियागंज लोकसभा क्षेत्र के प्रत्याशी आफताब आलम के हैं, जिसे वो गुरुवार को बांसी विधान क्षेत्र के मथुरापुर, सोनबरसा, देवपुर, मधुकरपुर, तेजगढ़, भगौता पुर. बघवाताल, हर्रैया, गोहर, भरमा, लोहरा, मलौली, समोगरा, डबरा, पठनपुरवा, घघुवा, भावपूर, सोनखरी आदि गाँव में जनसम्पर्क के दौरान आयोजित सभाओं में व्यक्त कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने जनता से कहा कि अच्छे दिन तो नहीं आये, लेकिन अपने ऊपर हुए राजनीतिक अत्याचार का बदला लेने के दिन अब आने ही वाले हैं। वह इसे याद दिलाने आये हैं। आफताब अहमद ने कहा कि पिछले साढ़े चार सालों में इस सरकार के मंत्रियों ने अच्छे दिन के नाम पर झूठ बोलने के सारे रिकार्ड तोड़ डाले। प्रधानमंत्री मोदी जी के अनुसार सभी परिवारों को पन्द्रह-पन्द्रह लाख रुपया मिलना था, लेकिन अब तक किसी को पन्द्रह पाई नहीं मिली। उन्होंने हर साल दो करोड़ युवाओं को नौकरी देने का एलान किया था, लेकिन अब नौजवानों को पकौड़ा बेचने की सलाह दे रहे है। आफताब आलम ने कहा कि गरीबों को मुफ्त रसोई गैस कनेक्शन देने की बात कही थी लेकिन अब उनके गैस सिलेंडर के दाम एक हजार से ऊपर कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि काला धन नही आया, किसानों की उपज के दाम दुगुने नहीं हुए, उल्टे राफेल विमान खरीदने के नाम पर घोटाला हुआ, नोटबंदी से जनता की कमर तोड़ी गई, जीएसटी लगा कर व्यापारियों की कमर तोड़ी गई। जितने भी अत्याचार किसान और युवा पर हो सकते थे, सब किया। उन्होंने कहा कि मोदी जी के अच्छे दिन तो नहीं आये लेकिन आगामी चुनाव का दिन आपका होगा और इस दिन आप अपने मतों से इस झूठी सरकार को उखाड़ कर अपने अच्छे दिन लाइये। अंत में उन्होंने कहा कि ग्रामीण इस झूठी सरकार के वादे न भूलें और चुनाव में इसे सबक जरूर सिखाएं।
कार्यक्रम में राजेन्द्र कन्नौजिया, दिनेश चन्द्र गौतम, रामकृपाल मौर्य, भरतलाल निषाद, रामनयन, वीरचन्द पासवान, पी०आर०आजाद, जयराम गौतम, सत्येन्द्र, महमूद, एम.पी.दूबे, राजेन्द्र, राजेश, राजेन्द्र कमल, शमीम अहमद, नागर तिवारी, भरत लाल निषाद, जयराम गौतम, सत्येन्द्र गौतम, वीरचन्द्र पासवान, रामनयन आनन्द, रामलाल चैधरी, महताब इद्रिशी, अमरपाल सहानी, रमाकान्त कन्नौजिया, मो. कैफ, महमूद अली, अमरपाल यादव, नन्हे पाण्डेय, अबरार हुसैन, परवेज अहमद आदि लोग उपस्थित रहे।
इब उन्हें अच्छे से सबक सिखाने का वक्त आ गया है। अपरोक्त आशय विचार बसपा नेता और डुमरियागंज लोकसभा क्षेत्र के प्रत्याशी आफताब आलम के हैं, जिसे वो गुरुवार को बांसी विधान क्षेत्र के मथुरापुर, सोनबरसा, देवपुर, मधुकरपुर, तेजगढ़, भगौता पुर. बघवाताल, हर्रैया, गोहर, भरमा, लोहरा, मलौली, समोगरा, डबरा, पठनपुरवा, घघुवा, भावपूर, सोनखरी आदि गाँव में जनसम्पर्क के दौरान आयोजित सभाओं में व्यक्त कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने जनता से कहा कि अच्छे दिन तो नहीं आये, लेकिन अपने ऊपर हुए राजनीतिक अत्याचार का बदला लेने के दिन अब आने ही वाले हैं। वह इसे याद दिलाने आये हैं। आफताब अहमद ने कहा कि पिछले साढ़े चार सालों में इस सरकार के मंत्रियों ने अच्छे दिन के नाम पर झूठ बोलने के सारे रिकार्ड तोड़ डाले। प्रधानमंत्री मोदी जी के अनुसार सभी परिवारों को पन्द्रह-पन्द्रह लाख रुपया मिलना था, लेकिन अब तक किसी को पन्द्रह पाई नहीं मिली। उन्होंने हर साल दो करोड़ युवाओं को नौकरी देने का एलान किया था, लेकिन अब नौजवानों को पकौड़ा बेचने की सलाह दे रहे है। आफताब आलम ने कहा कि गरीबों को मुफ्त रसोई गैस कनेक्शन देने की बात कही थी लेकिन अब उनके गैस सिलेंडर के दाम एक हजार से ऊपर कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि काला धन नही आया, किसानों की उपज के दाम दुगुने नहीं हुए, उल्टे राफेल विमान खरीदने के नाम पर घोटाला हुआ, नोटबंदी से जनता की कमर तोड़ी गई, जीएसटी लगा कर व्यापारियों की कमर तोड़ी गई। जितने भी अत्याचार किसान और युवा पर हो सकते थे, सब किया। उन्होंने कहा कि मोदी जी के अच्छे दिन तो नहीं आये लेकिन आगामी चुनाव का दिन आपका होगा और इस दिन आप अपने मतों से इस झूठी सरकार को उखाड़ कर अपने अच्छे दिन लाइये। अंत में उन्होंने कहा कि ग्रामीण इस झूठी सरकार के वादे न भूलें और चुनाव में इसे सबक जरूर सिखाएं।
कार्यक्रम में राजेन्द्र कन्नौजिया, दिनेश चन्द्र गौतम, रामकृपाल मौर्य, भरतलाल निषाद, रामनयन, वीरचन्द पासवान, पी०आर०आजाद, जयराम गौतम, सत्येन्द्र, महमूद, एम.पी.दूबे, राजेन्द्र, राजेश, राजेन्द्र कमल, शमीम अहमद, नागर तिवारी, भरत लाल निषाद, जयराम गौतम, सत्येन्द्र गौतम, वीरचन्द्र पासवान, रामनयन आनन्द, रामलाल चैधरी, महताब इद्रिशी, अमरपाल सहानी, रमाकान्त कन्नौजिया, मो. कैफ, महमूद अली, अमरपाल यादव, नन्हे पाण्डेय, अबरार हुसैन, परवेज अहमद आदि लोग उपस्थित रहे।



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