सिद्धार्थनगर। बहुजन समाज पार्टी के नेता और डुमरियागंज लोकसभा सीट के प्रभारी/प्रत्याशी आफताब आलम का कम्बल वितरण जोर शोर से जारी है। मंगलवार को इसी क्रम में उन्होंने बांसी नगरपालिका क्षेत्र समेत तहसील के आधा दर्जन गांवों में गांवों में कम्बल वितरण किया। उनका कहना है कि हर जरूरतमंद के हाथ में कंबल पहुंचाना उनका मकसद है, क्याकि यह इंसानियत का तकाजा है।
आफताब आलम ने आज बांसी तहसील के सोनखर गांव से कम्बल वितरण की शुरूआत की। इसके बाद तेलौरा घाट, मऊ, निबियहवा परसपुर,. सोनखर, से लगायत बांसी नगर पालिका क्षेत्र में कार्यक्रम स्थल पर हर एक गरीब असहाय को अपने हाथों से कम्बल प्रदान किया। एक दो स्थानों पर किसी वर्कर द्धारा जरूरतमंद की उपेक्षा देख आफताब आलम ने अपने सहयोगी को जरूरतमंदों के साथ बेहतर सलूक की हिदायत भी दी। इन स्थानों पर लगभग झााई हजार कम्बल वितरित किये गये। इन गांवों में आफताब आलम ने कहा कि सर्दी में कम्बल वितरण का राजनीति से कुछ लेना देना नहीं है। यह इंसानियत का तकाजा है। सारे धर्मों में जरूरतमंद की मदद यानी दान, के अलावा दया, क्षमा और शील को महत्व दिया गया है। जब टिकट मिलेगा और चुनाव होगा तब राजनीति की बात जरूर की जायेगी। हां इतना जरूर है कि राजनीति में जो दल साम्प्रदायिक हो, सभी धर्मों को लड़ा कर राजनीति साधता हो, उससे सभी को दूर रहना चाहिए। आफताब आलम ने कहा कि फिलहाल वे वोट नहीं दुआ के तलबगार हैं। बस लोग आशीष देते रहें। आप सबका आशीष ही आने वाले दिन में हमारी ताकत बनेगा।
आज के कार्यक्रम में राजेन्द्र कमल, रामकृपाल मौर्य, दिनेशचन्द्र, गौतम, शमीम अहमद, बीरचन्द्र पासवान, सतेन्द्र, भरतलाल, जयराम, रामनयन, महमूद, ग्रीसवरुण, महताब, अकबर, अमरेशपाल यादव, नन्हे पाण्डेय, अमरपाल सहानी आदि लोगों की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।
आफताब आलम ने आज बांसी तहसील के सोनखर गांव से कम्बल वितरण की शुरूआत की। इसके बाद तेलौरा घाट, मऊ, निबियहवा परसपुर,. सोनखर, से लगायत बांसी नगर पालिका क्षेत्र में कार्यक्रम स्थल पर हर एक गरीब असहाय को अपने हाथों से कम्बल प्रदान किया। एक दो स्थानों पर किसी वर्कर द्धारा जरूरतमंद की उपेक्षा देख आफताब आलम ने अपने सहयोगी को जरूरतमंदों के साथ बेहतर सलूक की हिदायत भी दी। इन स्थानों पर लगभग झााई हजार कम्बल वितरित किये गये। इन गांवों में आफताब आलम ने कहा कि सर्दी में कम्बल वितरण का राजनीति से कुछ लेना देना नहीं है। यह इंसानियत का तकाजा है। सारे धर्मों में जरूरतमंद की मदद यानी दान, के अलावा दया, क्षमा और शील को महत्व दिया गया है। जब टिकट मिलेगा और चुनाव होगा तब राजनीति की बात जरूर की जायेगी। हां इतना जरूर है कि राजनीति में जो दल साम्प्रदायिक हो, सभी धर्मों को लड़ा कर राजनीति साधता हो, उससे सभी को दूर रहना चाहिए। आफताब आलम ने कहा कि फिलहाल वे वोट नहीं दुआ के तलबगार हैं। बस लोग आशीष देते रहें। आप सबका आशीष ही आने वाले दिन में हमारी ताकत बनेगा।
आज के कार्यक्रम में राजेन्द्र कमल, रामकृपाल मौर्य, दिनेशचन्द्र, गौतम, शमीम अहमद, बीरचन्द्र पासवान, सतेन्द्र, भरतलाल, जयराम, रामनयन, महमूद, ग्रीसवरुण, महताब, अकबर, अमरेशपाल यादव, नन्हे पाण्डेय, अमरपाल सहानी आदि लोगों की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।



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