चन्द्रकेश पटेल( संवाददाता )
सिद्धार्थनगर/ककरहवा। वर्डपुर विकास खण्ड क्षेत्र के सीमावर्ती क़स्बा ककरहवा में स्थिती पंडित भागीरथी सूर्यनाथ त्रिपाठी इण्टरकॉलेज तिवारीपुरम् ककरहवा के विद्यालय के बच्चों का भविष्य अब खतरे में दिखाई पड़ता है। जहाँ एक कार्यक्रम के दौरान वहाँ पर लगाये गए डॉ एपीजे अब्दुल कलाम के तस्वीर के नीचे एजेपी अब्दुल कलाम लिखा हुआ था जिसमें कार्यक्रम के दौरान आये हुए मुख्य अतिथी और तमाम उच्च अधिकारीयों के साथ साथ वहाँ पर उपस्थित अभिभावक एवं हजारो लोगों की नजर पड़ती रही।जिससे विद्यालय की छवि धूमिल नजर आती रही और वहीँ दूसरी तरफ फिर एक कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन किया गया जिसमे कक्षा 6 से 12 तक के छात्र छात्राओं ने विज्ञान से संबंधित चित्रो को प्रस्तुत किए। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथी के रूप में ककरहवा कस्टम विभाग के इंस्पेक्टर विमल यादव रहे जिन्होंने प्रत्येक छात्र छात्राओं से विज्ञान से संबंधित चित्रों के बारे में जानकारी भी लिए और बच्चों को मेहनत और लगन से शिक्षा पर जोर देने की बात कही। पर वहीं दूसरी तरफ विद्यालय के ही जिम्मेदार शिक्षक ने ही मुख्य अतिथि के नाम को ही बदल डाले। जहाँ कुछ और नाम से ही प्रस्तुत कर डाले ऐसे में उनका ध्यान ही कही और था पर जब उनसे पूछा गया तो उन्होंने लिखने में गलती हो गई कह कर अपना पल्ला झाड़ लिए। पर अगर शिक्षक ही गलती करने लगे तो बच्चों का भविष्य कहाँ जाएगा ,शिक्षक के एक गलत संदेश से कई छात्र छात्राओं पर गलत असर पहुचता है ऐसे में सतर्कता बनाएँ रखना जरुरी है। ककरहवा एक सीमावर्ती क़स्बा होने के कारण इस विद्यालय में पड़ोसी मुल्क नेपाल के भी कई छात्र छात्राएं पढ़ने आती है ऐसे में उनके भविष्य के बारे में सोचने का विषय है ऐसे में शिक्षक गलती न करें बच्चों के भविष्य खतरे में पड़ सकती है और विद्यालय का पतन हो सकता है।
सिद्धार्थनगर/ककरहवा। वर्डपुर विकास खण्ड क्षेत्र के सीमावर्ती क़स्बा ककरहवा में स्थिती पंडित भागीरथी सूर्यनाथ त्रिपाठी इण्टरकॉलेज तिवारीपुरम् ककरहवा के विद्यालय के बच्चों का भविष्य अब खतरे में दिखाई पड़ता है। जहाँ एक कार्यक्रम के दौरान वहाँ पर लगाये गए डॉ एपीजे अब्दुल कलाम के तस्वीर के नीचे एजेपी अब्दुल कलाम लिखा हुआ था जिसमें कार्यक्रम के दौरान आये हुए मुख्य अतिथी और तमाम उच्च अधिकारीयों के साथ साथ वहाँ पर उपस्थित अभिभावक एवं हजारो लोगों की नजर पड़ती रही।जिससे विद्यालय की छवि धूमिल नजर आती रही और वहीँ दूसरी तरफ फिर एक कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन किया गया जिसमे कक्षा 6 से 12 तक के छात्र छात्राओं ने विज्ञान से संबंधित चित्रो को प्रस्तुत किए। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथी के रूप में ककरहवा कस्टम विभाग के इंस्पेक्टर विमल यादव रहे जिन्होंने प्रत्येक छात्र छात्राओं से विज्ञान से संबंधित चित्रों के बारे में जानकारी भी लिए और बच्चों को मेहनत और लगन से शिक्षा पर जोर देने की बात कही। पर वहीं दूसरी तरफ विद्यालय के ही जिम्मेदार शिक्षक ने ही मुख्य अतिथि के नाम को ही बदल डाले। जहाँ कुछ और नाम से ही प्रस्तुत कर डाले ऐसे में उनका ध्यान ही कही और था पर जब उनसे पूछा गया तो उन्होंने लिखने में गलती हो गई कह कर अपना पल्ला झाड़ लिए। पर अगर शिक्षक ही गलती करने लगे तो बच्चों का भविष्य कहाँ जाएगा ,शिक्षक के एक गलत संदेश से कई छात्र छात्राओं पर गलत असर पहुचता है ऐसे में सतर्कता बनाएँ रखना जरुरी है। ककरहवा एक सीमावर्ती क़स्बा होने के कारण इस विद्यालय में पड़ोसी मुल्क नेपाल के भी कई छात्र छात्राएं पढ़ने आती है ऐसे में उनके भविष्य के बारे में सोचने का विषय है ऐसे में शिक्षक गलती न करें बच्चों के भविष्य खतरे में पड़ सकती है और विद्यालय का पतन हो सकता है।


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