मेराज़ मुस्तफा की रिपोर्ट
इटवा-सिद्धार्थनगर : जैसे - जैसे दिसम्बर अपने अंतिम पड़ाव में पहुंच रहा वेसे ही ठंड ने भी अपनी रफ्तार पकड़ ली और सर्द हवाओं ने अचानक ही मौसम को तब्दील कर दिया जिसका असर आम जनमानस पर साफ दिख रहा। आमतौर पर इटवा तहसील क्षेत्र के मुख्य चौराहों व कस्बों में दो दिन पूर्व तक रात्रि नौ बजे से दस बजे तक चहल - पहल दिखाई देती थी लेकिन सर्द हवाओं के बदले मिजाज ने इस पर एकदम ब्रेक लगा दिया। इटवा तहसील क्षेत्र के बढ़या , बेलवा , मिठौवां , खड़सरी , टिकुइया ,कुसम्ही आदि जगहों पर व्यवसाय करने वाले दुकानदार जहां दो दिन पूर्व आठ बजे तक अपनी दुकानों पर रहते थे तो वहीं बुधवार को वही सब दुकानदार सांय छह बजते ही घर निकलने लगे जिससे हमेशा गुलजार रहने वाले कस्बे व चौराहे छह बजे ही सन्नाटे में घिरा मिला। सर्द हवाओं से बढ़ी ठंडक ने क्षेत्रवासियों को घरों में दुबकने व अलाव का सहारा लेने पर विवश कर दिया। बढ़या कस्बे में ग्राहक सेवा केन्द्र संचालक महबूब अहमद ने बताया कि ग्राहक सेवा केन्द्र व ऑनलाइन आवेदन करने के लिए दो तीन दिनों पूर्व तक नौ से साढ़े नौ बजे तक केन्द्र पर रहना पड़ता था परन्तु सर्द हवाओं की वजह से आज साढ़े पांच बजे ही बंद करना पड़ रहा क्योंकि ठंड की वजह से कोई ग्राहक आ ही नही रहे। कुछ ऐसी ही प्रतिक्रिया अरशद अहमद ने भी देते हुए कहा कि बर्फ़ीली हवाओं के चलने से मौसम में अचानक बदलाव होने के कारण बाइक से सवारी करना कुएं में कूदने के समान है इसीलिए दुकानदार जल्दी घर निकलना चाहते हैं क्योंकि अधिकतर दुकानदार वाहन के रूप में बाइक का ही इस्तेमाल करते हैं।
क्षेत्र के बढ़या निवासी परवेज अहमद ने कहा कि सर्द हवाओं ने जिस तरह अचानक ही मौसम को बदला है ऐसे में लोगों का दिन ढलते ही घर जाना मजबूरी बन गई है। मौसम में हुई अचानक इस तब्दीली में एक राहत जरूर अभी भी मिली है कि लोगों को घने कोहरे का सामना नही करना पड़ रहा वरना स्थिति और भी बदतर हो जाती क्योंकि घने कोहरे में गाड़ियों में लगी फॉग लाईट भी बामुश्किल चालीस से पचास मीटर की दूरी को स्पष्ट दिखाने के बाद घने कोहरों को चीर कर नही निकल पाती।
इटवा-सिद्धार्थनगर : जैसे - जैसे दिसम्बर अपने अंतिम पड़ाव में पहुंच रहा वेसे ही ठंड ने भी अपनी रफ्तार पकड़ ली और सर्द हवाओं ने अचानक ही मौसम को तब्दील कर दिया जिसका असर आम जनमानस पर साफ दिख रहा। आमतौर पर इटवा तहसील क्षेत्र के मुख्य चौराहों व कस्बों में दो दिन पूर्व तक रात्रि नौ बजे से दस बजे तक चहल - पहल दिखाई देती थी लेकिन सर्द हवाओं के बदले मिजाज ने इस पर एकदम ब्रेक लगा दिया। इटवा तहसील क्षेत्र के बढ़या , बेलवा , मिठौवां , खड़सरी , टिकुइया ,कुसम्ही आदि जगहों पर व्यवसाय करने वाले दुकानदार जहां दो दिन पूर्व आठ बजे तक अपनी दुकानों पर रहते थे तो वहीं बुधवार को वही सब दुकानदार सांय छह बजते ही घर निकलने लगे जिससे हमेशा गुलजार रहने वाले कस्बे व चौराहे छह बजे ही सन्नाटे में घिरा मिला। सर्द हवाओं से बढ़ी ठंडक ने क्षेत्रवासियों को घरों में दुबकने व अलाव का सहारा लेने पर विवश कर दिया। बढ़या कस्बे में ग्राहक सेवा केन्द्र संचालक महबूब अहमद ने बताया कि ग्राहक सेवा केन्द्र व ऑनलाइन आवेदन करने के लिए दो तीन दिनों पूर्व तक नौ से साढ़े नौ बजे तक केन्द्र पर रहना पड़ता था परन्तु सर्द हवाओं की वजह से आज साढ़े पांच बजे ही बंद करना पड़ रहा क्योंकि ठंड की वजह से कोई ग्राहक आ ही नही रहे। कुछ ऐसी ही प्रतिक्रिया अरशद अहमद ने भी देते हुए कहा कि बर्फ़ीली हवाओं के चलने से मौसम में अचानक बदलाव होने के कारण बाइक से सवारी करना कुएं में कूदने के समान है इसीलिए दुकानदार जल्दी घर निकलना चाहते हैं क्योंकि अधिकतर दुकानदार वाहन के रूप में बाइक का ही इस्तेमाल करते हैं।
क्षेत्र के बढ़या निवासी परवेज अहमद ने कहा कि सर्द हवाओं ने जिस तरह अचानक ही मौसम को बदला है ऐसे में लोगों का दिन ढलते ही घर जाना मजबूरी बन गई है। मौसम में हुई अचानक इस तब्दीली में एक राहत जरूर अभी भी मिली है कि लोगों को घने कोहरे का सामना नही करना पड़ रहा वरना स्थिति और भी बदतर हो जाती क्योंकि घने कोहरे में गाड़ियों में लगी फॉग लाईट भी बामुश्किल चालीस से पचास मीटर की दूरी को स्पष्ट दिखाने के बाद घने कोहरों को चीर कर नही निकल पाती।


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