सत्येन्द्र उपाध्याय की रिपोर्ट
घोसियारी बासी . ग्रामीण क्षेत्रों मे स्वास्थ्य सुविधाओ का बुरा है हाल ।लोगों को स्वास्थ्य सुबिधाए मुहैया हो इसके लिए जगह जगह न्यू पीएचसी के रुप मे अस्पतालो की स्थापना तो कर दि गई है पर सुविधाएं मुहैया नही कराई जा सकी है खेसरहा विकास खंड का कुर्थिया प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र इसकी बानगी है । इस पीएचसी का निर्माण वर्ष2008 /09 मे क्षेत्र की तीस हजार अबादी को बेहतर स्वास्थ्य सुबिधा मुहैया कराने के लिये किया गया था ।पर व्यवस्थाओ के अभाव मे खुद बीमारी के मुहाने पर पहुंच गया है ।वही पेयजल के लिए बनाई गयीं पानी की टंकी दिखाने के लिए हाथी का दात बनी हुई है भवन निर्माण के बाद बिजली के लिए तार तो दौड़ा दिया गया पर आपूर्ति आज तक नही हो सकी ।यहा अस्पताल पर बुखार खासी के अलावा कोई दर्द निवारक दवा मौजूद नहीं हैं अस्पताल मे यहा प्रतिदिन 15 से 30तक मरीजो का आवागमन होता रहता है बाहर दवा खरीदने पर मजदूर है ग्रामीण ईस अस्पताल पर किसी अधिकारी की नजर नही पड रही है ।
घोसियारी बासी . ग्रामीण क्षेत्रों मे स्वास्थ्य सुविधाओ का बुरा है हाल ।लोगों को स्वास्थ्य सुबिधाए मुहैया हो इसके लिए जगह जगह न्यू पीएचसी के रुप मे अस्पतालो की स्थापना तो कर दि गई है पर सुविधाएं मुहैया नही कराई जा सकी है खेसरहा विकास खंड का कुर्थिया प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र इसकी बानगी है । इस पीएचसी का निर्माण वर्ष2008 /09 मे क्षेत्र की तीस हजार अबादी को बेहतर स्वास्थ्य सुबिधा मुहैया कराने के लिये किया गया था ।पर व्यवस्थाओ के अभाव मे खुद बीमारी के मुहाने पर पहुंच गया है ।वही पेयजल के लिए बनाई गयीं पानी की टंकी दिखाने के लिए हाथी का दात बनी हुई है भवन निर्माण के बाद बिजली के लिए तार तो दौड़ा दिया गया पर आपूर्ति आज तक नही हो सकी ।यहा अस्पताल पर बुखार खासी के अलावा कोई दर्द निवारक दवा मौजूद नहीं हैं अस्पताल मे यहा प्रतिदिन 15 से 30तक मरीजो का आवागमन होता रहता है बाहर दवा खरीदने पर मजदूर है ग्रामीण ईस अस्पताल पर किसी अधिकारी की नजर नही पड रही है ।


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