मेराज़ मुस्तफा की विशेष रिपोर्ट
इटवा-सिद्धार्थनगर:-गुरुवार को औचक निरीक्षण अभियान पर निकले उपजिलाधिकारी त्रिभुवन कुमार जब प्राथमिक विद्यालय सोनबरसा द्वितीय में निरीक्षण के लिए कदम रखा तो सर्वप्रथम छात्र उपस्थिति पंजिका में नामंकित छात्र-छात्राओं की संख्या का शत-प्रतिशत उपस्थिति देख क्षण भर के लिए हतप्रभ रह गए क्योंकि परिषदीय विद्यालयों की जो छवि सबके सामने प्रतिदिन दिखाई पड़ती है ऐसे में यह अविश्वसनीय जरूर लगेगा कि नामंकित 347 छात्र-छात्राओं में 347 का प्रतिदिन विद्यालय में उपस्थित होकर लगन व मेहनत से शिक्षा ग्रहण करने आना असम्भव है लेकिन सत्यता यही है जिसके लिए प्राथमिक विद्यालय सोनबरसा द्वितीय के अध्यापकों की कोशिशों व प्रयासों की जितनी सराहना की जाए कम ही होगी।उपजिलाधिकारी त्रिभुवन कुमार के औचक निरीक्षण अभियान में परिषदीय विद्यालयों की जमीनी हकीकत खुलकर सबके सामने आ रही लेकिन तहसील क्षेत्र के ही कुछ विद्यालयों की उत्कृष्ट शिक्षा गुणवत्ता व अनुशासन के साथ अध्यापकों की शिक्षा के प्रति निष्ठा व मेहनत से निजी क्षेत्र में संचालित विद्यालयों को मात देने की क्षमता रखते हैं।इटवा के प्राथमिक विद्यालय सोनबरसा द्वितीय को यदि किसी अधिकारी की नजरों से अतिउत्कृष्ट श्रेणी में रखा जाए तो यह परिषदीय विद्यालय के लिए गौरव की बात होगी।प्राथमिक विद्यालय सोनबरसा द्वितीय की शिक्षा गुणवत्ता विद्यालय परिसर का वातावरण व अनुशासन देखकर उपजिलाधिकारी श्री त्रिभुवन कुमार ने संस्कृत के इस श्लोक गुरुर्ब्रह्मा ग्रुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः।गुरुः साक्षात् परं ब्रह्म तस्मै श्री गुरवे नमः। का अनुसरण करते हुए विद्यालय के अध्यापकों को उनकी कर्तव्यनिष्ठा व शिक्षा के प्रति समर्पण भाव के लिए स्वयं श्रद्धापूर्वक प्रणाम कर एक उत्कृष्ट मिसाल पेश की।परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा गुणवत्ता के गिरते स्तर पर बात तो सभी करते हैं लेकिन उन्ही परिषदीय विद्यालयों में से एक प्राथमिक विद्यालय सोनबरसा द्वितीय भी है जहां शिक्षा व्यवस्था के साथ मध्यान्ह भोजन योजना व अन्य सुविधाओं का संचालन भी सराहनीय रहा जिसपर उपजिलाधिकारी उपजिलाधिकारी त्रिभुवन कुमार ने समस्त विद्यालय परिवार को प्रोत्साहित किया।विद्यालय के प्रधानाध्यापक राकेश कुमार सहित सभी अध्यापकों सन्तोष कुमार, कु.कामिनी,राघवेंद्र,रेनू जी द्वारा शिक्षा के प्रति समर्पण व कर्तव्यों के प्रति ईमानदार होकर अपने दायित्व का निर्वहन करते हुए एक आदर्श विद्यालय के अग्रिम पंक्ति में प्राथमिक विद्यालय सोनबरसा द्वितीय को ला खड़ा किया जिसकी बदौलत निजी क्षेत्र में भारी भरकम शुल्क लेकर उत्कृष्ट शिक्षा गुणवत्ता प्रदान करने का दावा करने वाले विद्यालयों के छात्र भी किसी निजी विद्यालय में जाने की बजाय प्राथमिक विद्यालय सोनबरसा द्वितीय में जाना पसंद करते हैं।इस बारे में बात करते हुए उपजिलाधिकारी इटवा श्री त्रिभुवन कुमार ने कहा कि "अपने औचक निरीक्षण अभियान के दौरान कमियों से भरपूर विद्यालय के स्थान पर आज प्राथमिक विद्यालय सोनबरसा द्वितीय का निरीक्षण करने के बाद असीम आनन्द की अनुभूति हो रही कि आज यहां के अध्यापकों ने इस बात की पुष्टि कर दी कि गुरू का स्थान ईश्वर से ऊपर है क्योंकि ईश्वर के बारे में ज्ञान देने वाला गुरू ही है"।उपजिलाधिकारी इटवा त्रिभुवन कुमार ने विद्यालय के अध्यापकों के इच्छानुसार छात्र-छात्राओं में स्वेटर वितरण भी किया।उपजिलाधिकारी त्रिभुवन कुमार ने उत्कृष्ट शिक्षा गुणवत्ता व शिक्षा के लिए अनकूल वातावरण स्थापित करने के लिए विद्यालय परिवार को खूब सराहा।
इटवा-सिद्धार्थनगर:-गुरुवार को औचक निरीक्षण अभियान पर निकले उपजिलाधिकारी त्रिभुवन कुमार जब प्राथमिक विद्यालय सोनबरसा द्वितीय में निरीक्षण के लिए कदम रखा तो सर्वप्रथम छात्र उपस्थिति पंजिका में नामंकित छात्र-छात्राओं की संख्या का शत-प्रतिशत उपस्थिति देख क्षण भर के लिए हतप्रभ रह गए क्योंकि परिषदीय विद्यालयों की जो छवि सबके सामने प्रतिदिन दिखाई पड़ती है ऐसे में यह अविश्वसनीय जरूर लगेगा कि नामंकित 347 छात्र-छात्राओं में 347 का प्रतिदिन विद्यालय में उपस्थित होकर लगन व मेहनत से शिक्षा ग्रहण करने आना असम्भव है लेकिन सत्यता यही है जिसके लिए प्राथमिक विद्यालय सोनबरसा द्वितीय के अध्यापकों की कोशिशों व प्रयासों की जितनी सराहना की जाए कम ही होगी।उपजिलाधिकारी त्रिभुवन कुमार के औचक निरीक्षण अभियान में परिषदीय विद्यालयों की जमीनी हकीकत खुलकर सबके सामने आ रही लेकिन तहसील क्षेत्र के ही कुछ विद्यालयों की उत्कृष्ट शिक्षा गुणवत्ता व अनुशासन के साथ अध्यापकों की शिक्षा के प्रति निष्ठा व मेहनत से निजी क्षेत्र में संचालित विद्यालयों को मात देने की क्षमता रखते हैं।इटवा के प्राथमिक विद्यालय सोनबरसा द्वितीय को यदि किसी अधिकारी की नजरों से अतिउत्कृष्ट श्रेणी में रखा जाए तो यह परिषदीय विद्यालय के लिए गौरव की बात होगी।प्राथमिक विद्यालय सोनबरसा द्वितीय की शिक्षा गुणवत्ता विद्यालय परिसर का वातावरण व अनुशासन देखकर उपजिलाधिकारी श्री त्रिभुवन कुमार ने संस्कृत के इस श्लोक गुरुर्ब्रह्मा ग्रुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः।गुरुः साक्षात् परं ब्रह्म तस्मै श्री गुरवे नमः। का अनुसरण करते हुए विद्यालय के अध्यापकों को उनकी कर्तव्यनिष्ठा व शिक्षा के प्रति समर्पण भाव के लिए स्वयं श्रद्धापूर्वक प्रणाम कर एक उत्कृष्ट मिसाल पेश की।परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा गुणवत्ता के गिरते स्तर पर बात तो सभी करते हैं लेकिन उन्ही परिषदीय विद्यालयों में से एक प्राथमिक विद्यालय सोनबरसा द्वितीय भी है जहां शिक्षा व्यवस्था के साथ मध्यान्ह भोजन योजना व अन्य सुविधाओं का संचालन भी सराहनीय रहा जिसपर उपजिलाधिकारी उपजिलाधिकारी त्रिभुवन कुमार ने समस्त विद्यालय परिवार को प्रोत्साहित किया।विद्यालय के प्रधानाध्यापक राकेश कुमार सहित सभी अध्यापकों सन्तोष कुमार, कु.कामिनी,राघवेंद्र,रेनू जी द्वारा शिक्षा के प्रति समर्पण व कर्तव्यों के प्रति ईमानदार होकर अपने दायित्व का निर्वहन करते हुए एक आदर्श विद्यालय के अग्रिम पंक्ति में प्राथमिक विद्यालय सोनबरसा द्वितीय को ला खड़ा किया जिसकी बदौलत निजी क्षेत्र में भारी भरकम शुल्क लेकर उत्कृष्ट शिक्षा गुणवत्ता प्रदान करने का दावा करने वाले विद्यालयों के छात्र भी किसी निजी विद्यालय में जाने की बजाय प्राथमिक विद्यालय सोनबरसा द्वितीय में जाना पसंद करते हैं।इस बारे में बात करते हुए उपजिलाधिकारी इटवा श्री त्रिभुवन कुमार ने कहा कि "अपने औचक निरीक्षण अभियान के दौरान कमियों से भरपूर विद्यालय के स्थान पर आज प्राथमिक विद्यालय सोनबरसा द्वितीय का निरीक्षण करने के बाद असीम आनन्द की अनुभूति हो रही कि आज यहां के अध्यापकों ने इस बात की पुष्टि कर दी कि गुरू का स्थान ईश्वर से ऊपर है क्योंकि ईश्वर के बारे में ज्ञान देने वाला गुरू ही है"।उपजिलाधिकारी इटवा त्रिभुवन कुमार ने विद्यालय के अध्यापकों के इच्छानुसार छात्र-छात्राओं में स्वेटर वितरण भी किया।उपजिलाधिकारी त्रिभुवन कुमार ने उत्कृष्ट शिक्षा गुणवत्ता व शिक्षा के लिए अनकूल वातावरण स्थापित करने के लिए विद्यालय परिवार को खूब सराहा।


No comments:
Post a Comment