सत्येन्द्र उपाध्याय की रिपोर्ट
राहुल गांधी भाषण खत्म होने के बाद बडी होशियारी के साथ अपनी सीट से उठे और जाकर मोदी को गले लगा लिया. यह बात और थी कि खुद मोदी भी इस अप्रत्यक्ष घटना के लिए तैयार नहीं थे. मोदी के अलावा पूरा सदन राहुल को देखता रह गया. इसके बाद राहुल वापस अपनी कुर्सी पर बैठकर मुस्कुराने लगे. शायद वे सोच रहे होंगे कि उन्होंने सभी का दिल जीत लिया लेकिन यह पांसा उल्टा पड गया है.
दरअसल लोकसभा स्पीकर ने इस घटना पर आपत्ति ली है. स्पीकर ने राहुल के पीएम मोदी को गले मिलने पर कहा कि यह सदन की गरिमा के खिलाफ है और मुझे यह अच्छा नहीं लगा. उन्होंने कहा कि वो प्रधानमंत्री के तौर पर यहां बैठे थे और पद की गरिमा होती है. साथ ही सांसद को भी इस गरिमा का पालन करना चाहिए.
उन्होंने कहा कि पीएम को सीट गले लगना और उसके बाद आंख चमकाना, यह अच्छा नहीं है. उन्होंने कहा कि आप सदन के बाहर मिलिए लेकिन सदन की गरिमा होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि राहुल जी मेरे दुश्मन नहीं बेटे जैसे हैं लेकिन मां के नाते उन्हें सिखाना भी मेरा काम है. मेरी समझ नहीं आया इसलिए इस नाटक को देखकर मैं तब चुप रही. भावनाओं का आदर करना चाहिए.
वहीं दूसरी ओर बीजेपी सांसद ने राहुल गांधी को पप्पू करार देते हुए कहा कि वे यहां झादू की झप्पियां बांटते घूम रहे हैं. जबकि राजनाथ सिंह ने कहा कि राहुल ने सदन में चिपको आंदोलन शुरू कर दिया है.
राहुल गांधी भाषण खत्म होने के बाद बडी होशियारी के साथ अपनी सीट से उठे और जाकर मोदी को गले लगा लिया. यह बात और थी कि खुद मोदी भी इस अप्रत्यक्ष घटना के लिए तैयार नहीं थे. मोदी के अलावा पूरा सदन राहुल को देखता रह गया. इसके बाद राहुल वापस अपनी कुर्सी पर बैठकर मुस्कुराने लगे. शायद वे सोच रहे होंगे कि उन्होंने सभी का दिल जीत लिया लेकिन यह पांसा उल्टा पड गया है.
दरअसल लोकसभा स्पीकर ने इस घटना पर आपत्ति ली है. स्पीकर ने राहुल के पीएम मोदी को गले मिलने पर कहा कि यह सदन की गरिमा के खिलाफ है और मुझे यह अच्छा नहीं लगा. उन्होंने कहा कि वो प्रधानमंत्री के तौर पर यहां बैठे थे और पद की गरिमा होती है. साथ ही सांसद को भी इस गरिमा का पालन करना चाहिए.
उन्होंने कहा कि पीएम को सीट गले लगना और उसके बाद आंख चमकाना, यह अच्छा नहीं है. उन्होंने कहा कि आप सदन के बाहर मिलिए लेकिन सदन की गरिमा होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि राहुल जी मेरे दुश्मन नहीं बेटे जैसे हैं लेकिन मां के नाते उन्हें सिखाना भी मेरा काम है. मेरी समझ नहीं आया इसलिए इस नाटक को देखकर मैं तब चुप रही. भावनाओं का आदर करना चाहिए.
वहीं दूसरी ओर बीजेपी सांसद ने राहुल गांधी को पप्पू करार देते हुए कहा कि वे यहां झादू की झप्पियां बांटते घूम रहे हैं. जबकि राजनाथ सिंह ने कहा कि राहुल ने सदन में चिपको आंदोलन शुरू कर दिया है.


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