सिद्धार्थनगर:-इटवा तहसील क्षेत्र में सेवारत दो लेखपालों को कार्यों में लापरवाही बरतने की भारी कीमत चुकानी पड़ेगी शायद इसकी कभी उन्होंने कल्पना भी नही की होगी परन्तु उपजिलाधिकारी इटवा श्री त्रिभुवन कुमार द्वारा चलाए जा रहे सरकारी नियमों की अवहेलना करने वालों की सूची में इन दोनों का नाम भी दर्ज हो गया जिसके कारण लेखपाल अम्बिका प्रसाद को हल्का क्षेत्र से हटाकर रजिस्ट्रार कार्यालय से सम्बद्ध कर आरोप पत्र निर्गत किया गया एवं तहसीलदार इटवा राजेश अग्रवाल को जांच अधिकारी नामित कर अम्बिका प्रसाद पर लगे आरोपों की जांच करने का निर्देश देते हुए स्पष्ट किया यदि जांच में लेखपाल अम्बिका प्रसाद के सम्बंध में की गई शिकायत सत्य पाई जाती हैं तो तत्काल प्रभाव से उनकी सेवा समाप्ति कर दी जाएगी।ज्ञात हो कि अम्बिका प्रसाद के खिलाफ हल्का क्षेत्र के लोगों ने शिकायत करते हुए बताया था कि वह क्षेत्र की समस्याओं का समाधान नही कर रहे न ही कभी हल्का क्षेत्र में आते हैं जिससे जनता को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा जिस पर उपजिलाधिकारी त्रिभुवन कुमार ने तत्काल मामले को संज्ञान में लेते हुए उपरोक्त कदम उठाया।उपजिलाधिकारी त्रिभुवन कुमार ने एक अन्य लेखपाल राजाराम के खिलाफ शिकायत मिलने पर वेतन रोकने व निलंबन नोटिस जारी किया गया एवं तहसीलदार इटवा को आदेशित किया कि जो लेखपाल नई पेंशन योजना अंतर्गत एवं कैशलेस योजना अंतर्गत आवश्यक फॉर्म नही भरते हैं उन सभी का नवम्बर माह का वेतन रोक दिया जाए।उपजिलाधिकारी इटवा त्रिभुवन कुमार के द्वारा उठाए गए इस कड़े कदम से तहसील क्षेत्र में कार्यरत लेखपाल सकते में आ गए क्योंकि इतनी कठोर कार्यवाई अब तक किसी एसडीएम द्वारा लेखपालों के ऊपर इतने कड़े कदम नही उठाए गए थे।उपजिलाधिकारी इटवा श्री त्रिभुवन कुमार का भ्रष्टाचार विरोधी कदम जहां सराहना का विषय बना हुआ है वहीं सरकारी कार्यों की जमीनी हकीकत भी उनके औचक निरीक्षण अभियान के द्वारा खुलकर सामने आ रही।
सिद्धार्थनगर:-इटवा तहसील क्षेत्र में सेवारत दो लेखपालों को कार्यों में लापरवाही बरतने की भारी कीमत चुकानी पड़ेगी शायद इसकी कभी उन्होंने कल्पना भी नही की होगी परन्तु उपजिलाधिकारी इटवा श्री त्रिभुवन कुमार द्वारा चलाए जा रहे सरकारी नियमों की अवहेलना करने वालों की सूची में इन दोनों का नाम भी दर्ज हो गया जिसके कारण लेखपाल अम्बिका प्रसाद को हल्का क्षेत्र से हटाकर रजिस्ट्रार कार्यालय से सम्बद्ध कर आरोप पत्र निर्गत किया गया एवं तहसीलदार इटवा राजेश अग्रवाल को जांच अधिकारी नामित कर अम्बिका प्रसाद पर लगे आरोपों की जांच करने का निर्देश देते हुए स्पष्ट किया यदि जांच में लेखपाल अम्बिका प्रसाद के सम्बंध में की गई शिकायत सत्य पाई जाती हैं तो तत्काल प्रभाव से उनकी सेवा समाप्ति कर दी जाएगी।ज्ञात हो कि अम्बिका प्रसाद के खिलाफ हल्का क्षेत्र के लोगों ने शिकायत करते हुए बताया था कि वह क्षेत्र की समस्याओं का समाधान नही कर रहे न ही कभी हल्का क्षेत्र में आते हैं जिससे जनता को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा जिस पर उपजिलाधिकारी त्रिभुवन कुमार ने तत्काल मामले को संज्ञान में लेते हुए उपरोक्त कदम उठाया।उपजिलाधिकारी त्रिभुवन कुमार ने एक अन्य लेखपाल राजाराम के खिलाफ शिकायत मिलने पर वेतन रोकने व निलंबन नोटिस जारी किया गया एवं तहसीलदार इटवा को आदेशित किया कि जो लेखपाल नई पेंशन योजना अंतर्गत एवं कैशलेस योजना अंतर्गत आवश्यक फॉर्म नही भरते हैं उन सभी का नवम्बर माह का वेतन रोक दिया जाए।उपजिलाधिकारी इटवा त्रिभुवन कुमार के द्वारा उठाए गए इस कड़े कदम से तहसील क्षेत्र में कार्यरत लेखपाल सकते में आ गए क्योंकि इतनी कठोर कार्यवाई अब तक किसी एसडीएम द्वारा लेखपालों के ऊपर इतने कड़े कदम नही उठाए गए थे।उपजिलाधिकारी इटवा श्री त्रिभुवन कुमार का भ्रष्टाचार विरोधी कदम जहां सराहना का विषय बना हुआ है वहीं सरकारी कार्यों की जमीनी हकीकत भी उनके औचक निरीक्षण अभियान के द्वारा खुलकर सामने आ रही।


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