सिद्धार्थनगर जिले में फायर सेफ्टी नार्म्स को लेकर पुलिस अधीक्षक ने शुक्रवार को मुख्यालय स्थित अस्पताल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सीएमओ,अग्निशमन अधिकारी, सहित पीआरओ सेल प्रभारी ने अस्पताल में सेफ्टी नार्म्स उपकरणों का निरीक्षण किया। उक्त अवसर पर अस्पताल जहां सेफ़्टी नार्म्स नही पाये गए, विधिक कार्यवाही का निर्देश दिया है।
ज्ञात हो कि, जनपद स्थिति जिला अस्पतालों, सभी सरकारी अस्पतालों, प्राइवेट अस्पतालों, नर्सिंग होमों में अगर पर्याप्त मात्रा में फायर सेफ़्टी नार्म्स न पाये जाने पर कार्यवाही की चेतावनी दी थी। पुलिस अधीक्षक डा0 धर्मवीर सिंह ने सभी अस्पताल के प्रबन्धकों को निर्देश दिया था कि आग से सुरक्षा हेतु उपकरण पर्याप्त मात्रा में लगवा ले, अन्यथा निरीक्षण के दौरान पर्याप्त उपकरण न मिलने पर कार्यवाही होगी।
बता दे कि माननीय उच्च न्यायालय लखनऊ बेंच के रिट याचिका संख्या 3932/2013 गोमतीनगर जनकल्याण समिति बनाम उत्तर प्रदेश राज्य व अन्य में माननीय उच्च न्यायालय लखनऊ बेंच द्वारा प्रकरण 10 अप्रैल को विक्टोरिया पार्क जनपद मेरठ में घटित घटना हुई थी, जिसमें 64 व्यक्तियों की मृत्यु व 226 व्यक्ति घायल हुए थे। घटना के परिपेक्ष्य में प्रदेश के समस्त जिला अस्पतालों, सभी प्राइवेट चिकित्सालयों एवं नर्सिंग होम में यू0पी0 फ़ायर प्रोवेन्सन एंड फ़ायर सेफ्टी रूल्स 2005 के तहत मिनिमम फ़ायर सेफ्टी नॉर्म्स लगाये जाने हेतु आदेश पारित किया है। उक्त आदेश के अनुपालन में पुलिस अधीक्षक श्री सिंह ने जनपद के समस्त अस्पतालों, सभी प्राइवेट चिकित्सालयों एवं नर्सिंग होम में माननीय न्यायालय के अनुपालन में आग से सुरक्षा हेतु उपकरण पर्याप्त मात्रा में लगाने हेतु निर्देशित किया था। माननीय न्यायालय के आदेश के अनुक्रम मे पुलिस अधीक्षक डा0 धर्मवीर सिंह ने मुख्यालय स्थित अपोलोअस्पताल, अलशिफ़ा अस्पताल,फातमा अस्पताल, रेयान अस्पताल, का निरीक्षण किया गया, जिसमें मिनिमम सेफ्टी नार्म्स होजरील, हाईड्रेंट, वाटर स्टोरेज टैंक,फायर पम्प,फायर अलार्म नही पाये गये, तथा अग्निशमन विभाग का अनापत्ति प्रमाण पत्र भी नही पाया गया। रेयान अस्पताल के अतिरिक्त अन्य अस्पताल में नाम मात्र के फायर एक्टिंगयूशर पाये गये । इसके अलावा रेयान अस्पताल अभी निर्माणधीन पाया गया, साथ ही आवश्यक प्रोविजनल एनओसी न लेने के कारण भवन का निर्माण भी मानक के अनुरूप नहीं पाया गया।पुलिस अधीक्षक ने मुख्य अग्निशमन अधिकारी, प्रभारी निरीक्षक को कार्यवाही करने का आदेश दिया है।


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