बांसी-- तहसील के ग्राम पंचायत चरथरी में 5 दिनों से चल रही रामलीला में पांचवें दिन मंगलवार को धनुषयज्ञ व रामविवाह उत्सव का भव्य मंचन किया गया। इस दौरान धनुष को टूटने से क्रोधित परशुराम से लक्ष्मण का भावपूर्ण संवाद हुआ जिसे सुनकर श्रोता वीर रस में डूब गए।
रात्रि 8 बजे से प्रारंभ हुई रामलीला में सर्वप्रथम राजा जनक का दरबार दिखाया गया जहां मिथिला पति के आदेश पर दूत राम विवाह का संदेश लेकर अयोध्या के लिए रवाना हुआ। महाराज दशरथ को खबर मिलने पर वह खुशी से झूम उठे और गाजे बाजे बजने लगे। नगर के सभी घरों में मंगल गीत होने लगा तदुपरांत पूरी तैयारी करके चक्रवर्ती सम्राट अवधेश ने मिथिला के लिए प्रस्थान किया। यहां पहुंच महाराजा जनक का आथित्य देख वह तन मन की सुध बुध खो बैठे।
राम और लक्ष्मण के सामने आते ही उनको हृदय से लगा लिया। इसके बाद विवाह का रस्म शुरु हुई ।
जिसमे पूजाई ,भांवरी गारीं के मधुर गानों के बीच बारातियों को भोजन कराने तक की प्रस्तुति बेमिसाल रहे। दर्शक खुद भी नाचते गाते झूमते देखे गए। महारानी सुनैना द्वारा सीता सहित चारों पुत्री को विदाई देख दर्शको की आंखों में आंसू छलक गए। और घर पहुंचने पर महाराज दशरथ द्वारा कौशल्या को आंखों की पलकों की तरह नवविवाहिताओं का संरक्षण करने का निर्देश देना सभी के दिल में उतर गया। इस अवसर पर कार्यक्रम संचालक व समिति के अध्यक्ष प्रधान कृष्ण कुमार त्रिपाठी, प्रदीप तिवारी ,महेश्वरी तिवारी ,विवेक कुमार, पुनीत तिवारी ,सुनील कुमार, नीरज कुमार, शैलेंद्र ,रवि कुमार, मुन्ना दुबे, अरुण कुमार ,ओंकार तिवारी ,पंकज दुबे व मुखिया दुबे आदि मौजूद रहे।


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