सिद्धार्थनगर जनपद के कपिलवस्तु विधानसभा क्षेत्र के कछार क्षेत्र के गांवों में सभा के दौरान आज बसपा नेता लोकसभा क्षेत्र डुमरियागंज के प्रभारी प्रत्याशी आफताब आलम ने कहा कि विकास को धर्म और मजबह के आधार पर नहीं बांटा जा सकता। क्या सूरज की रौशनी को बांटा जा सकता है, नदी के जल और जमीन पर बनने वाली सड़कों को धर्म के नाम पर बांटा जा सकता है? मगर नफरत के सौदागर यही खेल खेल रहे हैं। इस सच्चाई को जनता को समझना होगा। आज कछार क्षेत्र के ग्राम रीवां नानकार, बैरवा, गायघाट, अजगरा, ताल बगहिया, भटिया बाजार, उसका बाजार, देवलहवा आदि गांवों में जनसम्पर्क और सभा के दौरान आफताब आलम बहुत भावुक दिखे। उन्होंने कहा कि देश के कुछ सियासी लोग देश को नफरत के खंजर से चीर देना चाहते हैं। वह चाहते हैं कि चांद सूरज की रौशनी हिंदू और मुसलमान के बीच बंट जाये। हमारी नदियों कि किनारे हिंदू मुसलमान के नाम पर बंट जायें, हमारी सड़क की पटरियां हिंदू मुसलमान में बंट जायें, लेकिन सोचिए कि क्या ऐसा हो सकता है? उन्होंने कहा कि क्या प्रधानमंत्री जी या हमारे सांसद जी ऐसा कर सकते हैं? कल को अगर आपकी दुआओं और प्रेम से मै सांसद बन जाऊ तो क्या मै ऐसा कर सकता हूं, कतई नहीं।
इसलिए चुनाव में धार्मिक उन्माद नही फैलाया जाना चाहिए, बल्कि विकास की बात की जानी चाहिए। विकास अल्लाह या भगवान नहीं करते, विकास सरकारें करती हैं। अब आपको सोचना होगा कि देश धर्म के नाम चलेगा के या विकास के नाम पर? उन्होंने कहा कि राजनीति में धर्म वहीं लाते हैं, जो विकास नहीं करना चाहते। इसलिए आपको समझना होगा कि असलियत क्या है? उन्होंने कहा कि खुद को हिंदू राष्ट्रवादी कहने वाले प्रधानमंत्री जी पूरे भारत में एक ऐसा नल लगवा दें कि जिससे वैधानिक रूप से हिंदू धर्म के लोगों के अलावा कोई अन्य धर्म का आदमी पानी न पी सके तो मै आप सबसे अनुरोध करूंगा कि आप सब उनका समर्थन करें, लेकिन अगर वे ऐसा न कर सकें तो आपको विकास के नाम पर वोट देना होगा। इसलिए भाजपा के धर्म आधारित राजनीति को ठुकरा कर आपको गरीब, मजदूर, किसान समर्थक लोगों को वोट देना पड़ेगा, जिसमें आपका भाई आफताब अहमद आलम भी शामिल है। अंत में आफताब आलम ने कहा कि भाजपा सरकार किसान, मजदूर, गरीब, सबकी विरोधी है। इसलिए आपको किसान, गरीब समर्थक सरकार चुनना होगा। धार्मिक नाXरों को ठुकराना होगा, सेकुलर व्यवस्था अपनाना होगा।
कार्यक्रम में पी.आर.आजाद, घनश्याम गौतम, रामगति वरुण, शैलेन्द्र कुमार गौतम, राजाराम लोधी, मिश्रा, अमरेश पाल यादव, राकेश कुमार प्रजापति, रामशंकर मौर्य, त्रिल्लोकी नाथ तिवारी, सुभाष चन्द्र यादव, सीताराम यादव, सहसराम यादव, प्रमोद कुमार, बृजमोहन, पंचम पासवान, रामचंद्र यादव, दिनेश गौतम, अब्बास अली, सुरेन्द्र कुमार, कोमल प्रसाद, रामेश्वर निषाद, अवधराम, रामलखन, सूर्यबली आदि लोग उपस्थित रहे।
इसलिए चुनाव में धार्मिक उन्माद नही फैलाया जाना चाहिए, बल्कि विकास की बात की जानी चाहिए। विकास अल्लाह या भगवान नहीं करते, विकास सरकारें करती हैं। अब आपको सोचना होगा कि देश धर्म के नाम चलेगा के या विकास के नाम पर? उन्होंने कहा कि राजनीति में धर्म वहीं लाते हैं, जो विकास नहीं करना चाहते। इसलिए आपको समझना होगा कि असलियत क्या है? उन्होंने कहा कि खुद को हिंदू राष्ट्रवादी कहने वाले प्रधानमंत्री जी पूरे भारत में एक ऐसा नल लगवा दें कि जिससे वैधानिक रूप से हिंदू धर्म के लोगों के अलावा कोई अन्य धर्म का आदमी पानी न पी सके तो मै आप सबसे अनुरोध करूंगा कि आप सब उनका समर्थन करें, लेकिन अगर वे ऐसा न कर सकें तो आपको विकास के नाम पर वोट देना होगा। इसलिए भाजपा के धर्म आधारित राजनीति को ठुकरा कर आपको गरीब, मजदूर, किसान समर्थक लोगों को वोट देना पड़ेगा, जिसमें आपका भाई आफताब अहमद आलम भी शामिल है। अंत में आफताब आलम ने कहा कि भाजपा सरकार किसान, मजदूर, गरीब, सबकी विरोधी है। इसलिए आपको किसान, गरीब समर्थक सरकार चुनना होगा। धार्मिक नाXरों को ठुकराना होगा, सेकुलर व्यवस्था अपनाना होगा।
कार्यक्रम में पी.आर.आजाद, घनश्याम गौतम, रामगति वरुण, शैलेन्द्र कुमार गौतम, राजाराम लोधी, मिश्रा, अमरेश पाल यादव, राकेश कुमार प्रजापति, रामशंकर मौर्य, त्रिल्लोकी नाथ तिवारी, सुभाष चन्द्र यादव, सीताराम यादव, सहसराम यादव, प्रमोद कुमार, बृजमोहन, पंचम पासवान, रामचंद्र यादव, दिनेश गौतम, अब्बास अली, सुरेन्द्र कुमार, कोमल प्रसाद, रामेश्वर निषाद, अवधराम, रामलखन, सूर्यबली आदि लोग उपस्थित रहे।



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