शैलेष सोनकर की रिपोर्ट
राष्ट्रपति के साथ बदसलूकी की चौंकाने वाली खबर आई है। कोविंद और उनकी पत्नी सविता 18 मार्च को ओडिशा के श्री जगन्नाथ पुरी मंदिर दर्शन के लिए गए थे। इस दौरान उन दोनो के साथ कथित बदसलूकी का मामला सामने आया है। लेकिन इस बात का खुलासा मंदिर प्रशासन की बैठक के बाद रिपोर्ट में हआ । मामले की जांच अब जिला प्रशासन ने शुरू कर दी है।
मंदिर प्रशासन की रिपोर्ट के अनुसार मंदिर में सेवादारों के एक समूह ने कथित रूप से गर्भगृह के करीब राष्ट्रपति का रास्ता रोक लिया और उनकी पत्नी को धक्का दिया। राष्ट्रपति भवन ने इस बात पर कड़ी आपत्ती जताते हुए 19 मार्च को ही पुरी कलेक्टर अरविंद अग्रवाल को सेवादारों के आचरण को लेकर नोटिस भी भेजा था देख।
इसके बाद 20 मार्च को श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन ने बैठक की थी। बैठक के बाद रिपोर्ट में बताया गया कि राष्ट्रपति और उनकी पत्नी सविता कोविंद ठीक से दर्शन कर सकें, इसलिए सुबह 6.35 बजे से 8.40 बजे तक अन्य श्रद्धालुओं के लिए मंदिर बंद रखा गया था।
एक स्थानीय अखबार के अनुसार, जब राष्ट्रपति पुरी जगन्नाथ मंदिर के सबसे निचले हिस्से में रत्न सिंहासन के पास पहुंचे, तो एक सेवादार ने कथित तौर पर उन्हें रास्ता नहीं दिया। वहीं जब राष्ट्रपति और उनकी पत्नी दर्शन कर रहे थे, तो कुछ सेवादारों ने कथित रूप से दोनों को कोहनी मारी। इस मामले में मंदिर प्रशासन ने तीन सेवादारों को कारण बताओ नोटिस जारी करने का फैसला किया है।
राष्ट्रपति के साथ बदसलूकी की चौंकाने वाली खबर आई है। कोविंद और उनकी पत्नी सविता 18 मार्च को ओडिशा के श्री जगन्नाथ पुरी मंदिर दर्शन के लिए गए थे। इस दौरान उन दोनो के साथ कथित बदसलूकी का मामला सामने आया है। लेकिन इस बात का खुलासा मंदिर प्रशासन की बैठक के बाद रिपोर्ट में हआ । मामले की जांच अब जिला प्रशासन ने शुरू कर दी है।
मंदिर प्रशासन की रिपोर्ट के अनुसार मंदिर में सेवादारों के एक समूह ने कथित रूप से गर्भगृह के करीब राष्ट्रपति का रास्ता रोक लिया और उनकी पत्नी को धक्का दिया। राष्ट्रपति भवन ने इस बात पर कड़ी आपत्ती जताते हुए 19 मार्च को ही पुरी कलेक्टर अरविंद अग्रवाल को सेवादारों के आचरण को लेकर नोटिस भी भेजा था देख।
इसके बाद 20 मार्च को श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन ने बैठक की थी। बैठक के बाद रिपोर्ट में बताया गया कि राष्ट्रपति और उनकी पत्नी सविता कोविंद ठीक से दर्शन कर सकें, इसलिए सुबह 6.35 बजे से 8.40 बजे तक अन्य श्रद्धालुओं के लिए मंदिर बंद रखा गया था।
एक स्थानीय अखबार के अनुसार, जब राष्ट्रपति पुरी जगन्नाथ मंदिर के सबसे निचले हिस्से में रत्न सिंहासन के पास पहुंचे, तो एक सेवादार ने कथित तौर पर उन्हें रास्ता नहीं दिया। वहीं जब राष्ट्रपति और उनकी पत्नी दर्शन कर रहे थे, तो कुछ सेवादारों ने कथित रूप से दोनों को कोहनी मारी। इस मामले में मंदिर प्रशासन ने तीन सेवादारों को कारण बताओ नोटिस जारी करने का फैसला किया है।


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