सत्येन्द्र उपाध्याय की रिपोर्ट
गुजरात की राजधानी अहमदाबाद में मंगलवार को एक 45 साल की भिखारी महिला को भीड़ ने बच्चा चोर होने के शक में बुरी तरह पीट-पीटकर जान ले ली। इस दौरान तीन अन्य के साथ भी मारपीट की गई। मारपीट करने वाले लगभग 30 लोग थे।
शहर के सरदारनगर क्षेत्र की शांता देवी, आशूदेवी नाथ, लीलादेवी नाथ और अनासी नाथ से अहमदाबाद के वदाज में एक ऑटो में जा रहे थे जब अचानक कुछ लोगों ने उनपर हमला कर दिया। जल्दी ही आसपास के कुछ और लोग भी वहां पहुंच गए और महिलाओं को पीटने लगे।
वदाज पुलिस स्टेशल के इंस्पेक्टर जे ए राठवा ने बताया कि उनकी टीम महिलाओं को सिविल अस्पताल ले गई है जहां शांता देवी नाथ को मृत घोषित कर दिया गया जबकि अन्य घायल महिलाओं का इलाज चल रहा है। 30 लोगों के खिलाफ दंगा भड़काने का केस दर्ज कर लिया है।
इसी प्रकार सूरत के वराछा में भी बच्चा चोर गिरोह की अफवाह में एक महिला के साथ भीड़ ने मारपीट की। शादी के 23 साल बाद 43 की उम्र में मां बनीं महिला अपनी डेढ़ साल की बच्ची के साथ जा रही थी। उन्हें भीड़ ने घेर लिया और उसके साथ मारपीट कर दी। पुलिस मां-बेटी को थाने ले गई। फिर परिजन थाने पहुंचे, सच्चाई बताई तो दोनों को छोड़ दिया। पुलिस ने आरोपियों पर कार्रवाई करने के बजाए महिला के सामान चोरी होने का मामला दर्ज किया है।
गुजरात की राजधानी अहमदाबाद में मंगलवार को एक 45 साल की भिखारी महिला को भीड़ ने बच्चा चोर होने के शक में बुरी तरह पीट-पीटकर जान ले ली। इस दौरान तीन अन्य के साथ भी मारपीट की गई। मारपीट करने वाले लगभग 30 लोग थे।
शहर के सरदारनगर क्षेत्र की शांता देवी, आशूदेवी नाथ, लीलादेवी नाथ और अनासी नाथ से अहमदाबाद के वदाज में एक ऑटो में जा रहे थे जब अचानक कुछ लोगों ने उनपर हमला कर दिया। जल्दी ही आसपास के कुछ और लोग भी वहां पहुंच गए और महिलाओं को पीटने लगे।
वदाज पुलिस स्टेशल के इंस्पेक्टर जे ए राठवा ने बताया कि उनकी टीम महिलाओं को सिविल अस्पताल ले गई है जहां शांता देवी नाथ को मृत घोषित कर दिया गया जबकि अन्य घायल महिलाओं का इलाज चल रहा है। 30 लोगों के खिलाफ दंगा भड़काने का केस दर्ज कर लिया है।
इसी प्रकार सूरत के वराछा में भी बच्चा चोर गिरोह की अफवाह में एक महिला के साथ भीड़ ने मारपीट की। शादी के 23 साल बाद 43 की उम्र में मां बनीं महिला अपनी डेढ़ साल की बच्ची के साथ जा रही थी। उन्हें भीड़ ने घेर लिया और उसके साथ मारपीट कर दी। पुलिस मां-बेटी को थाने ले गई। फिर परिजन थाने पहुंचे, सच्चाई बताई तो दोनों को छोड़ दिया। पुलिस ने आरोपियों पर कार्रवाई करने के बजाए महिला के सामान चोरी होने का मामला दर्ज किया है।


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