शैलेष सोनकर की रिपोर्ट
बैंकों के 9 हजार करोड़ खाकर विदेश भागे तथा भारत सरकार की ओर से भगौड़ा घोषित किए जाने से परेशान विजय माल्या अब फिर से भारत लौटना चाहता है और बैंकों का पूरा कर्ज चुकाना चाहता है।इसके लिए विजय माल्या ने एक बयान जारी किया है। कर्ज नहीं चुकाने के मामले में चुप्पी तोड़ते हुए विजय माल्या ने कहा कि वह कर्ज चुकाने की हर संभव कोशिश कर रहे हैं। वह कर्ज चुकाने के लिए पहले से ही तैयार थे, लेकिन सरकार की तरफ से कोई मदद नहीं मिली।
माल्या के मुताबिक उसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री अरुण जेटली को 15 अप्रैल 2016 में चिट्ठी लिखी थी, लेकिन, कोई जवाब नहीं मिला। अब माल्या ने 22 जून को कर्नाटक हाईकोर्ट में अपील की है कि उसे 13900 करोड़ की संपत्ति बेचने की इजाजत मिले।
आपको बता दें कि पिछले हफ्ते प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने विशेष अदालत से भगोड़ा आर्थिक अपराधी अध्यादेश, 2018 के तहत माल्या को ‘भगोड़ा आर्थिक अपराधी’ घोषित करने की मांग की थी। इस अध्यादेश के तहत दायर की गई यह पहली अर्जी है। माना जा रहा है कि माल्या ने इसके जवाब में ही अपनी सफाई पेश की है।
माल्या ने कहा कि भारत में उसे बैंक धोखाधड़ी करने वालों का पोस्टर ब्वॉय बना दिया गया है। उनका नाम आते ही लोग भड़क उठते हैं। नेताओं और मीडिया ने ऐसे पेश किया जैसे मैं किंगफिशर एयरलाइंस को दिया गया कर्ज लेकर फरार हो गया हूं। कुछ बैंकों ने मुझे विलफुल डिफॉल्टर यानी जानबूझकर कर्ज नहीं चुकाने वाला घोषित कर दिया।
माल्या ने कहा कि ईडी ने मनी लांड्रिंग एक्ट के तहत मेरी और मेरे परिवार की संपत्ति जब्त कर ली है। इस संपत्ति का मूल्य करीब 13,900 करोड़ रुपए है। माल्या के मुताबिक, उसने इसे बेचने के लिए कर्नाटक हाईकोर्ट में 22 जून को आवेदन किया है।
इधर, विदेश राज्यमंत्री एमजे अकबर ने कहा कि देश छोड़कर भाग चुके शराब व्यवसायी विजय माल्या यदि अपना बैंक ऋण चुकाना चाहते थे, तो उनके पास ऐसा करने के लिए बहुत साल का समय था। यदि माल्या बैंकों को भुगतान करना चाहते थे, तो मेरे हिसाब से ऐसा करने के लिए उनके पास बहुत-बहुत साल थे।
बैंकों के 9 हजार करोड़ खाकर विदेश भागे तथा भारत सरकार की ओर से भगौड़ा घोषित किए जाने से परेशान विजय माल्या अब फिर से भारत लौटना चाहता है और बैंकों का पूरा कर्ज चुकाना चाहता है।इसके लिए विजय माल्या ने एक बयान जारी किया है। कर्ज नहीं चुकाने के मामले में चुप्पी तोड़ते हुए विजय माल्या ने कहा कि वह कर्ज चुकाने की हर संभव कोशिश कर रहे हैं। वह कर्ज चुकाने के लिए पहले से ही तैयार थे, लेकिन सरकार की तरफ से कोई मदद नहीं मिली।
माल्या के मुताबिक उसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री अरुण जेटली को 15 अप्रैल 2016 में चिट्ठी लिखी थी, लेकिन, कोई जवाब नहीं मिला। अब माल्या ने 22 जून को कर्नाटक हाईकोर्ट में अपील की है कि उसे 13900 करोड़ की संपत्ति बेचने की इजाजत मिले।
आपको बता दें कि पिछले हफ्ते प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने विशेष अदालत से भगोड़ा आर्थिक अपराधी अध्यादेश, 2018 के तहत माल्या को ‘भगोड़ा आर्थिक अपराधी’ घोषित करने की मांग की थी। इस अध्यादेश के तहत दायर की गई यह पहली अर्जी है। माना जा रहा है कि माल्या ने इसके जवाब में ही अपनी सफाई पेश की है।
माल्या ने कहा कि भारत में उसे बैंक धोखाधड़ी करने वालों का पोस्टर ब्वॉय बना दिया गया है। उनका नाम आते ही लोग भड़क उठते हैं। नेताओं और मीडिया ने ऐसे पेश किया जैसे मैं किंगफिशर एयरलाइंस को दिया गया कर्ज लेकर फरार हो गया हूं। कुछ बैंकों ने मुझे विलफुल डिफॉल्टर यानी जानबूझकर कर्ज नहीं चुकाने वाला घोषित कर दिया।
माल्या ने कहा कि ईडी ने मनी लांड्रिंग एक्ट के तहत मेरी और मेरे परिवार की संपत्ति जब्त कर ली है। इस संपत्ति का मूल्य करीब 13,900 करोड़ रुपए है। माल्या के मुताबिक, उसने इसे बेचने के लिए कर्नाटक हाईकोर्ट में 22 जून को आवेदन किया है।
इधर, विदेश राज्यमंत्री एमजे अकबर ने कहा कि देश छोड़कर भाग चुके शराब व्यवसायी विजय माल्या यदि अपना बैंक ऋण चुकाना चाहते थे, तो उनके पास ऐसा करने के लिए बहुत साल का समय था। यदि माल्या बैंकों को भुगतान करना चाहते थे, तो मेरे हिसाब से ऐसा करने के लिए उनके पास बहुत-बहुत साल थे।


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