सराहनीय : तहसीलदार इटवा राजेश अग्रवाल ने रात्रि में अग्नि पीड़ित छेदीलाल के घर पहुंचकर पोछें आंसू , निजी सहायता के रूप में खाद्यान्न की वस्तुओं को देने के साथशासन स्तर से मदद करने का दिया आश्वासन
मेराज़ मुस्तफा क़ी रिपोर्ट
सिद्धार्थनगर : मंगलवार को इटवा तहसील क्षेत्र के चूहीं ग्रान्ट निवासी छेदीलाल मौर्या के छप्परपोश मकान को अग्नि की भेंट चढ़ने के बाद पीड़ित परिवार के लिए इटवा तहसीलदार राजेश अग्रवाल मसीहा बनकर आए व तहसील प्रशासन की तरफ से तहसीलदार इटवा राजेश अग्रवाल ने रात्रि साढ़े सात बजे पीड़ित छेदीलाल के घर पहुंचकर निजी रूप से सहयोग करते हुए खाद्यान्न के लिए आवश्यक समस्त वस्तुओं का स्वयं प्रबंध किया । ज्ञात हो कि मंगलवार दोपहर एक बजे के करीब भोजन बनाने के लिए जलाए गए चूल्हे से निकली एक चिंगारी ने पूरे मकान को अपनी चपेट में ले लिया जिससे छेदीलाल व उसके पूरे परिवार ने अपना सब कुछ गवा दिया एवं स्थिति यह बन गई कि पीड़ित परिवार खुले आसमान के नीचे आने पर विवश होता कि उससे पहले ही ग्राम प्रधान शकील अहमद मनिहार ने अपने एक मकान को अस्थायी रूप से देकर सिर पर छत का आसरा देकर इंसानियत की मिसाल पेश की तो वहीं जैसे ही उक्त घटना की सूचना उपजिलाधिकारी इटवा त्रिभुवन कुमार को मिली तो उन्होंने तहसील प्रशासन की तरफ से तहसीलदार इटवा राजेश अग्रवाल से हल्का लेखपाल को भेजकर आग से हुए नुकसान का पूर्ण ब्यौरा प्राप्त करने को कहा परन्तु तहसीलदार राजेश अग्रवाल ने रात्रि के साढ़े सात बजे स्वयं अग्नि पीड़ित परिवार के घर पहुंच गए और स्थिति का आंकलन करने के लिए हल्का लेखपाल को निर्देश देते हुए निजी रूप से सहयोग कर खाद्यान्न की समस्त वस्तुओं के साथ वस्त्र व अपने वेतन से नकद धनराशि देकर एक बार पुनः तहसील प्रशासन की छवि को निखारने का कार्य किया । बताते चलें कि उपजिलाधिकारी त्रिभुवन कुमार व तहसीलदार राजेश अग्रवाल अपने मानव सेवाभाव के लिए तहसील क्षेत्र ही नही वरन पूरे जनपद में प्रख्यात हैं जिसके चलते आम जनमानस से लेकर सभी वर्गों के लोग दोनों प्रशासनिक अधिकारियों की सराहना करते नही थकते और इसकी बानगी एक बार फिर देखने को मिली जब चूहीं ग्रान्ट निवासी छेदीलाल मौर्या का परिवार अग्निकांड के चलते अपना सब कुछ गवा बैठे और हालात यह बन गए कि पत्नी लाली व पांच बच्चों के साथ दाने-दाने को मोहताज हो गए ऐसे में तहसीलदार इटवा राजेश अग्रवाल उनके लिए मसीहा बनकर उभरे और अपने मातहतों को सरकारी सहायता प्रदान करने का आदेश देने के साथ व्यक्तिगत रूप से खाने-पीने की वस्तुओं के अतिरिक्त वस्त्र व नकद धनराशि देकर मानवता को गौरवान्वित करने का कार्य किया। इस सम्बंध में वरिष्ठ पत्रकार व समाचार संपादक मेराज़ मुस्तफा से वार्ता करते हुए बताया कि तहसील प्रशासन पीड़ित परिवार के साथ है एवं पीड़ित परिवार के पास पात्र गृहस्थी कार्ड है जिसको अंत्योदय में हस्तांतरित करने का निर्देश दिया जा चुका है । इस दौरान तहसीलदार इटवा राजेश अग्रवाल सहित वरिष्ठ पत्रकार परवेज अहमद , मदरसा शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष शाहिद हुसेन , ग्राम प्रधान शकील अहमद , रवि व हल्का लेखपाल उपस्थित रहे ।
मेराज़ मुस्तफा क़ी रिपोर्ट
सिद्धार्थनगर : मंगलवार को इटवा तहसील क्षेत्र के चूहीं ग्रान्ट निवासी छेदीलाल मौर्या के छप्परपोश मकान को अग्नि की भेंट चढ़ने के बाद पीड़ित परिवार के लिए इटवा तहसीलदार राजेश अग्रवाल मसीहा बनकर आए व तहसील प्रशासन की तरफ से तहसीलदार इटवा राजेश अग्रवाल ने रात्रि साढ़े सात बजे पीड़ित छेदीलाल के घर पहुंचकर निजी रूप से सहयोग करते हुए खाद्यान्न के लिए आवश्यक समस्त वस्तुओं का स्वयं प्रबंध किया । ज्ञात हो कि मंगलवार दोपहर एक बजे के करीब भोजन बनाने के लिए जलाए गए चूल्हे से निकली एक चिंगारी ने पूरे मकान को अपनी चपेट में ले लिया जिससे छेदीलाल व उसके पूरे परिवार ने अपना सब कुछ गवा दिया एवं स्थिति यह बन गई कि पीड़ित परिवार खुले आसमान के नीचे आने पर विवश होता कि उससे पहले ही ग्राम प्रधान शकील अहमद मनिहार ने अपने एक मकान को अस्थायी रूप से देकर सिर पर छत का आसरा देकर इंसानियत की मिसाल पेश की तो वहीं जैसे ही उक्त घटना की सूचना उपजिलाधिकारी इटवा त्रिभुवन कुमार को मिली तो उन्होंने तहसील प्रशासन की तरफ से तहसीलदार इटवा राजेश अग्रवाल से हल्का लेखपाल को भेजकर आग से हुए नुकसान का पूर्ण ब्यौरा प्राप्त करने को कहा परन्तु तहसीलदार राजेश अग्रवाल ने रात्रि के साढ़े सात बजे स्वयं अग्नि पीड़ित परिवार के घर पहुंच गए और स्थिति का आंकलन करने के लिए हल्का लेखपाल को निर्देश देते हुए निजी रूप से सहयोग कर खाद्यान्न की समस्त वस्तुओं के साथ वस्त्र व अपने वेतन से नकद धनराशि देकर एक बार पुनः तहसील प्रशासन की छवि को निखारने का कार्य किया । बताते चलें कि उपजिलाधिकारी त्रिभुवन कुमार व तहसीलदार राजेश अग्रवाल अपने मानव सेवाभाव के लिए तहसील क्षेत्र ही नही वरन पूरे जनपद में प्रख्यात हैं जिसके चलते आम जनमानस से लेकर सभी वर्गों के लोग दोनों प्रशासनिक अधिकारियों की सराहना करते नही थकते और इसकी बानगी एक बार फिर देखने को मिली जब चूहीं ग्रान्ट निवासी छेदीलाल मौर्या का परिवार अग्निकांड के चलते अपना सब कुछ गवा बैठे और हालात यह बन गए कि पत्नी लाली व पांच बच्चों के साथ दाने-दाने को मोहताज हो गए ऐसे में तहसीलदार इटवा राजेश अग्रवाल उनके लिए मसीहा बनकर उभरे और अपने मातहतों को सरकारी सहायता प्रदान करने का आदेश देने के साथ व्यक्तिगत रूप से खाने-पीने की वस्तुओं के अतिरिक्त वस्त्र व नकद धनराशि देकर मानवता को गौरवान्वित करने का कार्य किया। इस सम्बंध में वरिष्ठ पत्रकार व समाचार संपादक मेराज़ मुस्तफा से वार्ता करते हुए बताया कि तहसील प्रशासन पीड़ित परिवार के साथ है एवं पीड़ित परिवार के पास पात्र गृहस्थी कार्ड है जिसको अंत्योदय में हस्तांतरित करने का निर्देश दिया जा चुका है । इस दौरान तहसीलदार इटवा राजेश अग्रवाल सहित वरिष्ठ पत्रकार परवेज अहमद , मदरसा शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष शाहिद हुसेन , ग्राम प्रधान शकील अहमद , रवि व हल्का लेखपाल उपस्थित रहे ।


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