दुर्गेश मद्धेशिया
कलयुग में श्रीमद् भागवत महापुराण लोगों को पुण्य प्रदान करने वाला पुराण है। इस महापुराण में जीवन का सार छुपा है जो कथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को सुनाया जाता है। धार्मिक, सामाजिक और लौकिक मर्यादाओं की स्थापना में यह कथा महत्वपूर्ण भूमिका अदा करती है। श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण करने मात्र से श्रीहरि विष्णु की कृपा मिलती है। यह बातें कथावाचक आचार्य पंडित राजदेव पाण्डेय शास्त्री जी ने शुक्रवार को लोटन ब्लाक के ग्राम रमवापुर में श्रीमद् भागवत कथा के दौरान कही। मनोज उपाध्याय के यहाँ आयोजन किया गया है।
कथा में रविवार की शाम कथावाचक पंडित राजदेव पाण्डेय शास्त्री जी ने भागवत कथा का महत्व बताते हुए कहा कि कलियुग में भागवत कथा का श्रवण करना सबसे पुण्यकारी है। भागवत कथा का श्रवण करने का अवसर भी लोगों को प्रभु की इच्छा से मिलती है। जो व्यक्ति भागवत कथा का श्रवण करता है उसके जीवन में सुख-समृद्धि आती है। आचार्य ने भक्त ध्रुव की कथा सुनाते हुए कहा कि सच्ची श्रद्धा से प्रभु की भक्ति करने पर भगवान की कृपा मिलती है। ध्रुव ने कठोर तप कर प्रभु को प्रसन्न कर सर्वश्रेष्ठ तारा का स्थान प्राप्त किया
कलयुग में श्रीमद् भागवत महापुराण लोगों को पुण्य प्रदान करने वाला पुराण है। इस महापुराण में जीवन का सार छुपा है जो कथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को सुनाया जाता है। धार्मिक, सामाजिक और लौकिक मर्यादाओं की स्थापना में यह कथा महत्वपूर्ण भूमिका अदा करती है। श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण करने मात्र से श्रीहरि विष्णु की कृपा मिलती है। यह बातें कथावाचक आचार्य पंडित राजदेव पाण्डेय शास्त्री जी ने शुक्रवार को लोटन ब्लाक के ग्राम रमवापुर में श्रीमद् भागवत कथा के दौरान कही। मनोज उपाध्याय के यहाँ आयोजन किया गया है।
कथा में रविवार की शाम कथावाचक पंडित राजदेव पाण्डेय शास्त्री जी ने भागवत कथा का महत्व बताते हुए कहा कि कलियुग में भागवत कथा का श्रवण करना सबसे पुण्यकारी है। भागवत कथा का श्रवण करने का अवसर भी लोगों को प्रभु की इच्छा से मिलती है। जो व्यक्ति भागवत कथा का श्रवण करता है उसके जीवन में सुख-समृद्धि आती है। आचार्य ने भक्त ध्रुव की कथा सुनाते हुए कहा कि सच्ची श्रद्धा से प्रभु की भक्ति करने पर भगवान की कृपा मिलती है। ध्रुव ने कठोर तप कर प्रभु को प्रसन्न कर सर्वश्रेष्ठ तारा का स्थान प्राप्त किया


No comments:
Post a Comment