चन्द्रकेश पटेल की रिपोर्ट-
ककरहवा।-नेपाल भारत सीमा पर तैनात एसएसबी की 43 वीं वाहिनी ककरहवा वीओपी के जवानों में ड्यूटी को लेकर चौकसी देखी गई। जहाँ वो 24 घण्टे सीमा पर इन ठण्डक जैसे मौसम में भी अपने ड्यूटी के प्रति हमेशा सजक रहते है। और पुरे दिन में लगातार सुबह से शाम तक हर आने जाने वाले लोगो पर उनकी पैनी नजर रहती है और हरपल वो चौकन्ने रहते है।इस दौरान ककरहवा कम्पनी कमांडर कमलेश यादव ने कहा की नेपाल बॉर्डर पर तस्करी की रोकथाम के लिए हमारी एसएसबी की टीम सतर्क हैं। बॉर्डर पर एसएसबी की निग़ाहें पैनी है तथा किसी भी कीमत पर तस्करी नहीं होने दिया जाएगा।भारत और नेपाल खुली सीमा होने के कारण सीमायी क्षेत्रों के गावों से हमें सहयोग भी मिलता है जिससे की तस्करों के मनसूबे को नाकाम करने में हम सफल होते है। इस दौरान ककरहवा कम्पनी इंस्पेक्टर कमलेश यादव ने बताया की एसएसबी सीमा सुरक्षा के साथ साथ समाज की सेवा करने का कार्य भी करती है। जिससे एसएसबी और ग्रामीण के लोगों में आपसी सामंजस्य भी स्थापित होती है। गावों के लोगों द्वारा भी हमें सहयोग मिलता है। जिससे हम देश विरोधी गतिविधियों को नाकाम करने में सफल होते है।इस दौरान लोगों में एसएसबी के प्रति आपसी सामंजस्य बना रहता है।
ककरहवा।-नेपाल भारत सीमा पर तैनात एसएसबी की 43 वीं वाहिनी ककरहवा वीओपी के जवानों में ड्यूटी को लेकर चौकसी देखी गई। जहाँ वो 24 घण्टे सीमा पर इन ठण्डक जैसे मौसम में भी अपने ड्यूटी के प्रति हमेशा सजक रहते है। और पुरे दिन में लगातार सुबह से शाम तक हर आने जाने वाले लोगो पर उनकी पैनी नजर रहती है और हरपल वो चौकन्ने रहते है।इस दौरान ककरहवा कम्पनी कमांडर कमलेश यादव ने कहा की नेपाल बॉर्डर पर तस्करी की रोकथाम के लिए हमारी एसएसबी की टीम सतर्क हैं। बॉर्डर पर एसएसबी की निग़ाहें पैनी है तथा किसी भी कीमत पर तस्करी नहीं होने दिया जाएगा।भारत और नेपाल खुली सीमा होने के कारण सीमायी क्षेत्रों के गावों से हमें सहयोग भी मिलता है जिससे की तस्करों के मनसूबे को नाकाम करने में हम सफल होते है। इस दौरान ककरहवा कम्पनी इंस्पेक्टर कमलेश यादव ने बताया की एसएसबी सीमा सुरक्षा के साथ साथ समाज की सेवा करने का कार्य भी करती है। जिससे एसएसबी और ग्रामीण के लोगों में आपसी सामंजस्य भी स्थापित होती है। गावों के लोगों द्वारा भी हमें सहयोग मिलता है। जिससे हम देश विरोधी गतिविधियों को नाकाम करने में सफल होते है।इस दौरान लोगों में एसएसबी के प्रति आपसी सामंजस्य बना रहता है।


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