सिद्धार्थनगर। लोकसभा डुमरियागंज के प्रभारी प्रत्याशी आफताब आलम ने कहा कि वर्तमान शासन ने जनता पर अत्याचार की सारी सीमाएं तोड़ दीं हैं। ऐसे में जनता को चाहिए कि वे इस जनविरोधी सरकार का तख्ता उखाड़ कर नई सरकार के गठन में योगदान दें। असल में जिस देश की जनता जागती है, उसी देश में विकास की शीतल हवा मिल सकती है। रविवार को शोहरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र के महला चैराहा, मोहम्मदपुर, बजहा बाजार, बहादुरपुर जनसम्पर्क के दौरान आफताब आलम ने कहा कि आजादी के बाद की यह सबसे बड़ी जन विरोधी और किसान विरोधी सरकार है।
एक तरफ यह पूंजीपतियों को महंगाई बढाने की पूरी छूट दिये हुए है। दूसरी तरफ किसानों को उनकी पैदावार का लाभकारी मूल्य देने से भाग रही है। वर्तमान सरकार में देश की जनता के दिल टूटते जा रहे हैं, लिहाजा समाज में शान्ति की सरहद पर खतरा बढ़ता जा रहा है। इससे पहले कि यह सरकार अराजक हो जाये, जनता पर अत्याचार बढ़ जाए, इनका तम्बू और बम्बू उखाड़ फेंकना होगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने शिक्षा के निजीकरण को बढ़ावा देकर किसान के बच्चों की शिक्षा महंगी कर दिया है। उन्होंने कहा कि आज सरकारी कर्मचारी भी आंदोलित हैं। अंगनबाडियों, शिक्षा मित्रों का शोषण हो रहा है। ये युवा भी किसानों के ही घर के हैं। पूजीपतियों के घर के लोग इन नौकरियों में नहीं हैं। नलकूप चालकों, की अलग परेशानियां हैं। डाक विभाग की मांगे बहुत दिन से लम्बित हैं। इस सब मुश्किंलों का सम्बंध अप्रत्यक्ष तौर पर किसानों से ही है। किसान खून के आसूं रो रहा है। मजदूर तक को गुजरात से मार कर खदेड़ा जा रहा है और प्रधानमंत्री मोदी साहेब को इसकी फिक्र ही नहीं है। अंत में आफताब आलम ने जनता से अपील किया कि इस सरकार को सबक सिखाने के लिए जरूरी है कि आगामी चुनाव में उसे हराया जाये। उन्होंने कहा कि आप सरकार बदलो हम व्यवस्था बदल कर दिखायेंगे। आप सभी से सहयोग की अपील है आने वाले 2019 में हाथी वाला बटन दबाकर अपना सेवक चुने।
दौरे में उनके साथ दिनेश चन्द्र गौतम, अमजद प्रधान, ओमप्रकाश, मुनीराम राजभर, सुभकरन चैधरी, विभूति निषाद, राममिलन भारती, रामदेव चैहान, डॉ०प्रेमचन्द्र, राहुल, धर्मपाल, सुनील, सुधिराम, महेंद्र, रहमतुल्लाह, हरिराम, वंशराज, राजकुमार, मनोज मिश्र, राजाराम लोधी, अमरेशपाल प्रेमनारायण, नियाज अहमद, मुनीराम, परवेज अहमद, इश्तियाक आदि लोग मौजूद रहे ।
एक तरफ यह पूंजीपतियों को महंगाई बढाने की पूरी छूट दिये हुए है। दूसरी तरफ किसानों को उनकी पैदावार का लाभकारी मूल्य देने से भाग रही है। वर्तमान सरकार में देश की जनता के दिल टूटते जा रहे हैं, लिहाजा समाज में शान्ति की सरहद पर खतरा बढ़ता जा रहा है। इससे पहले कि यह सरकार अराजक हो जाये, जनता पर अत्याचार बढ़ जाए, इनका तम्बू और बम्बू उखाड़ फेंकना होगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने शिक्षा के निजीकरण को बढ़ावा देकर किसान के बच्चों की शिक्षा महंगी कर दिया है। उन्होंने कहा कि आज सरकारी कर्मचारी भी आंदोलित हैं। अंगनबाडियों, शिक्षा मित्रों का शोषण हो रहा है। ये युवा भी किसानों के ही घर के हैं। पूजीपतियों के घर के लोग इन नौकरियों में नहीं हैं। नलकूप चालकों, की अलग परेशानियां हैं। डाक विभाग की मांगे बहुत दिन से लम्बित हैं। इस सब मुश्किंलों का सम्बंध अप्रत्यक्ष तौर पर किसानों से ही है। किसान खून के आसूं रो रहा है। मजदूर तक को गुजरात से मार कर खदेड़ा जा रहा है और प्रधानमंत्री मोदी साहेब को इसकी फिक्र ही नहीं है। अंत में आफताब आलम ने जनता से अपील किया कि इस सरकार को सबक सिखाने के लिए जरूरी है कि आगामी चुनाव में उसे हराया जाये। उन्होंने कहा कि आप सरकार बदलो हम व्यवस्था बदल कर दिखायेंगे। आप सभी से सहयोग की अपील है आने वाले 2019 में हाथी वाला बटन दबाकर अपना सेवक चुने।
दौरे में उनके साथ दिनेश चन्द्र गौतम, अमजद प्रधान, ओमप्रकाश, मुनीराम राजभर, सुभकरन चैधरी, विभूति निषाद, राममिलन भारती, रामदेव चैहान, डॉ०प्रेमचन्द्र, राहुल, धर्मपाल, सुनील, सुधिराम, महेंद्र, रहमतुल्लाह, हरिराम, वंशराज, राजकुमार, मनोज मिश्र, राजाराम लोधी, अमरेशपाल प्रेमनारायण, नियाज अहमद, मुनीराम, परवेज अहमद, इश्तियाक आदि लोग मौजूद रहे ।



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