सिद्धार्थनगर। आर्थिक रूप से सक्षम व्यक्ति अगर गरीब और असहायों का दर्द नहीं समझता तो, वह बड़ा आदमी तो बन सकता है, लेकिन वह अच्छा इंसान नहीं बन सकता। अच्छे आदमी तो शबरी के जूठे बेर खाते है और रैदास की कठौती में गंगा का दर्शन करते हैं।
खुद को गरीब चायवाला कहने वाला जब गरीबों की मदद के बजाएं देश के पूंजीपतियों के साथ जाडे में सर्दी विहीन रात का यहसास करने लगे तो समझिए कि मुल्क में गरीबों के दर्द का एहसास करने वालासें की तादाद घट रही है। यह बात डुमरियागंज लोकसभा क्षेत्र के बसपा प्रभारी/ प्रत्याशी आफॅताब आलम ने कहा। वे बांसी विधान सभा क्षेत्र के दोआबा के इलाके के ग्राम नटवा, बड़हरघाट, रेहरा, मऊ गांव में कंबल वितरण के बाद के बाद जनसभाओं को सम्बोधित कर रहे थे। इन गांवों में आफताब आलम ने तकरीबन 2 हजार लोगों को कम्बल प्रदान किया और उनकी दुआएं हासिल कीं। इन सभाओं में उन्होंने कहा कि बांसी जैसे कछारों में रहने वाली जनता सर्दी में कंबलों के लिए और बाढ़ के समय अस्थाई बसेरे के लिए तरसती है और गरीब का चायवाला बेटा दस लाख का सूट पहन कर अडानियों अंबानियों से गले मिलता है। ये देश और देश के गरीब, मजदूर, किसान के लिए बेहद अफसोसनाक है।
आफताब आलम ने कहा कि अब गरीब तबके को जाति धर्म के आधार पर वोट देना छोड़ कर विकास के नाम पर वोट देना होगा। उन्होंने जिले के विकास कार्यों पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि पूरे देश का विकास ठप है। पिछले चार सालों से ककरहवा राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण अधर में हैं। यही हाल समूचे देश का है। अभी प्रधानमंत्री ने हरियाना के रिवाड़ी में अर्धनिर्मित पेरीफेरयल एक्सप्रेस वे का उद्घाटन कर डाला। यह कांग्रेस राज से ही बन रहा था और अभी तक पूरा नहीं बना है।लेकिन प्रधान मंत्री जी ने अधूरे मार्ग का उदृघाटन कर दिया। दरअसल प्रधानमंत्री विकास के नाम पर अभी पिछली सरकार के निर्माण कार्यों का फीता काट रहे हैं।
इन सभाओं में लोग.राजेन्द्र कमल, दिनेश चन्द्र गौतम, अबरार हुसैन, शमीम अहमद, भरतलाल निषाद, वीरू पासवान, सतेन्द्र गौतम, जयराम गौतम, रामनयन आनन्द, महमूद अली, मो. कैफ, परवेज अहमद, एम.पी. दूबे, महताब इद्रीसी, छागुर प्रसाद, अमरपाल साहनी, राजाराम लोधी, अमरेश पाल यादव, राम कृपाल मौर्य आदि शामिल रहे।
खुद को गरीब चायवाला कहने वाला जब गरीबों की मदद के बजाएं देश के पूंजीपतियों के साथ जाडे में सर्दी विहीन रात का यहसास करने लगे तो समझिए कि मुल्क में गरीबों के दर्द का एहसास करने वालासें की तादाद घट रही है। यह बात डुमरियागंज लोकसभा क्षेत्र के बसपा प्रभारी/ प्रत्याशी आफॅताब आलम ने कहा। वे बांसी विधान सभा क्षेत्र के दोआबा के इलाके के ग्राम नटवा, बड़हरघाट, रेहरा, मऊ गांव में कंबल वितरण के बाद के बाद जनसभाओं को सम्बोधित कर रहे थे। इन गांवों में आफताब आलम ने तकरीबन 2 हजार लोगों को कम्बल प्रदान किया और उनकी दुआएं हासिल कीं। इन सभाओं में उन्होंने कहा कि बांसी जैसे कछारों में रहने वाली जनता सर्दी में कंबलों के लिए और बाढ़ के समय अस्थाई बसेरे के लिए तरसती है और गरीब का चायवाला बेटा दस लाख का सूट पहन कर अडानियों अंबानियों से गले मिलता है। ये देश और देश के गरीब, मजदूर, किसान के लिए बेहद अफसोसनाक है।
आफताब आलम ने कहा कि अब गरीब तबके को जाति धर्म के आधार पर वोट देना छोड़ कर विकास के नाम पर वोट देना होगा। उन्होंने जिले के विकास कार्यों पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि पूरे देश का विकास ठप है। पिछले चार सालों से ककरहवा राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण अधर में हैं। यही हाल समूचे देश का है। अभी प्रधानमंत्री ने हरियाना के रिवाड़ी में अर्धनिर्मित पेरीफेरयल एक्सप्रेस वे का उद्घाटन कर डाला। यह कांग्रेस राज से ही बन रहा था और अभी तक पूरा नहीं बना है।लेकिन प्रधान मंत्री जी ने अधूरे मार्ग का उदृघाटन कर दिया। दरअसल प्रधानमंत्री विकास के नाम पर अभी पिछली सरकार के निर्माण कार्यों का फीता काट रहे हैं।
इन सभाओं में लोग.राजेन्द्र कमल, दिनेश चन्द्र गौतम, अबरार हुसैन, शमीम अहमद, भरतलाल निषाद, वीरू पासवान, सतेन्द्र गौतम, जयराम गौतम, रामनयन आनन्द, महमूद अली, मो. कैफ, परवेज अहमद, एम.पी. दूबे, महताब इद्रीसी, छागुर प्रसाद, अमरपाल साहनी, राजाराम लोधी, अमरेश पाल यादव, राम कृपाल मौर्य आदि शामिल रहे।




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