सिद्धार्थनगर। राजनीति सिर्फ वोट और जय विजय की नहीं होती। इंसानियत की सेवा ही सबसे बड़ी और अच्छी राजनीति है। जिस दिन किसी सियासत दान के लिए किसी गरीब असहाय के मुह से आशीष और दुआएं निकलें, तो समझिये की उसकी राजनीति धन्य हो गई और उसने चुनाव ही नहीं पूरी सियासत पर फतह हासिल कर लिया। उपरोक्त विचार बसपा नेता और डुमरियागेज लोकसभा सीट से पार्टी के घोषित उम्मीदवार आफताब आलम ने व्यक्त किया। वे रविवार को सदर तहसील के ग्राम फुलवरिया, ठोठरी बाजार और बहादुरपुर में आयोजित कम्बल वितरण कार्यक्रम को
सम्बोधित कर रहे थे। इन आयोजनों में आफताब आलम ने जरूरत मंदों असहायों के बीच एक हजार कम्बल का वितरण किया। उन्होंने कहा कम्बल वितरण का यह कार्यक्रम आगे भी चलता रहेगा। आफताब आलम ने कहा कि देश मेंगरीब काकोई पुरसाहाल नही है। सरकार की आर्थिक नीतियों ने गरीबों की रोटी छान ली। जीएसटी को लोग कर और मनरेगा मेधन की कटौती कर मोदी सरकार ने गरीब को पंगु कर दिया है। मजूदर और बेसहारा तबका आज मदद के लिए दूसरों की राह ताक रहा है। यह बहुत दुखद स्थिति है। लेकिन उन्हें उम्मीद है कि सम्पन्न वर्ग गरीबों की मदद जरूर करेगा। अंत में उन्होंने कहा कि इस भीषण ठंड से गरीबों को निजात दिलाने के लिए कोई अकेला आदमी कुछ नहीं कर सकता। इसलिए सभी जाति धर्म के सम्पन्न लोगों को इस पुनीत काम में आगे बढ़ कर हाथ बंटाना चाहिए।
तीनों कार्यक्रमों में पी.आर.आजाद, दिनेश चन्द्र गौतम, रामशंकर मौर्य, राममिलन भारती, जहूर खान, रामगति वरुण, नन्हे पांडे, चन्द्रिका गौतम, बृजमोहन, फिरोज सिद्दीकी, विश्राम, रामधनी, राकेश प्रजापति, अमरेश पाल, मनोज मिश्रा, प्रेम नारायण सिंह, लवकुश, शमीम, परवेज अहमद, राजाराम राम लोधी, शम्स तबरेज, तैय्यब अली, चुन्नीलाल, रजत तिवारी आदि लोग उपस्थित रहे।
सम्बोधित कर रहे थे। इन आयोजनों में आफताब आलम ने जरूरत मंदों असहायों के बीच एक हजार कम्बल का वितरण किया। उन्होंने कहा कम्बल वितरण का यह कार्यक्रम आगे भी चलता रहेगा। आफताब आलम ने कहा कि देश मेंगरीब काकोई पुरसाहाल नही है। सरकार की आर्थिक नीतियों ने गरीबों की रोटी छान ली। जीएसटी को लोग कर और मनरेगा मेधन की कटौती कर मोदी सरकार ने गरीब को पंगु कर दिया है। मजूदर और बेसहारा तबका आज मदद के लिए दूसरों की राह ताक रहा है। यह बहुत दुखद स्थिति है। लेकिन उन्हें उम्मीद है कि सम्पन्न वर्ग गरीबों की मदद जरूर करेगा। अंत में उन्होंने कहा कि इस भीषण ठंड से गरीबों को निजात दिलाने के लिए कोई अकेला आदमी कुछ नहीं कर सकता। इसलिए सभी जाति धर्म के सम्पन्न लोगों को इस पुनीत काम में आगे बढ़ कर हाथ बंटाना चाहिए।
तीनों कार्यक्रमों में पी.आर.आजाद, दिनेश चन्द्र गौतम, रामशंकर मौर्य, राममिलन भारती, जहूर खान, रामगति वरुण, नन्हे पांडे, चन्द्रिका गौतम, बृजमोहन, फिरोज सिद्दीकी, विश्राम, रामधनी, राकेश प्रजापति, अमरेश पाल, मनोज मिश्रा, प्रेम नारायण सिंह, लवकुश, शमीम, परवेज अहमद, राजाराम राम लोधी, शम्स तबरेज, तैय्यब अली, चुन्नीलाल, रजत तिवारी आदि लोग उपस्थित रहे।



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