बढ़या - सिद्धार्थनगर : लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ माने जाने वाले पत्रकारिता जगत को एक तरफ जहां तथाकथित पत्रकारों द्वारा खोखला किया जा रहा वहीं कुछ ऐसे भी कलम के सिपाही हैं जो समाज के समक्ष वास्तविकता रखने में जरा भी नही हिचकिचाते और ईमानदारीपूर्वक बिना किसी दबाव व भय के अपनी कलम की धार से भ्रष्टाचारियों की जड़ उखाड़ फेंकने में अहम भूमिका अदा कर रहे जिनमें एक ऐसे ही वरिष्ठ पत्रकार परवेज अहमद भी हैं जो हिन्दी दैनिक समाचार पत्र हिन्दुस्तान में बतौर सीनियर जर्नलिस्ट कार्यरत हैं। इटवा तहसील क्षेत्र के मिश्रौलिया खालसा के मूल एवं वर्तमान में बढ़या निवासी परवेज अहमद द्वारा पत्रकारिता के क्षेत्र में विगत दस वर्षों से निरंतर बिना किसी स्वार्थ के केवल जनहित को ध्यान में रखते हुए जिस तरह कार्य कर रहे वह बेहद सराहनीय है । क्षेत्रीय पत्रकारिता में परवेज अहमद द्वारा अवैध खनन सहित बिना परमिशन हरे वृक्षों के कटान सहित भ्रष्टाचार के खिलाफ जिस बेबाकी के साथ अपनी कलम का प्रयोग कर रहे उससे उन भ्रष्टाचारियों में दहशत का माहौल बन चुका है जो अवैध खनन से लेकर हरे भरे पेड़ों को काटकर अपनी जेबें भरने में व्यस्त रहते हैं । क्षेत्रीय लोगों में रेहरा उर्फ भैसाही निवासी युवा ग्राम प्रधान / पत्रकार व युवा रचनाकार मेराज़ मुस्तफा ने कहा कि आज जब मीडिया एक ऐसे दौर से गुजर रहा जहां लोगों का विश्वास मीडिया से एकदम उठ ही गया है लेकिन परवेज अहमद द्वारा जिस तरह लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ पत्रकारिता धर्म का पालन करते हुए हम सभी के समक्ष हकीकत को सही ढंग से पेश कर रहे उसकी जितनी सराहना की जाए कम ही है।
अपने बेबाक अंदाज के लिए पहचाने जाने वाले वरिष्ठ पत्रकार परवेज अहमद की कर्तव्यनिष्ठा व ईमानदारीपूर्वक पत्रकारिता करने के बारे में भगवतपुर निवासी सपा के इटवा विधानसभाध्यक्ष कमरूज्जमां खां का कहना है कि परवेज अहमद द्वारा जिस तरह से जमीनी हकीकत को पेश करना इस दौर में जब लोगों का पत्रकारिता पर से विश्वास उठ रहा एक संजीवनी के समान है । पत्रकारिता जगत को गौरवान्वित करने वाले परवेज अहमद जैसे सच्चे कलमकारों की जितनी तारीफ की जाए वह कम ही है।
अपने बेबाक अंदाज के लिए पहचाने जाने वाले वरिष्ठ पत्रकार परवेज अहमद की कर्तव्यनिष्ठा व ईमानदारीपूर्वक पत्रकारिता करने के बारे में भगवतपुर निवासी सपा के इटवा विधानसभाध्यक्ष कमरूज्जमां खां का कहना है कि परवेज अहमद द्वारा जिस तरह से जमीनी हकीकत को पेश करना इस दौर में जब लोगों का पत्रकारिता पर से विश्वास उठ रहा एक संजीवनी के समान है । पत्रकारिता जगत को गौरवान्वित करने वाले परवेज अहमद जैसे सच्चे कलमकारों की जितनी तारीफ की जाए वह कम ही है।


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