गिरधारी पाडेय कि रिपोर्ट
सरकार के आदेश का किया जा रहा है आलोचना ग्राम पंचायत मोहम्मदपुर विकास खंड भनवापुर सरकार द्वारा सुकृत शौचालय की संख्या 69 है जिसमें मौजूदा ग्राम प्रधान व सिकरेटरी द्वारा किया गया बंदरबांट जबकि लगभग 20 शौचालय से हैं की जमीन में न्यू नहीं रखी गई और कागज में पूर्ण बन गया है और चेक भी ₹12000 की दे दिया गया है लेकिन शौचालय आज तक नहीं बना और बाकी शौचालय जो 4 साल पुराने बन्नी थे उन शौचालय के नाम से 50% के बटवारा पर चेक दे दिया गया है ऐसी दशा में साफ जाहिर है कि शासनादेश की धज्जियां उड़ाई जा रही है क्योंकि शासनादेश इतना सख्त होने के बाद अधिकारी व कर्मचारी देखो फा जहां सरकार ने ग्राम पंचायत में घर घर शौचालय बनवाने का निर्देश दिया था लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा है सिकरेटरी हो प्रधान के मिलीभगत से यह कार्य किया जा रहा है जबकि जिम्मेदार अधिकारी व कर्मचारी से जांच करके कार्रवाई की मांग की गई तो आज तक टालमटोल करते रहे जबकि जबीउल्ला की औरत शौचालय में प्रधान को ₹2000 रिसोर्ट लेने की शिकायत सिकरेटरी से कहीं तो उस महिला का बात नहीं माना गया इससे अस्पष्ट हाेकी सिकरेटरी हो प्रधान आपस में दोनों बंदरबांट करने में मिले हुए हैं ऐसी दशा को देखते हुए भारी से भारी जांच कराकर प्रधान वह सिकरेटरी के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई किया जाए तथा जो पुराना शौचालय दिखाकर चेक वितरण किया गया है और जो शौचालय केवल कागज में बने हैं उन लोगों से तत्काल रिकवरी वसूली किया जाए और सिकरेटरी धीरेंद्र कुमार प्रधान सनातन निशा के खिलाफ कठोर कार्रवाई किया जाना उचित है ।
सरकार के आदेश का किया जा रहा है आलोचना ग्राम पंचायत मोहम्मदपुर विकास खंड भनवापुर सरकार द्वारा सुकृत शौचालय की संख्या 69 है जिसमें मौजूदा ग्राम प्रधान व सिकरेटरी द्वारा किया गया बंदरबांट जबकि लगभग 20 शौचालय से हैं की जमीन में न्यू नहीं रखी गई और कागज में पूर्ण बन गया है और चेक भी ₹12000 की दे दिया गया है लेकिन शौचालय आज तक नहीं बना और बाकी शौचालय जो 4 साल पुराने बन्नी थे उन शौचालय के नाम से 50% के बटवारा पर चेक दे दिया गया है ऐसी दशा में साफ जाहिर है कि शासनादेश की धज्जियां उड़ाई जा रही है क्योंकि शासनादेश इतना सख्त होने के बाद अधिकारी व कर्मचारी देखो फा जहां सरकार ने ग्राम पंचायत में घर घर शौचालय बनवाने का निर्देश दिया था लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा है सिकरेटरी हो प्रधान के मिलीभगत से यह कार्य किया जा रहा है जबकि जिम्मेदार अधिकारी व कर्मचारी से जांच करके कार्रवाई की मांग की गई तो आज तक टालमटोल करते रहे जबकि जबीउल्ला की औरत शौचालय में प्रधान को ₹2000 रिसोर्ट लेने की शिकायत सिकरेटरी से कहीं तो उस महिला का बात नहीं माना गया इससे अस्पष्ट हाेकी सिकरेटरी हो प्रधान आपस में दोनों बंदरबांट करने में मिले हुए हैं ऐसी दशा को देखते हुए भारी से भारी जांच कराकर प्रधान वह सिकरेटरी के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई किया जाए तथा जो पुराना शौचालय दिखाकर चेक वितरण किया गया है और जो शौचालय केवल कागज में बने हैं उन लोगों से तत्काल रिकवरी वसूली किया जाए और सिकरेटरी धीरेंद्र कुमार प्रधान सनातन निशा के खिलाफ कठोर कार्रवाई किया जाना उचित है ।

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