चन्द्रकेश पटेल क़ी रिपोर्ट
ककरहवा। भारत नेपाल सीमा के मित्र राष्ट्र नेपाल के भगवान गौतमबुद्ध की जन्मस्थली लुम्बिनी को जोड़ने वाली मुख्य सड़क पर ठेकेदारों के चलते कई लोग हादसे का शिकार बन जाते है। सड़क बिभाग के आले अधिकारियों तथा ठेकेदारों के लापरवाहिओ से आये दिन इस लुम्बिनी मार्ग पर छोटी गिट्टियों की वजह से मोटरसाइकिल व् साइकिल फिसल कर लोग घायल हो जाते है और कई लोग तो बड़े हादसे के शिकार भी हो जाते है। जहाँ प्रशासन कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है और मानों की फिर किसी बड़ी घटना का इन्तजार कर रही हो।
ठेकेदारों के इस हीला हवाली रवैये के सामने जैसे प्रशासन भी मौन साबित हो रही है । इतनी घटनाओं होने के बावजूद भी शासन और प्रशासन की नींद नहीं टूट रही है । ऐसे में राहीगीरो के लिए सफ़र करना मौत का सामना करने के बराबर जैसा लगता है। और वहीं जिम्मेदारों किशन यादव,नफीस अहमद,दीलिप लोध,शम्भु पटेल,मो रफीक,संसुजोहा,बालाजी,संजय,सुहेल अहमद शेख,महबूब,का कहना है की जब से यह सड़क बना है तब से कई घटना हो चुकी है जिसमे सारी घटनाओ का कारण सड़क के किनारे में पड़ी छोटी गिट्टियां है जिससे लोग फिसल कर घटना के शिकार हो जाते है।
ककरहवा। भारत नेपाल सीमा के मित्र राष्ट्र नेपाल के भगवान गौतमबुद्ध की जन्मस्थली लुम्बिनी को जोड़ने वाली मुख्य सड़क पर ठेकेदारों के चलते कई लोग हादसे का शिकार बन जाते है। सड़क बिभाग के आले अधिकारियों तथा ठेकेदारों के लापरवाहिओ से आये दिन इस लुम्बिनी मार्ग पर छोटी गिट्टियों की वजह से मोटरसाइकिल व् साइकिल फिसल कर लोग घायल हो जाते है और कई लोग तो बड़े हादसे के शिकार भी हो जाते है। जहाँ प्रशासन कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है और मानों की फिर किसी बड़ी घटना का इन्तजार कर रही हो।
ठेकेदारों के इस हीला हवाली रवैये के सामने जैसे प्रशासन भी मौन साबित हो रही है । इतनी घटनाओं होने के बावजूद भी शासन और प्रशासन की नींद नहीं टूट रही है । ऐसे में राहीगीरो के लिए सफ़र करना मौत का सामना करने के बराबर जैसा लगता है। और वहीं जिम्मेदारों किशन यादव,नफीस अहमद,दीलिप लोध,शम्भु पटेल,मो रफीक,संसुजोहा,बालाजी,संजय,सुहेल अहमद शेख,महबूब,का कहना है की जब से यह सड़क बना है तब से कई घटना हो चुकी है जिसमे सारी घटनाओ का कारण सड़क के किनारे में पड़ी छोटी गिट्टियां है जिससे लोग फिसल कर घटना के शिकार हो जाते है।


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