अविनाश सोनकर
अंबेडकरनगर। गैर इरादतन हत्या के मामले में तीन आरोपियों को जनपद न्यायाधीश अमरजीत त्रिपाठी ने 10-10 साल की सजा सुनाई है। तीनों अभियुक्तों पर दस-दस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
मामला वर्ष 2009 में इब्राहिमपुर थाना क्षेत्र का है। गांव निवासी रामकरन वर्मा ने थाने में दी तहरीर में कहा कि उसका भाई राधेश्याम फसल की सिंचाई के लिए ट्यूबवेल पर मौजूद था। लगभग आधी रात घूरनपुर गांव निवासी सुरजीत व संदीप तथा गोशाईगंज थाना क्षेत्र के देवापुर निवासी सोनू ने वहां पहुंचकर उसके भाई पर हमला बोल दिया। उसकी पिटाई कर मरणासन्न कर दिया। गुहार पर वे मौके पर पहुंचे।
घायल को प्राथमिक उपचार के बाद तत्काल मेडिकल कॉलेज लखनऊ ले जाया गया। वहां चार दिन तक चले इलाज के बाद राधेश्याम की मौत हो गई। पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर आरोपियों को जेल भेज दिया।
इसी मामले में अब सुनवाई करते हुए जनपद न्यायाधीश अमरजीत त्रिपाठी ने तीनों अभियुक्तों को मामले में दोषी पाया। उन्हें दस-दस वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। तीनों पर दस-दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। आदेश में कहा गया कि यदि धनराशि की अदायगी नहीं की जाती है, तो तीन तीन माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
अंबेडकरनगर। गैर इरादतन हत्या के मामले में तीन आरोपियों को जनपद न्यायाधीश अमरजीत त्रिपाठी ने 10-10 साल की सजा सुनाई है। तीनों अभियुक्तों पर दस-दस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
मामला वर्ष 2009 में इब्राहिमपुर थाना क्षेत्र का है। गांव निवासी रामकरन वर्मा ने थाने में दी तहरीर में कहा कि उसका भाई राधेश्याम फसल की सिंचाई के लिए ट्यूबवेल पर मौजूद था। लगभग आधी रात घूरनपुर गांव निवासी सुरजीत व संदीप तथा गोशाईगंज थाना क्षेत्र के देवापुर निवासी सोनू ने वहां पहुंचकर उसके भाई पर हमला बोल दिया। उसकी पिटाई कर मरणासन्न कर दिया। गुहार पर वे मौके पर पहुंचे।
घायल को प्राथमिक उपचार के बाद तत्काल मेडिकल कॉलेज लखनऊ ले जाया गया। वहां चार दिन तक चले इलाज के बाद राधेश्याम की मौत हो गई। पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर आरोपियों को जेल भेज दिया।
इसी मामले में अब सुनवाई करते हुए जनपद न्यायाधीश अमरजीत त्रिपाठी ने तीनों अभियुक्तों को मामले में दोषी पाया। उन्हें दस-दस वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। तीनों पर दस-दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। आदेश में कहा गया कि यदि धनराशि की अदायगी नहीं की जाती है, तो तीन तीन माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।

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