सिद्धार्थनगर/ककरहवा- कस्बे को रोशन करने के लिए हाईमास्ट लगाया गया था,जो हाथी का दाँत बनकर रह गया है। हाईमास्ट लगने के बाद कस्बेवासियों को उम्मीद जगी की अब हमारा भी चौराहा रात के अंधेरे में रोशन होगा ,परन्तु विभागीय उपेक्षा एवम् देखरेख के अभाव में कस्बे में लगे हाईमास्ट सिर्फ एक वर्ष तक ही चल सकी।जिससे शाम होते ही बाजार अंधरे में डूब जाता है।
जानकारी के अनुसार सीमावर्ती क़स्बा होने के कारण अंधेरे का लाभ उठाकर तस्करो द्वारा तस्करी के काम को अंजाम दिया जा रहा है।तस्करी रोकने व कस्बेवासीयो को अंधरे से निजात दिलाने को वर्ष 2004 में विधायक कोष से कस्बे में दो हाईमास्ट लगाये गये थे। कस्बा नेपाल सीमा से सटे होने के कारण रात में भी आवागमन होता रहता है,अंधेरा रहने के कारण इस पार से उस पार आने जाने वाले व कस्बेवासीयो को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
कस्बेवासी जयप्रकाश गुप्ता,परमात्मा गुप्ता,सोनूअग्रहरी,किशन यादव,दिलीप,विजय गुप्ता,मंटू,बाला जी, भवानी शंकर,कृष्णकुमार त्रिपाठी,बालमुकुन्द जयसवाल,आदि ने जनहित को ध्यान में रखते हुए प्रशासन से हाईमास्ट को जल्द से जल्द ठीक कराने की माँग की।
जानकारी के अनुसार सीमावर्ती क़स्बा होने के कारण अंधेरे का लाभ उठाकर तस्करो द्वारा तस्करी के काम को अंजाम दिया जा रहा है।तस्करी रोकने व कस्बेवासीयो को अंधरे से निजात दिलाने को वर्ष 2004 में विधायक कोष से कस्बे में दो हाईमास्ट लगाये गये थे। कस्बा नेपाल सीमा से सटे होने के कारण रात में भी आवागमन होता रहता है,अंधेरा रहने के कारण इस पार से उस पार आने जाने वाले व कस्बेवासीयो को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
कस्बेवासी जयप्रकाश गुप्ता,परमात्मा गुप्ता,सोनूअग्रहरी,किशन यादव,दिलीप,विजय गुप्ता,मंटू,बाला जी, भवानी शंकर,कृष्णकुमार त्रिपाठी,बालमुकुन्द जयसवाल,आदि ने जनहित को ध्यान में रखते हुए प्रशासन से हाईमास्ट को जल्द से जल्द ठीक कराने की माँग की।


No comments:
Post a Comment