मेराज़ मुस्तफा की विशेष रिपोर्ट
सिद्धार्थनगर:- पूर्वांचल के सिद्धार्थनगर जनपद की गिनती सदैव पिछड़े क्षेत्रों में की जाती रही है जबकि भगवान बुद्ध की इस धरती ने राजनीति,कला,साहित्य समेत हर क्षेत्र में अतुल्यनीय योगदान देने वालों को अपनी कोख से जन्म दिया जिनके द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में किए गए कार्य हमेशा सिद्धार्थनगर को गौरवान्वित करते रहेंगे परन्तु पीड़ादायक बात यह है कि ऐसी अनमोल विभूतियों को जन्म देकर भी सिद्धार्थनगर की गिनती शिक्षा के मामले में पिछड़े क्षेत्रों में क्यों की जाती है?
इसी बात का प्रभाव सिद्धार्थनगर के इटवा तहसील क्षेत्र अंतर्गत आने वाले रेहरा उर्फ भैसाही के युवा शाहिद सिराज पर इस कदर पड़ा कि उन्होंने बिना किसी संसाधनों के स्वयं आगे बढ़कर अशिक्षा के इस कलंक को दूर करने का संकल्प ले लिया।मूलतः इटवा तहसील के रेहरा उर्फ भैसाही निवासी सिराजुद्दीन खां एडवोकेट के तीन पुत्रों में सबसे बड़े शाहिद सिराज ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा के पश्चात हाईस्कूल से आगे की शिक्षा के लिए अलीगढ़ चले गए जहां उन्होंने विश्वविख्यात अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से परास्नातक की शिक्षा पूर्ण करने के बाद गांव में कुछ समय बिताने आए तो मध्यम व निम्न वर्ग के लोगों की संकुचित धारणाओं को देख उनके मन में एक टीस सी उभरी क्योंकि हालात ही कुछ ऐसे थे कि मध्यम व निम्न वर्ग के लोग अपनी बेटियों को शिक्षा दिलाने की बजाय घर के कार्यों में निपुण होने पर ज्यादा महत्व देते थे लोगों की इसी सोच को बदलने के लिए तीन वर्ष पूर्व शाहिद सिराज ने अपने दादाजी मरहूम अब्बास चौधरी के नाम से एक एजुकेशनल ट्रस्ट को पंजीकृत करवाया व इटवा तहसील क्षेत्र के बढ़या में किराए के भवन में लड़कियों की शिक्षा के लिए अब्बास चौधरी मेमोरियल एजुकेशनल इंस्टीट्यूट की स्थापना की।शाहिद सिराज द्वारा अशिक्षा रूपी अन्धकार दूर करने के उनके द्वारा लिए गए संकल्प के प्रति पहला कदम था जिसमें उन्हें उनके पिता एडवोकेट सिराजुद्दीन खां का भी सहयोग मिलने से शाहिद सिराज को अत्यधिक प्रोत्साहन मिला।अब्बास चौधरी मेमोरियल एजुकेशनल इंस्टीट्यूट की स्थापना के बाद शाहिद सिराज ने ऐसे लोगों के लिए पाठ्यक्रम लाने का प्रयास किया जो परिवारिक स्थितियों अथवा आर्थिक विषमताओं के चलते अपनी शिक्षा को छोड़ने पर विवश हो गए थे ऐसे में दूरस्थ शिक्षा प्रणाली के पाठ्यक्रम की मान्यता प्राप्त कर सह शिक्षा की दिशा में अगला कदम बढ़ाया जिससे बढ़या ही नही वरन जनपद के विभिन्न स्थानों से भारी संख्या में युवक-युवतियों ने अपनी अधूरी शिक्षा को पूर्ण करने के लिए आवेदन किया और शाहिद सिराज के कुशल प्रबंधन एवं अनुभवी शिक्षकों के द्वारा उत्कृष्ट शिक्षण व्यवस्था से अब तक सैकड़ों युवक-युवतियों ने स्नातक व परास्नातक की शिक्षा पूर्ण कर डिग्री प्राप्त की।शाहिद सिराज द्वारा शुरू किए गए अशिक्षा रूपी अन्धकार को दूर करने के दृढ़ संकल्प ने किराए के भवन से शुरू की गई इस यात्रा को उनके प्रयासों द्वारा अधिक बल उस समय मिला जब उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा डिजिटल शिक्षा के द्वारा लोगों को एक निर्धारित पाठ्यक्रम द्वारा रोजगार देने की योजना के तहत उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन की शुरुआत की गई ततपश्चात शाहिद सिराज के अथक प्रयास से कौशल विकास मिशन का केन्द्र अब्बास चौधरी मेमोरियल एजुकेशनल इंस्टीट्यूट को मिला जहां आधुनिक शिक्षा प्राप्ति का सुनहरा अवसर क्षेत्रीय युवक-युवतियों को मिला एवं छात्रों को मनमुताबिक कोर्स के चयन की सुविधा मिलने से अलग-अलग विषयों में डिप्लोमा करके सरकार द्वारा निश्चित रोजगार देने की योजना के तहत शाहिद सिराज ने समय-समय पर रोजगार मेले में अब्बास चौधरी मेमोरियल एजुकेशनल इंस्टीट्यूट द्वारा प्राप्त डिप्लोमा से लाभान्वित होकर निजी क्षेत्र के विभिन्न कम्पनियों में कार्यरत होकर अपने पैरों पर खड़े हैं।अब्बास चौधरी मेमोरियल ट्रस्ट के अध्यक्ष एडवोकेट सिराजुद्दीन खां से जब इस विषय में बात की गई तो उन्होंने बताया कि शाहिद सिराज ने समाज के हित में विशेषकर लड़कियों की शिक्षा का जो प्रबंध किया उससे उन्हें शाहिद सिराज पर फख्र है।शाहिद सिराज ने अपने द्वारा शुरू किए गए इस कदम को यहीं नही थमने दिया एवं विगत तेरह नवम्बर को स्वयं की भूमि अब्बास चौधरी मेमोरियल एजुकेशनल ट्रस्ट के नाम करते हुए किराए के इस भवन से शुरू किए गए कार्य को मंजिल तक पहुंचाने के लिए अब्बास चौधरी मेमोरियल एजुकेशनल इंस्टीट्यूट के भवन का शिलान्यास उपजिलाधिकारी इटवा श्री त्रिभुवन कुमार द्वारा किया गया जिसके निर्माण कार्य को जल्द से जल्द पूर्ण करने के लिए जीतोड़ मेहनत कर रहे जिसमें उनके साथ परिवार के सभी सदस्यों के अतिरिक्त मित्रगण व शुभचिंतकों का भरपूर सहयोग मिल रहा।शाहिद सिराज द्वारा समाज हित में किए जा रहे इस कार्य की सराहना करते हुए डुमरियागंज लोकसभा क्षेत्र के पूर्व सांसद हाजी मोहम्मद मुकीम,सपा के इटवा विधानसभा अध्यक्ष कमरूज्जमां खां,रेहरा उर्फ भैसाही निवासी प्रधानाध्यापक मुस्तफा हुसेन खां,शिक्षक व वरिष्ठ पत्रकार परवेज अहमद हिन्दुस्तानी,युवा संघ के महासचिव अरशद अहमद,युवा संघ के उपाध्यक्ष व सिसवां बुजुर्ग निवासी डॉ.जंगबहादुर चौधरी,बेलवा निवासी वरिष्ठ बसपा नेता हाजी मोहम्मद शकील,बेलवा निवासी वरिष्ठ समाजसेवी मोहम्मद इसराईल,मदरसा शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष शाहिद हुसेन आदि ने शाहिद सिराज को बधाई देते हुए उजव्वल भविष्य की कामना की है।
सिद्धार्थनगर:- पूर्वांचल के सिद्धार्थनगर जनपद की गिनती सदैव पिछड़े क्षेत्रों में की जाती रही है जबकि भगवान बुद्ध की इस धरती ने राजनीति,कला,साहित्य समेत हर क्षेत्र में अतुल्यनीय योगदान देने वालों को अपनी कोख से जन्म दिया जिनके द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में किए गए कार्य हमेशा सिद्धार्थनगर को गौरवान्वित करते रहेंगे परन्तु पीड़ादायक बात यह है कि ऐसी अनमोल विभूतियों को जन्म देकर भी सिद्धार्थनगर की गिनती शिक्षा के मामले में पिछड़े क्षेत्रों में क्यों की जाती है?
इसी बात का प्रभाव सिद्धार्थनगर के इटवा तहसील क्षेत्र अंतर्गत आने वाले रेहरा उर्फ भैसाही के युवा शाहिद सिराज पर इस कदर पड़ा कि उन्होंने बिना किसी संसाधनों के स्वयं आगे बढ़कर अशिक्षा के इस कलंक को दूर करने का संकल्प ले लिया।मूलतः इटवा तहसील के रेहरा उर्फ भैसाही निवासी सिराजुद्दीन खां एडवोकेट के तीन पुत्रों में सबसे बड़े शाहिद सिराज ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा के पश्चात हाईस्कूल से आगे की शिक्षा के लिए अलीगढ़ चले गए जहां उन्होंने विश्वविख्यात अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से परास्नातक की शिक्षा पूर्ण करने के बाद गांव में कुछ समय बिताने आए तो मध्यम व निम्न वर्ग के लोगों की संकुचित धारणाओं को देख उनके मन में एक टीस सी उभरी क्योंकि हालात ही कुछ ऐसे थे कि मध्यम व निम्न वर्ग के लोग अपनी बेटियों को शिक्षा दिलाने की बजाय घर के कार्यों में निपुण होने पर ज्यादा महत्व देते थे लोगों की इसी सोच को बदलने के लिए तीन वर्ष पूर्व शाहिद सिराज ने अपने दादाजी मरहूम अब्बास चौधरी के नाम से एक एजुकेशनल ट्रस्ट को पंजीकृत करवाया व इटवा तहसील क्षेत्र के बढ़या में किराए के भवन में लड़कियों की शिक्षा के लिए अब्बास चौधरी मेमोरियल एजुकेशनल इंस्टीट्यूट की स्थापना की।शाहिद सिराज द्वारा अशिक्षा रूपी अन्धकार दूर करने के उनके द्वारा लिए गए संकल्प के प्रति पहला कदम था जिसमें उन्हें उनके पिता एडवोकेट सिराजुद्दीन खां का भी सहयोग मिलने से शाहिद सिराज को अत्यधिक प्रोत्साहन मिला।अब्बास चौधरी मेमोरियल एजुकेशनल इंस्टीट्यूट की स्थापना के बाद शाहिद सिराज ने ऐसे लोगों के लिए पाठ्यक्रम लाने का प्रयास किया जो परिवारिक स्थितियों अथवा आर्थिक विषमताओं के चलते अपनी शिक्षा को छोड़ने पर विवश हो गए थे ऐसे में दूरस्थ शिक्षा प्रणाली के पाठ्यक्रम की मान्यता प्राप्त कर सह शिक्षा की दिशा में अगला कदम बढ़ाया जिससे बढ़या ही नही वरन जनपद के विभिन्न स्थानों से भारी संख्या में युवक-युवतियों ने अपनी अधूरी शिक्षा को पूर्ण करने के लिए आवेदन किया और शाहिद सिराज के कुशल प्रबंधन एवं अनुभवी शिक्षकों के द्वारा उत्कृष्ट शिक्षण व्यवस्था से अब तक सैकड़ों युवक-युवतियों ने स्नातक व परास्नातक की शिक्षा पूर्ण कर डिग्री प्राप्त की।शाहिद सिराज द्वारा शुरू किए गए अशिक्षा रूपी अन्धकार को दूर करने के दृढ़ संकल्प ने किराए के भवन से शुरू की गई इस यात्रा को उनके प्रयासों द्वारा अधिक बल उस समय मिला जब उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा डिजिटल शिक्षा के द्वारा लोगों को एक निर्धारित पाठ्यक्रम द्वारा रोजगार देने की योजना के तहत उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन की शुरुआत की गई ततपश्चात शाहिद सिराज के अथक प्रयास से कौशल विकास मिशन का केन्द्र अब्बास चौधरी मेमोरियल एजुकेशनल इंस्टीट्यूट को मिला जहां आधुनिक शिक्षा प्राप्ति का सुनहरा अवसर क्षेत्रीय युवक-युवतियों को मिला एवं छात्रों को मनमुताबिक कोर्स के चयन की सुविधा मिलने से अलग-अलग विषयों में डिप्लोमा करके सरकार द्वारा निश्चित रोजगार देने की योजना के तहत शाहिद सिराज ने समय-समय पर रोजगार मेले में अब्बास चौधरी मेमोरियल एजुकेशनल इंस्टीट्यूट द्वारा प्राप्त डिप्लोमा से लाभान्वित होकर निजी क्षेत्र के विभिन्न कम्पनियों में कार्यरत होकर अपने पैरों पर खड़े हैं।अब्बास चौधरी मेमोरियल ट्रस्ट के अध्यक्ष एडवोकेट सिराजुद्दीन खां से जब इस विषय में बात की गई तो उन्होंने बताया कि शाहिद सिराज ने समाज के हित में विशेषकर लड़कियों की शिक्षा का जो प्रबंध किया उससे उन्हें शाहिद सिराज पर फख्र है।शाहिद सिराज ने अपने द्वारा शुरू किए गए इस कदम को यहीं नही थमने दिया एवं विगत तेरह नवम्बर को स्वयं की भूमि अब्बास चौधरी मेमोरियल एजुकेशनल ट्रस्ट के नाम करते हुए किराए के इस भवन से शुरू किए गए कार्य को मंजिल तक पहुंचाने के लिए अब्बास चौधरी मेमोरियल एजुकेशनल इंस्टीट्यूट के भवन का शिलान्यास उपजिलाधिकारी इटवा श्री त्रिभुवन कुमार द्वारा किया गया जिसके निर्माण कार्य को जल्द से जल्द पूर्ण करने के लिए जीतोड़ मेहनत कर रहे जिसमें उनके साथ परिवार के सभी सदस्यों के अतिरिक्त मित्रगण व शुभचिंतकों का भरपूर सहयोग मिल रहा।शाहिद सिराज द्वारा समाज हित में किए जा रहे इस कार्य की सराहना करते हुए डुमरियागंज लोकसभा क्षेत्र के पूर्व सांसद हाजी मोहम्मद मुकीम,सपा के इटवा विधानसभा अध्यक्ष कमरूज्जमां खां,रेहरा उर्फ भैसाही निवासी प्रधानाध्यापक मुस्तफा हुसेन खां,शिक्षक व वरिष्ठ पत्रकार परवेज अहमद हिन्दुस्तानी,युवा संघ के महासचिव अरशद अहमद,युवा संघ के उपाध्यक्ष व सिसवां बुजुर्ग निवासी डॉ.जंगबहादुर चौधरी,बेलवा निवासी वरिष्ठ बसपा नेता हाजी मोहम्मद शकील,बेलवा निवासी वरिष्ठ समाजसेवी मोहम्मद इसराईल,मदरसा शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष शाहिद हुसेन आदि ने शाहिद सिराज को बधाई देते हुए उजव्वल भविष्य की कामना की है।


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