हमारे वेब चैनल को खबरें एवं विज्ञापन देने हेतु सम्पर्क करें - 9454274470

LightBlog

Breaking

Monday, December 17, 2018

जनविरोधी सरकार को हटाने के लिए कमर कस ले कार्यकर्ता- आफताब

सिद्धार्थनगर। बसपा नेता और डुमरियागंज लोकसभा प्रभारी/प्रत्याशी आफताब आलम ने शोहरतगढ विधानसभा क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक गांवों में जनसम्पर्क कर मोदी सरकार को सवालों के कटघरे में खड़ा किया तथा जनता को आगाह किया कि आगामी लोकसभा चुनाव में इस जनविरोधी सरकार को हटाने के लिए अभी से तैयार रहें। सोमवार को विधानसभा क्षेत्र बभनी, डोईया चैराहा, नीबी गाव, बगुलहवा, भदवा परोसना, भदवा, आदि गांवों में जनता से सीधे संवाद करते हुए बसपा डुमरियागंज प्रभारी आफताब आलम ने दावा किया कि यह सरकार जनता के ज्वलंत सवालों से लोगों को ध्यान भटका रही है। आज देश में इसकी नीतियों से धार्मिक नफरत बढ़ रही है। किसान और जवान मर रहे हैं। नौजवान खून के आंसू रो रहा है और मोदी- योगी की सरकार जनता की भावनाओं को कुचल रही है। आफताब आलम ने जनता से कहा कि जब भाजपा के लिए लोग आपके गांव में वोट मांगने आयें तो आप उनसे सवाल करिए कि  क्या पेट्रोल और डीजल के दाम घट गये और क्या किसान की उपज का दाम दूना कर दिया? क्या खाद बीज के दाम घट गये? अगर भाजपा के लोग इन सवालों का जवाब न दे सकें तो आप भी उन्हें भूल कर वोट न करें। आफताब आलम ने कहा कि भाजपा एक राजनैतिक दल नहीं, ईस्ट इंडिया कम्पनी जैसी एक प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी है। वह पूंजीपतियों की मदद से देश की जनता का धन लूट रही है दूसरी तरफ हिंदू- मुस्लिम में भेद पैदा कर सत्ता पर कब्जा करने का काम कर रही है। जनता की भलाई और विकास आदि उनके एजेंडे में है ही नहीं। अंत में आफताब आलम ने कहा कि देश का व्यक्ति या पार्टी जनता को अपने एजेंडे से निकाल दे, देश की जनता को चाहिए कि उस व्यक्ति या पार्टी को अपने एजेंडे के तहत चुनाव से बाहर कर देना चाहिए। उसी तर्ज पर जनता को भाजपा को अगले चुनाव में जीत के खांचे से बाहर कर देना चाहिए।
जनसम्पर्क कार्यक्रम में उनके साथ पी.आर.आजाद, राममिलन भारती, मुनीराम राजभर, दिनेश चन्द्र गौतम, अमजद प्रधान, डा0 ओमपरकाश, विभूती निषाद, शुभकरन चैधरी, सजाउददीन, अरविन्द कननौजिया, हरीराम भारती, हीरालाल कुरिल, शमीम अहमद जिला उपाध्यक्ष, बंसबहादुर, रामपाल, दानबहादुर चैधरी, परवेज अहमद, मनोज कुमार मिश्रा,राजाराम लोधी, अमरेश पालयादव, आदि लोग उपस्थित रहे।   
   
   


No comments: