राजस्थान और मध्य प्रदेश के शपथग्रहण समारोहों में कांग्रेस ने विपक्षी नेताओं को एक मंच पर लाकर शक्ति प्रदर्शन की कोशिश की, हालांकि इसमें बीएसपी सुप्रीमो मायावती और समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव की कमी रह गई।
जयपुर के अल्बर्ट हॉल में हुए गहलोत के शपथ ग्रहण में आए विपक्षी नेता कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की बस में सवार दिखे। राहुल के ट्विटर हैंडल से एक तस्वीर पोस्ट की गई, जिसमें वह बस में पूर्व पीएम मनमोहन सिंह के पास बैठे दिख रहे थे। खास बात यह थी कि इसी बस में शरद यादव, फारूक अब्दुल्ला और शरद पवार जैसे विपक्ष के दिग्गज नेता भी बैठे थे।
2019 में पीएम पद की उम्मीदवारी लिए राहुल गांधी का पुरजोर समर्थन करने वाले डीएमके नेता स्टालिन भी बस में राहुल के पीछे मौजूद थे। इसी तरह मध्य प्रदेश में दोपहर बाद कमलनाथ के शपथ ग्रहण में भी कुछ विपक्षी नेता संसद की कार्यवाही के बाद सीधे भोपाल में नजर आए।
जानकार बताते हैं कि कांग्रेस अध्यक्ष ये संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं कि वो आम लोगों के साथ दिल से जुड़े हुए हैं। अगर वो सामान्य जन की बात करते हैं तो उसे व्यवहार में उतारते में भी है। राजनीति में सांकेतिक प्रदर्शनों का महत्व होता है, जनता के एक बड़े तबके को ये बताने की कोशिश होती है कि वो खुद आम लोगों की दिक्कतों को महसूस करते हैं।


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