434 स्कूलों में रुम टू रीड की सुविधा है वहां स्कूलों के बच्चों को ले जाकर शिक्षको द्वारा बच्चों को प्रोत्साहित किया जाए-सुरेन्द्र सिंह
वाराणसी।जिलाधिकारी सुरेन्द्र सिंह ने सोमवार को होटल रिजन्सी के सभागार में आयोजित जिला स्तरीय शिक्षाधिकारियों के एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि बच्चों में प्रतियोगी क्षमता तथा आत्म विश्वास का भाव पैदा करना सबसे जरुरी है और रूम टू रीड इन क्षमताओं को विकसित करने में बड़ी भूमिका निभा सकता है।
जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह ने कहा कि रूम टू रीड के माध्यम से बच्चों में शिक्षा के प्रति उत्साह और कांफिडेंस पैदा किया जा सकता है। उन्हें वहां स्थापित पुस्तकालय में पुस्तकों के जरिए शिक्षा के प्रति लगाव पैदा किया जा सकेगा। जिन 434 स्कूलों में रुम टू रीड की सुविधा है वहां उन स्कूलों के बच्चों को आस-पास के रुम टू रीड वाले स्कूलों में ले जा कर शिक्षकों द्वारा उन बच्चों को भी प्रोत्साहित किया जाए। जिन स्कूलों में यह सुविधा नहीं है। सरकारी तथा प्राइवेट स्कूलों के बच्चों में शिक्षा, खेलकूद व सांस्कृतिक क्षेत्रों में प्रतियोगिताएं आयोजित करायें। उन्होंने शिक्षाधिकारियों को निर्देशित किया कि अगले 15 दिनो में इस तरह की प्रतियोगिताएं आयोजित कराई जाएं। उन्होंने 200-300 और स्कूलों में रुम टू रीड स्थापित कराकर सारे स्कूलों को कवर कराने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रुप से जोर देते हुए कहा कि जिला विद्यालय निरीक्षक तथा बेसिक शिक्षा अधिकारी को प्राइमरी स्कूल के बच्चों को पास के प्राइवेट स्कूलों में भ्रमण करायें। जिस प्रकार प्राइवेट स्कूलों के बच्चे सरकारी स्कूलों में आते हैं।
वाराणसी।जिलाधिकारी सुरेन्द्र सिंह ने सोमवार को होटल रिजन्सी के सभागार में आयोजित जिला स्तरीय शिक्षाधिकारियों के एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि बच्चों में प्रतियोगी क्षमता तथा आत्म विश्वास का भाव पैदा करना सबसे जरुरी है और रूम टू रीड इन क्षमताओं को विकसित करने में बड़ी भूमिका निभा सकता है।
जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह ने कहा कि रूम टू रीड के माध्यम से बच्चों में शिक्षा के प्रति उत्साह और कांफिडेंस पैदा किया जा सकता है। उन्हें वहां स्थापित पुस्तकालय में पुस्तकों के जरिए शिक्षा के प्रति लगाव पैदा किया जा सकेगा। जिन 434 स्कूलों में रुम टू रीड की सुविधा है वहां उन स्कूलों के बच्चों को आस-पास के रुम टू रीड वाले स्कूलों में ले जा कर शिक्षकों द्वारा उन बच्चों को भी प्रोत्साहित किया जाए। जिन स्कूलों में यह सुविधा नहीं है। सरकारी तथा प्राइवेट स्कूलों के बच्चों में शिक्षा, खेलकूद व सांस्कृतिक क्षेत्रों में प्रतियोगिताएं आयोजित करायें। उन्होंने शिक्षाधिकारियों को निर्देशित किया कि अगले 15 दिनो में इस तरह की प्रतियोगिताएं आयोजित कराई जाएं। उन्होंने 200-300 और स्कूलों में रुम टू रीड स्थापित कराकर सारे स्कूलों को कवर कराने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रुप से जोर देते हुए कहा कि जिला विद्यालय निरीक्षक तथा बेसिक शिक्षा अधिकारी को प्राइमरी स्कूल के बच्चों को पास के प्राइवेट स्कूलों में भ्रमण करायें। जिस प्रकार प्राइवेट स्कूलों के बच्चे सरकारी स्कूलों में आते हैं।

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