हमारे वेब चैनल को खबरें एवं विज्ञापन देने हेतु सम्पर्क करें - 9454274470

LightBlog

Breaking

Friday, December 14, 2018

मौत के गड्ढे : बीच सड़क में मौत रूपी गड्ढों को घने होते कोहरे ने प्रदान की और ताकत , जिम्मेदार मौन

मेराज़ मुस्तफा की विशेष रिपोर्ट
सिद्धार्थनगर:- जैसे-जैसे ठंड बढ़ रही साथ में कोहरों का प्रभाव भी बढ़ता जा रहा ऐसे में घने कोहरों के दौरान आपके सामने बीच सड़क में कोई गड्ढा आ जाए जो आपको घने कोहरों की वजह से बिल्कुल भी न दिखे तो समझ जाइये प्रशासन ने आपके लिए स्वयं यमराज को उस जगह पता बताकर भेज दिया है।ऐसे हादसे प्रतिवर्ष होते रहते हैं जिसमें लाखों लोग अपने प्राणों से हाथ धो बैठते हैं और जिम्मेदार मीडिया के द्वारा बस यह कहकर कि "इस विषय मे कोई जानकारी नही दी गई थी लेकिन मैं स्वयं जांच कर सम्बंधित ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्यवाई हेतु शासन से अनुरोध करूंगा" औपचारिक रूप से तकिया कलाम बन चुका है। मौत के ऐसे कई गड्ढे सिद्धार्थनगर के सभी मुख्य मार्गों व गाँवों को जोड़ने वाले सड़कों पर मिलेंगे जो हर माह न जाने कितने घरों के दीपक बुझाने का काम करते हैं। इटवा तहसील क्षेत्र के इटवा-बेलवा मार्ग से बढ़या-कठेला मार्ग के अतिरिक्त बेलवा से मिश्रौलिया खालसा मार्ग व रेहरा उर्फ भैसाही से मोहम्मदनगर मार्ग पर स्थित गड्ढे तो बानगी भर हैं अगर देखा जाए तो ऐसे मौत के गड्ढों की गिनती करने के लिए सप्ताह भर से अधिक का समय भी कम पड़ेगा जिस पर यह बात बिल्कुल सटीक बैठती है कि "सड़क में गड्ढे हैं या गड्ढों में सड़क "। क्षेत्रीय लोगों में बढ़या निवासी शिक्षक व वरिष्ठ
पत्रकार परवेज अहमद हिन्दुस्तानी का कहना है कि प्रदेश में भाजपा सरकार आने के बाद  जब योगी सरकार ने सड़कों को एक निश्चित समयावधि में गड्ढा मुक्त करने का निर्देश दिया तो उम्मीद जागृत हुई कि अब सड़क हादसों में किसी घर का दीपक नही बुझेगा लेकिन सरकार के फरमान का भी सम्बंधित विभाग पर कोई असर नही पड़ रहा। मोहम्मदनगर निवासी
अरशद अहमद , डॉ. मोहम्मद हुसेन , कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व मीडिया प्रभारी कमाल अहमद ने बताया कि मोहम्मदनगर - कुसम्ही मार्ग पर चारपहिया वाहन लेकर जाने का मतलब है खुद के पैरो पर कुल्हाड़ी मारना।सपा के वरिष्ठ नेता इटवा विधानसभा अध्यक्ष कमरूज्जमां खां व बढ़या के पूर्व प्रधान जमाल अहमद का कहना है पूर्ववर्ती सपा सरकार में हर गांव को मुख्य मार्ग से जोड़ने के लिए और सभी टूटी हुई सड़को को नए सिरे से बनाने की कयावद शुरू की गई थी जिसमें तकरीबन पैसठ फीसदी कार्य पूर्ण भी हो चुका था परंतु वर्तमान सरकार के आने के बाद से विकास कार्यों को विराम लग गया तथा मुख्यमंत्री के आदेश को भी प्रशासनिक अमला गम्भीरता से नही लेकर स्पष्ट कर रहा कि ऐसे आदेश सिर्फ हवा-हवाई ही हैं।खैरा खास निवासी सरोज कुमार मौर्या उर्फ सूरज मौर्या व भर भरसाथा निवासी पूर्व प्रधान संजय कुमार चौधरी ने बताया कि दो वर्ष पहले इटवा-बेलवा मार्ग पर स्थित भरभरसाथा को मुख्य मार्ग से जोड़ने के लिए मंडी परिषद द्वारा सड़क निर्माण करवाया गया जो अब गड्ढों में तब्दील हो चुका है।जनपद के सभी क्षेत्रों में कुछ ऐसी ही स्थिति है जिसपर लोगों ने सम्बंधित विभाग से अविलम्ब गड्ढों को भरने की मांग की है।

No comments: