मजदूर लगाकर कस्बे का नाली साफ़ कराता व्यापारी
सिद्धार्थनगर/ककरहवा-चन्द्रकेश पटेल की रिपोर्ट-बर्डपुर विकास खण्ड क्षेत्र दुल्हाशुमाली के अन्तर्गत आनेवाला ककरहवा क़स्बा एक ऐसा क़स्बा है जो सीधे नेपाल राष्ट्र के गौतम बुद्ध की जन्मस्थली लुम्बिनी को जोड़ती है। जहाँ हर रोज शैलानिओ पर्यटको का आना जाना लगा रहता है। जहाँ कई टूरिस्ट बसों का आवागमन होता रहता है।
ऐसे में इस ककरहवा कस्बे का नजारा कई लोगों पर पड़ती है।पर इस गंदगी और बदहाली की सूरत देख कर अभी भी जिम्मेदारो की नींद नहीं टूट रही है और मजबूरी है इस क़स्बे के लोगों को गंदगी में रहने को तो आखिर ए करें भी तो क्या किससे फरियाद करें जहाँ कोई सुनने वाला ही नहीं।मिली जानकारी के अनुसार बताया गया की यहाँ कई जगहों की नालिया टूटी हुई है और कई महीने भी बीत गए है कोई सफाईकर्मी नाली साफ़ करने नहीं आया ऐसे में हम मजदूर लगवाकर नाली की सफाई कराने को मजबूर होते है।जिम्मेदारो और सफाईकर्मीओ के आपसी बोल बाला से खानापूर्ति दिखा कर सरकार को चूना लगा रहे है।तथा इन लोगों के हीला हवाली रवैये के चलते ही नालिया साफ़ नहीं हो पाती और सारा का सारा पानी रोड पर चला आ जाता है,जिससे सारा क़स्बा गंदगी में तब्दील हो जाता है।जिससे कस्बेवासी विजय गुप्ता,रमेश गुप्ता,विनोद श्रीवास्तव,रामजी,रूपचन्द गुप्ता,चुलहि गुप्ता,भगवानदास,मेवालाल,औधेश वर्मा,अरविन्द सोनी,घनश्याम वर्मा, आकाशशुक्ला,प्रिन्स,मोहन गुप्ता,रामचंदर जयसवाल,संनू गुप्ता,आदि लोगों ने नाली की सफाई तथा पानी की उचित बाह निकालने की माँग किये है।
सिद्धार्थनगर/ककरहवा-चन्द्रकेश पटेल की रिपोर्ट-बर्डपुर विकास खण्ड क्षेत्र दुल्हाशुमाली के अन्तर्गत आनेवाला ककरहवा क़स्बा एक ऐसा क़स्बा है जो सीधे नेपाल राष्ट्र के गौतम बुद्ध की जन्मस्थली लुम्बिनी को जोड़ती है। जहाँ हर रोज शैलानिओ पर्यटको का आना जाना लगा रहता है। जहाँ कई टूरिस्ट बसों का आवागमन होता रहता है।
ऐसे में इस ककरहवा कस्बे का नजारा कई लोगों पर पड़ती है।पर इस गंदगी और बदहाली की सूरत देख कर अभी भी जिम्मेदारो की नींद नहीं टूट रही है और मजबूरी है इस क़स्बे के लोगों को गंदगी में रहने को तो आखिर ए करें भी तो क्या किससे फरियाद करें जहाँ कोई सुनने वाला ही नहीं।मिली जानकारी के अनुसार बताया गया की यहाँ कई जगहों की नालिया टूटी हुई है और कई महीने भी बीत गए है कोई सफाईकर्मी नाली साफ़ करने नहीं आया ऐसे में हम मजदूर लगवाकर नाली की सफाई कराने को मजबूर होते है।जिम्मेदारो और सफाईकर्मीओ के आपसी बोल बाला से खानापूर्ति दिखा कर सरकार को चूना लगा रहे है।तथा इन लोगों के हीला हवाली रवैये के चलते ही नालिया साफ़ नहीं हो पाती और सारा का सारा पानी रोड पर चला आ जाता है,जिससे सारा क़स्बा गंदगी में तब्दील हो जाता है।जिससे कस्बेवासी विजय गुप्ता,रमेश गुप्ता,विनोद श्रीवास्तव,रामजी,रूपचन्द गुप्ता,चुलहि गुप्ता,भगवानदास,मेवालाल,औधेश वर्मा,अरविन्द सोनी,घनश्याम वर्मा, आकाशशुक्ला,प्रिन्स,मोहन गुप्ता,रामचंदर जयसवाल,संनू गुप्ता,आदि लोगों ने नाली की सफाई तथा पानी की उचित बाह निकालने की माँग किये है।



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