आंगनबाड़ी केंद्रों के निरीक्षण के लिए टास्क फोर्स का गठन किया गया है। जांच की कमान सीडीपीओ को सौंपी गई है। समस्त सीडीपीओ को अनिवार्य रूप से आंगनबाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण का निर्देश दिया गया है। अबतक हुए 100 आंगनबाड़ी केंद्रों के निरीक्षण में 20 बंद पाए गए, जिसमे आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं मानदेय रोकने व सेवा समाप्ति समेत सुपरवाइजरों के भी निलंबन की संस्तुति की गई है। केंद्रों पर लगातार कार्यकर्ताओं के गायब रहने की शिकायतें मिल रही हैं, जिन पर लगाम लगाने के लिहाज से यह फैसला लिया गया है।
जिले में कुल 5321 आंगनबाड़ी केंद्रों पर पांच हजार के करीब आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के सेंटरों पर से अक्सर गायब रहने की वजह से महिलाओं व बच्चों को सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। लगातार मिल रही शिकायतों को देखते हुए सीडीओ ने इसे संज्ञान में लेने के साथ ही जिला कार्यक्रम अधिकारी को टॉस्क फोर्स गठित कर सेंटरों के जांच कराने का निर्देश दिया। अबतक विभिन्न सेंटरों के हुए जांच में 20 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अनुपस्थित मिलीं। सेंटरों की सही से मॉनीट¨रग नहीं करने की वजह से सुपरवाइजरों को भी कार्रवाई की जद में लिया गया है। प्रशासन की इस पहल को बेहतरी के रूप में देखा जा रहा है।
यह फैसला स्थिति में सुधार करने के लिहाज से लिया गया है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के सेंटरों से अनुपस्थित रहने की वजह से लाभार्थियों को लाभ नहीं मिल पा रहा है, जिसे गंभीरता से लिया गया है। जांच अनवरत चलेगी। नदारद आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के सेवा समाप्ति व कार्य में लापरवाही बरतने वाली सुपरवाइजरों के निलंबन की संस्तुति निदेशालय बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहर से की गई है।

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