मेराज़ मुस्तफा
इटवा - सिद्धार्थनगर : आए दिन गरीब व असहायों की मदद करने के लिए मशहूर तहसीलदार इटवा श्री राजेश अग्रवाल जी ने एक बार पुनः अपने कार्य से मानवता की मिसाल कायम कर अन्य प्रशासनिक अधिकारियों व कर्मचारियों के लिए बेहतरीन नजीर पेश किया। शनिवार सांय छह बजे के करीब तहसीलदार इटवा राजेश अग्रवाल समुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र इटवा का निरीक्षण करने के बाद वापस आवास लौट रहे थे तभी उनकी नजर एक महिला पर पड़ी जो काफी परेशान दिख रही थी जिसपर तहसीलदार राजेश अग्रवाल ने पास जाकर महिला से परेशानी का सबब पूछा तो पता चला कि वह महिला गोरखपुर से आ रही थी जिसके साथ दो बच्चे ठंड से अत्यधिक दयनीय स्थिति में पहुंच गए थे जिसपर तत्काल तहसीलदार राजेश अग्रवाल ने आवास से तीन नए कम्बल मंगवाकर देने के साथ वहां उपस्थित कर्मचारियों से महिला व बच्चों के भोजन की व्यवस्था करने का आदेश दिया तो उक्त महिला ने बेहद भावुक होकर तहसीलदार राजेश अग्रवाल को कृतज्ञता पूर्ण नजरों के ऐसे देखा जैसे इंसानी रूप में कोई देवता उसके समक्ष खड़ा हो। ज्ञात हो कि उपजिलाधिकारी इटवा श्री त्रिभुवन कुमार व तहसीलदार श्री राजेश अग्रवाल जी अपने स्वभाव के अनरूप सदैव गरीब व निराश्रितों की मदद स्वयं के खर्च से करते रहते हैं जिस कारण तहसील क्षेत्रवासियों में दोनों प्रशासनिक अधिकारियों के प्रति अपार स्नेह व सम्मान है एवं तहसील क्षेत्रवासी उपजिलाधिकारी त्रिभुवन कुमार व तहसीलदार राजेश अग्रवाल की सराहना करते हुए नही थकते परन्तु सराहना व सम्मान के लिए दोनो प्रशासनिक अधिकारी कार्य नही कर रहे यदि सराहना प्राप्त करने के लिए ही कार्य करना होता तो किसी भी कर्मचारी को आदेश देकर कह देते कि इनकी हरसम्भव सहायता करना लेकिन इसके विपरीत अपने मानव सेवा स्वभाव के कारण स्वयं के खर्च पर सदैव गरीब निसहाय व जरूरतमन्दों की मदद करते रहते हैं। शनिवार को तहसीलदार राजेश अग्रवाल द्वारा महिला व उसके दोनों बच्चों की मदद करने पर वहां उपस्थित सैकड़ों लोग तहसीलदार राजेश अग्रवाल के मानवसेवा स्वभाव की प्रशंसा करते नही थक रहे।
(फ़ाइल फोटो तहसीलदार)
इटवा - सिद्धार्थनगर : आए दिन गरीब व असहायों की मदद करने के लिए मशहूर तहसीलदार इटवा श्री राजेश अग्रवाल जी ने एक बार पुनः अपने कार्य से मानवता की मिसाल कायम कर अन्य प्रशासनिक अधिकारियों व कर्मचारियों के लिए बेहतरीन नजीर पेश किया। शनिवार सांय छह बजे के करीब तहसीलदार इटवा राजेश अग्रवाल समुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र इटवा का निरीक्षण करने के बाद वापस आवास लौट रहे थे तभी उनकी नजर एक महिला पर पड़ी जो काफी परेशान दिख रही थी जिसपर तहसीलदार राजेश अग्रवाल ने पास जाकर महिला से परेशानी का सबब पूछा तो पता चला कि वह महिला गोरखपुर से आ रही थी जिसके साथ दो बच्चे ठंड से अत्यधिक दयनीय स्थिति में पहुंच गए थे जिसपर तत्काल तहसीलदार राजेश अग्रवाल ने आवास से तीन नए कम्बल मंगवाकर देने के साथ वहां उपस्थित कर्मचारियों से महिला व बच्चों के भोजन की व्यवस्था करने का आदेश दिया तो उक्त महिला ने बेहद भावुक होकर तहसीलदार राजेश अग्रवाल को कृतज्ञता पूर्ण नजरों के ऐसे देखा जैसे इंसानी रूप में कोई देवता उसके समक्ष खड़ा हो। ज्ञात हो कि उपजिलाधिकारी इटवा श्री त्रिभुवन कुमार व तहसीलदार श्री राजेश अग्रवाल जी अपने स्वभाव के अनरूप सदैव गरीब व निराश्रितों की मदद स्वयं के खर्च से करते रहते हैं जिस कारण तहसील क्षेत्रवासियों में दोनों प्रशासनिक अधिकारियों के प्रति अपार स्नेह व सम्मान है एवं तहसील क्षेत्रवासी उपजिलाधिकारी त्रिभुवन कुमार व तहसीलदार राजेश अग्रवाल की सराहना करते हुए नही थकते परन्तु सराहना व सम्मान के लिए दोनो प्रशासनिक अधिकारी कार्य नही कर रहे यदि सराहना प्राप्त करने के लिए ही कार्य करना होता तो किसी भी कर्मचारी को आदेश देकर कह देते कि इनकी हरसम्भव सहायता करना लेकिन इसके विपरीत अपने मानव सेवा स्वभाव के कारण स्वयं के खर्च पर सदैव गरीब निसहाय व जरूरतमन्दों की मदद करते रहते हैं। शनिवार को तहसीलदार राजेश अग्रवाल द्वारा महिला व उसके दोनों बच्चों की मदद करने पर वहां उपस्थित सैकड़ों लोग तहसीलदार राजेश अग्रवाल के मानवसेवा स्वभाव की प्रशंसा करते नही थक रहे।


No comments:
Post a Comment