सत्येन्द्र उपाध्याय की खोजी रिपोर्ट - बैंक प्रबंधक व कई स्टाफ के ऊपर 409,420,120B -ipc मुकदमा अ सं०133/18 दर्ज मुकदमे मे जाँच अंतिम पडाव पर - कईयों के जेल जाने की प्रबल संभावना -
जब रक्षक ही भक्षक बन जाये तो उस देश के आनलाइन बैंकिंग सिस्टम, सरकारों ,योजनाओं, जन्ता का भगवान ही मालिक है - एक बैंक स्टाफ
बढनी -- स्टेट बैंक बढनी के प्रबंधक व उनके चहेते स्टाफ द्वारा 24-2- 2017 से 17-4-2017के बीच बैंक मे एक फर्जी नाम राजेश पाठक पुत्र राधेश्याम पाठक निवासी ग्राम व पो०कपूरपुर भीटी जनपद अंबेडकर नगर के नाम से फर्जी खाता सं०20165193958 खोलकर चेक का रकम बारह लाख सत्तर हजार बयालिस रूपया खाते मे टा्ंसफर कर फिर राजेश पाठक बनकर रकम निकाल कर डकार लिया था । बताया जाता है उक्त रकम रिण खातेदारों के सबसीडी का रकम था जो खातेदारों के खाते मे न जमाकर कूटरचित तरीके से फर्जी खाता खोलकर मैनेजर द्वारा डकार लिया गया । बैंक के एक भेदिया स्टाफ द्वारा मामला हेड आफिस के संज्ञान मे लाने पर विभागीय जाँच बाद गमन धोखाधड़ी की पुष्टि होने पर मुकदमा ढेबरुआ थाने पर प्रबंधक सहित कई अन्य स्टाफ पर अभी कुछ दिन पहले जुलाई वर्ष 2018 मे दर्ज करवाया गया जिसकी विवेचना बढनी चौकी इंचार्ज रामेश्वर यादव को मिली है
उक्त संबंध मे विवेचक चौकी इंचार्ज बढनी रामेश्वर यादव ने 9अगस्त 18 को बताया प्रबंधक व कई अन्य के उपर धोखा धडी का मुकदमा पंजीकृत है विवेचना अंतिम पडाव मे है जाँच मे प्रथम दृष्टिया घोटाला सामने आया है जाँच मे जो जो दोषी हैं उसके विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही की जायेगी ।
उक्त संबंध मे स्टेट बैंक बढनी के मैनेजर कासिफ खान के एक सप्ताह ट्रेनिंग छुट्टी पर होने से एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर 9अगस्त18 को बताया कि उक्त खाता सं० पूर्व मैनैजर द्वारा फर्जी खोला गया था एकाउन्ट मे न फोटो है न पहचान कर्ता कोई है जिस आईडी से खाता खोला गया था वह भी फर्जी है विभागीय जाँच मे खाता फर्जी पाया गया तभी मैनेजर व अन्य के खिलाफ नामजद धोखाधड़ी का एफआईआर विभाग ने पुलिस मे दर्ज करवाया है । उसने कहा जब रक्षक ही भक्षक बन जाय तो उस देश के संस्थाओं सरकारों ,बैंकिंग प्रणाली व वहाँ की जन्ता का भगवान ही मालिक है ।
जब रक्षक ही भक्षक बन जाये तो उस देश के आनलाइन बैंकिंग सिस्टम, सरकारों ,योजनाओं, जन्ता का भगवान ही मालिक है - एक बैंक स्टाफ
बढनी -- स्टेट बैंक बढनी के प्रबंधक व उनके चहेते स्टाफ द्वारा 24-2- 2017 से 17-4-2017के बीच बैंक मे एक फर्जी नाम राजेश पाठक पुत्र राधेश्याम पाठक निवासी ग्राम व पो०कपूरपुर भीटी जनपद अंबेडकर नगर के नाम से फर्जी खाता सं०20165193958 खोलकर चेक का रकम बारह लाख सत्तर हजार बयालिस रूपया खाते मे टा्ंसफर कर फिर राजेश पाठक बनकर रकम निकाल कर डकार लिया था । बताया जाता है उक्त रकम रिण खातेदारों के सबसीडी का रकम था जो खातेदारों के खाते मे न जमाकर कूटरचित तरीके से फर्जी खाता खोलकर मैनेजर द्वारा डकार लिया गया । बैंक के एक भेदिया स्टाफ द्वारा मामला हेड आफिस के संज्ञान मे लाने पर विभागीय जाँच बाद गमन धोखाधड़ी की पुष्टि होने पर मुकदमा ढेबरुआ थाने पर प्रबंधक सहित कई अन्य स्टाफ पर अभी कुछ दिन पहले जुलाई वर्ष 2018 मे दर्ज करवाया गया जिसकी विवेचना बढनी चौकी इंचार्ज रामेश्वर यादव को मिली है
उक्त संबंध मे विवेचक चौकी इंचार्ज बढनी रामेश्वर यादव ने 9अगस्त 18 को बताया प्रबंधक व कई अन्य के उपर धोखा धडी का मुकदमा पंजीकृत है विवेचना अंतिम पडाव मे है जाँच मे प्रथम दृष्टिया घोटाला सामने आया है जाँच मे जो जो दोषी हैं उसके विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही की जायेगी ।
उक्त संबंध मे स्टेट बैंक बढनी के मैनेजर कासिफ खान के एक सप्ताह ट्रेनिंग छुट्टी पर होने से एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर 9अगस्त18 को बताया कि उक्त खाता सं० पूर्व मैनैजर द्वारा फर्जी खोला गया था एकाउन्ट मे न फोटो है न पहचान कर्ता कोई है जिस आईडी से खाता खोला गया था वह भी फर्जी है विभागीय जाँच मे खाता फर्जी पाया गया तभी मैनेजर व अन्य के खिलाफ नामजद धोखाधड़ी का एफआईआर विभाग ने पुलिस मे दर्ज करवाया है । उसने कहा जब रक्षक ही भक्षक बन जाय तो उस देश के संस्थाओं सरकारों ,बैंकिंग प्रणाली व वहाँ की जन्ता का भगवान ही मालिक है ।

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