अफजल प्रेमी गैंग थाना प्रभारी सहित आम लोगो को करा रही बदनाम
ज्ञात हो की विगत दिनों थाना प्रभारी बदेरा ने रेत चोरो माफियाओं की गाडी पकडा जो बिना पिटपास के रेत का व्यपार संचालित कर रहे थे शिकंजा कसा जिससे उनका व्यपार प्रभावित हुआ साथ ही क्षेत्रीय स्तर पर रेत चोर के रूप में रेत माफिया के रूप में बदनामी हुई जिसका बदला लेने के लिए थाना प्रभारी को बदनाम करने की तमाम साजिस परदे के पीछे रची जा रही है जिससे थाना प्रभारी का स्थानांतरण हो जाय और उनका काला व्यपार फिर धड़ल्ले से संचालित हो जाय साथ ही उनके दामन में लगे बदनामी के दाग धूल जाय। रही बात आंदोलन की तो इसपर तो तमाम जिम्मेवार अधिकारियो की नजर है चाहे sdm मैहर की बात हो एस डी ओ पी महोदय की बात हो सभी अधिकारी मामले में नजर बनाये हुए है तो थाना प्रभारी किसी से क्यों बत्तमीजी करेगा यह सोचने की बात है लोग आंदोलन कर रहे है तो जनता और नियोक्ता निपटे मिलकर समस्या का समाधान करे इसमें पुलिस का काम है की कोई दंगा फसाद न हो उसे रोकना आंदोलन कारियों को सुरक्षा और उद्दोग को सुरक्षा प्रदान करना उनकी जिम्मेवारी है जिन्हें वे बेवाकी से निभा रहे है पुलिस आखिर किसी के साथ गाली गलौज क्यों करेगी यह आंदोलन उनके खिलाफ तो नहीं है की पुलिस या थाना प्रभारी के पेट में दर्द हो यह शिर्फ़ एक सोची समझी प्लानिंग है जिसमे थाना प्रभारी को मोहरा बना शिकार बनाने की कोशिस की जा रही है जिसपर वरिष्ठ अधिकारीयो को सचेत रहने की जरूरत है साथ ही जो आंदोलन कारी है जिन मुद्दों को लेकर आंदोलन कर रहे है उसमे उन्हें नियोक्ता जो मैहर सीमेंट है उसकी गाडी उसके अधिकारियो की गाडी रोकी जानी चाहिए जिससे उनकी बात सुनी जाय मांगे मानी जाय अब अगर आंदोलन कारी किसी आम राहगीर की गाडी रोकेंगे तो उसमे तो विवाद की स्थित निर्मित होगी ही और यह भी पर्दे के पीछे राजनीति करने वालो की एक चाल है नहीं तो वास्तव में उनका हित चाहते है तो साथ में सामने आकर उद्दोग प्रबंधन को घेरे मांगे मनवाये।वह रे रेत की राजनीति आखिर इस मैहर क्षेत्र को किस मुकाम में ले जायेगी यह कह पाना मुश्किल है जानकार बताते है की इस रेत की कमाई ने कइयो को पागल कर रखा है और अब वे अपना काला व्यपार बंद होना बर्दास्त नहीं कर पा रहे जिसके कारण तमाम तरह की साजिस रच कही अधिकारियो को बदनाम करा रहे है कही आम नागरिक को लेकिन ये पब्लिक है सब जानती है रेत का काला व्यपार अब नहीं चलेगा इसके लिए प्रशासन ने कमर कस ली है अब कोई कितना भी षड्यंत्र करे कोई फर्क पड़ने वाला नहीं और बदेरा थाना प्रभारी राजेन्द्र पाठक ने जिस हौसले के साथ इस पर लगाम लगाया है इसके लिए उन्हें पुरस्कृत किया जाना चाहिए।
ज्ञात हो की विगत दिनों थाना प्रभारी बदेरा ने रेत चोरो माफियाओं की गाडी पकडा जो बिना पिटपास के रेत का व्यपार संचालित कर रहे थे शिकंजा कसा जिससे उनका व्यपार प्रभावित हुआ साथ ही क्षेत्रीय स्तर पर रेत चोर के रूप में रेत माफिया के रूप में बदनामी हुई जिसका बदला लेने के लिए थाना प्रभारी को बदनाम करने की तमाम साजिस परदे के पीछे रची जा रही है जिससे थाना प्रभारी का स्थानांतरण हो जाय और उनका काला व्यपार फिर धड़ल्ले से संचालित हो जाय साथ ही उनके दामन में लगे बदनामी के दाग धूल जाय। रही बात आंदोलन की तो इसपर तो तमाम जिम्मेवार अधिकारियो की नजर है चाहे sdm मैहर की बात हो एस डी ओ पी महोदय की बात हो सभी अधिकारी मामले में नजर बनाये हुए है तो थाना प्रभारी किसी से क्यों बत्तमीजी करेगा यह सोचने की बात है लोग आंदोलन कर रहे है तो जनता और नियोक्ता निपटे मिलकर समस्या का समाधान करे इसमें पुलिस का काम है की कोई दंगा फसाद न हो उसे रोकना आंदोलन कारियों को सुरक्षा और उद्दोग को सुरक्षा प्रदान करना उनकी जिम्मेवारी है जिन्हें वे बेवाकी से निभा रहे है पुलिस आखिर किसी के साथ गाली गलौज क्यों करेगी यह आंदोलन उनके खिलाफ तो नहीं है की पुलिस या थाना प्रभारी के पेट में दर्द हो यह शिर्फ़ एक सोची समझी प्लानिंग है जिसमे थाना प्रभारी को मोहरा बना शिकार बनाने की कोशिस की जा रही है जिसपर वरिष्ठ अधिकारीयो को सचेत रहने की जरूरत है साथ ही जो आंदोलन कारी है जिन मुद्दों को लेकर आंदोलन कर रहे है उसमे उन्हें नियोक्ता जो मैहर सीमेंट है उसकी गाडी उसके अधिकारियो की गाडी रोकी जानी चाहिए जिससे उनकी बात सुनी जाय मांगे मानी जाय अब अगर आंदोलन कारी किसी आम राहगीर की गाडी रोकेंगे तो उसमे तो विवाद की स्थित निर्मित होगी ही और यह भी पर्दे के पीछे राजनीति करने वालो की एक चाल है नहीं तो वास्तव में उनका हित चाहते है तो साथ में सामने आकर उद्दोग प्रबंधन को घेरे मांगे मनवाये।वह रे रेत की राजनीति आखिर इस मैहर क्षेत्र को किस मुकाम में ले जायेगी यह कह पाना मुश्किल है जानकार बताते है की इस रेत की कमाई ने कइयो को पागल कर रखा है और अब वे अपना काला व्यपार बंद होना बर्दास्त नहीं कर पा रहे जिसके कारण तमाम तरह की साजिस रच कही अधिकारियो को बदनाम करा रहे है कही आम नागरिक को लेकिन ये पब्लिक है सब जानती है रेत का काला व्यपार अब नहीं चलेगा इसके लिए प्रशासन ने कमर कस ली है अब कोई कितना भी षड्यंत्र करे कोई फर्क पड़ने वाला नहीं और बदेरा थाना प्रभारी राजेन्द्र पाठक ने जिस हौसले के साथ इस पर लगाम लगाया है इसके लिए उन्हें पुरस्कृत किया जाना चाहिए।


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