पीएम मोदी ने पाकिस्तान के राष्ट्रपति से मिलाया हाथ
सीमा पर अशांति के माहौल के बीच चीन में एससीओ सम्मलेन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तान के राष्ट्रपति ममनून हुसैन ने गर्मजोशी से एक-दूसरे से हाथ मिलाया। दरअसल, एससीओ देशों के बीच हुए समझौतो पर हस्ताक्षर करने के बाद सभी सदस्य देशों ने एक-दूसरे से हाथ मिलाया। इस दौरान पीएम मोदी ने पहले तो चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग से हाथ मिलाया। उसके बाद पीएम मोदी चिनफिंग के पास खड़े पाकिस्तान के राष्ट्रपति की ओर बढ़े और उनसे भी हाथ मिलाया।
इस दौरान पीएम मोदी पाकिस्तान के राष्ट्रपति से कुछ बात करते भी नजर आए। हालांकि चेहरे पर मुस्कुराहट के साथ चलते-चलते उनके बीच क्या बात हुई, ये तो नहीं पता चला। लेकिन पीएम मोदी की बॉडी लैंग्वेज (शारीरिक भाषा) को देखकर आप अंदाजा लगा सकते हैं कि अंतरराष्ट्रीय मंच की गरिमा को बनाए रखना उन्हें बखूबी आता है, भले ही दुश्मन देश सामने क्यों न खड़ा हो।
सीमा का माहौल और पाकिस्तान की हरकतों को देखकर मोदी हुसैन को नजरअंदाज भी कर सकते थे, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। जैसे की पहले भी देखा गया है कि पीएम मोदी की रणनीति हमेशा पाकिस्तान की कूटनीतिक तौर पर हराने की रही है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय मंच का सम्मान करते हुए उन्होंने खुद आगे बढ़कर पाकिस्तान के राष्ट्रपति से हाथ मिलाया।
सीमा पर अशांति के माहौल के बीच चीन में एससीओ सम्मलेन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तान के राष्ट्रपति ममनून हुसैन ने गर्मजोशी से एक-दूसरे से हाथ मिलाया। दरअसल, एससीओ देशों के बीच हुए समझौतो पर हस्ताक्षर करने के बाद सभी सदस्य देशों ने एक-दूसरे से हाथ मिलाया। इस दौरान पीएम मोदी ने पहले तो चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग से हाथ मिलाया। उसके बाद पीएम मोदी चिनफिंग के पास खड़े पाकिस्तान के राष्ट्रपति की ओर बढ़े और उनसे भी हाथ मिलाया।
इस दौरान पीएम मोदी पाकिस्तान के राष्ट्रपति से कुछ बात करते भी नजर आए। हालांकि चेहरे पर मुस्कुराहट के साथ चलते-चलते उनके बीच क्या बात हुई, ये तो नहीं पता चला। लेकिन पीएम मोदी की बॉडी लैंग्वेज (शारीरिक भाषा) को देखकर आप अंदाजा लगा सकते हैं कि अंतरराष्ट्रीय मंच की गरिमा को बनाए रखना उन्हें बखूबी आता है, भले ही दुश्मन देश सामने क्यों न खड़ा हो।
सीमा का माहौल और पाकिस्तान की हरकतों को देखकर मोदी हुसैन को नजरअंदाज भी कर सकते थे, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। जैसे की पहले भी देखा गया है कि पीएम मोदी की रणनीति हमेशा पाकिस्तान की कूटनीतिक तौर पर हराने की रही है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय मंच का सम्मान करते हुए उन्होंने खुद आगे बढ़कर पाकिस्तान के राष्ट्रपति से हाथ मिलाया।


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