सत्येन्द्र उपध्याय की रिपोर्ट
सिद्धार्थनगर जिले के शोहरतगढ़ तहसील से सटे नीबी दोहनी ग्राम पंचायत में एक अज्ञात परियोजना पर दिन दहाड़े कुला खुदाई में जमकर जेसीबी चली ।
जब इसकी शिकायत उपजिलाधिकारी शोहरतगढ़ से की गई तो कार्य बंद हो गया लेकिन जब उपजिलाधिकारी सो गये तो जानकर कहते है कि पूरी रात जेसीबी उसी परियोजना पर चली । उक्त परियोजना की लागत और कार्य के बारे जब नेट से जानकारी जुटाई गई तो प्रकरण और भी गम्भीर हो गया । उक्त परियोजना नेट पर उपलब्ध ही नही था । प्रकरण के जानकार और विश्वस्त सूत्रों की माने तो जो भी मनरेगा के ठेकेदार है वे पहले परियोजना को फीड नही कराते पहले वे अपने तरीके उस कार्ययोजना पर कार्य करते जब उसकी शिकायत कही नही होती तो मनरेगा की मजदूरी दिखाकर भुगतान करा लेते। जानकरों ने यह भी बताया कि यह एक ग्राम पंचायत की कहानी नही है ग्राम पंचायत पर नजर डाले तो दर्जनों उदाहरण है ।
सिद्धार्थनगर जिले के शोहरतगढ़ तहसील से सटे नीबी दोहनी ग्राम पंचायत में एक अज्ञात परियोजना पर दिन दहाड़े कुला खुदाई में जमकर जेसीबी चली ।
जब इसकी शिकायत उपजिलाधिकारी शोहरतगढ़ से की गई तो कार्य बंद हो गया लेकिन जब उपजिलाधिकारी सो गये तो जानकर कहते है कि पूरी रात जेसीबी उसी परियोजना पर चली । उक्त परियोजना की लागत और कार्य के बारे जब नेट से जानकारी जुटाई गई तो प्रकरण और भी गम्भीर हो गया । उक्त परियोजना नेट पर उपलब्ध ही नही था । प्रकरण के जानकार और विश्वस्त सूत्रों की माने तो जो भी मनरेगा के ठेकेदार है वे पहले परियोजना को फीड नही कराते पहले वे अपने तरीके उस कार्ययोजना पर कार्य करते जब उसकी शिकायत कही नही होती तो मनरेगा की मजदूरी दिखाकर भुगतान करा लेते। जानकरों ने यह भी बताया कि यह एक ग्राम पंचायत की कहानी नही है ग्राम पंचायत पर नजर डाले तो दर्जनों उदाहरण है ।


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