शैलेष सोनकर (एम.डी.)रिपोर्ट
दिल्ली एनसीआर समेत पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में रविवार शाम को धूल भरी आंधी के साथ छिटपुट बारिश भी हुई। शाम साढ़े 4 बजे के आस-पास अचानक मौसम बदलने से अंधेरा छा गया और तेज हवाएं चलने लगीं। इस बीच रविवार की शाम पूरे वेस्ट यूपी में आंधी तूफ़ान ने जमकर कहर बरपाया। मुरादाबाद मंडल में सबसे ज्यादा नुकसान संभल जनपद में सामने आया है। यहां तेज आंधी तूफ़ान के चलते रजपुरा थाना क्षेत्र के चाउपुर गांव में तूफ़ान से लगी आग में सौ से ज्यादा कच्चे घर जल कर राख हो गए। दो दर्जन से अधिक पशु इस अग्नि काण्ड में झुलस गए। जबकि पचास से अधिक बच्चों के लापता होने की सूचना है। सूचना पर कई थानों की फ़ोर्स के साथ इलाके के एसडीएम समेत फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंच गयीं। हर तरफ अफरा तफरी का माहौल बना हुआ है। डीएम ने पूरे जनपद में अलर्ट जारी कर दिया है। आपात सेवाओं से जुड़े सभी कर्मचारियों और अधिकारीयों को अपने अपने स्थानों पर पहुंचने के निर्देश दिए हैं। तूफ़ान की वजह से कितने लोगों की मौत हुई इसकी अभी अधिकारिक जानकरी नहीं मिल पायी है। जबकि गुन्नौर कोतवाली में आंधी से एक ट्रैक्टर ट्रोली पर पोल गिरने से एक की मौत और 14 लोगों के घायल होने की सूचना है। फ़िलहाल प्रशासनिक अमला चाउपुरा में राहत और बचाव कार्य जारी रखे है।
इसके अलावा, बिजनौर में तूफान की आग से गरीबो की 7 झोपड़ियां जलकर राख हो गई। थाना मण्डावर थाना क्षेत्र के विकास खंड़ की ग्राम पंचायत इच्छावाला जो कि गंगा नदी के टापू पर बसा हैं। रविवार शाम को तेज़ आंधी आने पर गांव निवासी मौसीन की बेटी ने चूल्हे की राख निकालकर छप्परनुमा झोपड़ी के पास ड़ाल दी थी। तेज़ तूफान चलने पर छप्पर पर रखी राख से उठी आग की चिंगारी से मौसीन के छप्पपरनुमा झोपड़ी में आग लग गयी । आग ने कुछ ही समय में विकराल रूप ले लिया । बाद में पास में खड़ी 7 झोपड़िया भी इस आग की चिंगारी से जल गई। इस तूफान से इन गरीबो के सामने अब खाने और रहने का संकट पैदा हो गया है।
झोपड़ियों में लगी आग से मौसीन का दस माह का बच्चा अरहान व उसके दो मवेशी, घर में रखी नगदी, एक बाइक, सहित खाने पीने और कपड़े,चारपाई सभी जलकर राख हो गयी। इस तूफानी आग से अन्य ग्रामीणो का भी इसी तरह नुकसान हुआ है। गांव में सांसद निधि से लगे चार सोलर स्ट्रीट लाईटे भी जलकर राख हो गई। ग्रामीणों का कहना है कि सूचना पर आग बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड समय से मौके पर मदद के लिये नहीं पहुँचे। ग्रामीणों ने खुद काफी मशक्कत कर आग पर काबू पाया। ग्राम प्रधान गुलशनव्वर का कहना है कि सात घरों में लगी आग से लाखों की क्षति ग्रामीणों को पहुंची हैं। इस दौरान नोएडा-एनसीआर समेत पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में रविवार शाम को धूल भरी आंधी के साथ छिटपुट बारिश भी हुई। शाम साढ़े 4 बजे के आस-पास अचानक मौसम बदलने से अंधेरा छा गया और तेज हवाएं चलने लगीं। देखते ही देखते पूरा इलाका तेज तूफान की चमेट में आ गया। बताया जाता है कि इस दौरान 80 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चली। इस दौरान कई शहरों में जमकर तबाही हुई। नोएडा एक्सटेंशन में बाइक पर अपने बेटे के साथ जा रही रही महिला के ऊपर तेज आंधी के कारण यूनिपोल गिरने से मौके पर मौत हो गई, वहीं उसका बेटा घायल हो गया। मृतक का नाम मेहरुन्निशा बताया जा रहा है। वह हैबतपुर गांव की रहने वाली है। हादसा पैरामाउंट प्रोजेक्ट के साइट के पास हुआ। वहीं, बताया जा रहा है कि देशभर में इस तूफान से 21 लोगों की मौत हुई है।
गौरतलब है कि 13 और 14 तारीख को मौसम विभाग के हाई अलर्ट के बीच रविवार यानी 13 मई को पश्चिमी यूपी समेत पूरे एनसीएर में धूल भरी तेज आंधी के साथ ही बारिश हुई। लेकिन प्रशासन का इंतजाम पूरी तरह बेमानी साबित हुई।
दिल्ली एनसीआर समेत पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में रविवार शाम को धूल भरी आंधी के साथ छिटपुट बारिश भी हुई। शाम साढ़े 4 बजे के आस-पास अचानक मौसम बदलने से अंधेरा छा गया और तेज हवाएं चलने लगीं। इस बीच रविवार की शाम पूरे वेस्ट यूपी में आंधी तूफ़ान ने जमकर कहर बरपाया। मुरादाबाद मंडल में सबसे ज्यादा नुकसान संभल जनपद में सामने आया है। यहां तेज आंधी तूफ़ान के चलते रजपुरा थाना क्षेत्र के चाउपुर गांव में तूफ़ान से लगी आग में सौ से ज्यादा कच्चे घर जल कर राख हो गए। दो दर्जन से अधिक पशु इस अग्नि काण्ड में झुलस गए। जबकि पचास से अधिक बच्चों के लापता होने की सूचना है। सूचना पर कई थानों की फ़ोर्स के साथ इलाके के एसडीएम समेत फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंच गयीं। हर तरफ अफरा तफरी का माहौल बना हुआ है। डीएम ने पूरे जनपद में अलर्ट जारी कर दिया है। आपात सेवाओं से जुड़े सभी कर्मचारियों और अधिकारीयों को अपने अपने स्थानों पर पहुंचने के निर्देश दिए हैं। तूफ़ान की वजह से कितने लोगों की मौत हुई इसकी अभी अधिकारिक जानकरी नहीं मिल पायी है। जबकि गुन्नौर कोतवाली में आंधी से एक ट्रैक्टर ट्रोली पर पोल गिरने से एक की मौत और 14 लोगों के घायल होने की सूचना है। फ़िलहाल प्रशासनिक अमला चाउपुरा में राहत और बचाव कार्य जारी रखे है।
इसके अलावा, बिजनौर में तूफान की आग से गरीबो की 7 झोपड़ियां जलकर राख हो गई। थाना मण्डावर थाना क्षेत्र के विकास खंड़ की ग्राम पंचायत इच्छावाला जो कि गंगा नदी के टापू पर बसा हैं। रविवार शाम को तेज़ आंधी आने पर गांव निवासी मौसीन की बेटी ने चूल्हे की राख निकालकर छप्परनुमा झोपड़ी के पास ड़ाल दी थी। तेज़ तूफान चलने पर छप्पर पर रखी राख से उठी आग की चिंगारी से मौसीन के छप्पपरनुमा झोपड़ी में आग लग गयी । आग ने कुछ ही समय में विकराल रूप ले लिया । बाद में पास में खड़ी 7 झोपड़िया भी इस आग की चिंगारी से जल गई। इस तूफान से इन गरीबो के सामने अब खाने और रहने का संकट पैदा हो गया है।
झोपड़ियों में लगी आग से मौसीन का दस माह का बच्चा अरहान व उसके दो मवेशी, घर में रखी नगदी, एक बाइक, सहित खाने पीने और कपड़े,चारपाई सभी जलकर राख हो गयी। इस तूफानी आग से अन्य ग्रामीणो का भी इसी तरह नुकसान हुआ है। गांव में सांसद निधि से लगे चार सोलर स्ट्रीट लाईटे भी जलकर राख हो गई। ग्रामीणों का कहना है कि सूचना पर आग बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड समय से मौके पर मदद के लिये नहीं पहुँचे। ग्रामीणों ने खुद काफी मशक्कत कर आग पर काबू पाया। ग्राम प्रधान गुलशनव्वर का कहना है कि सात घरों में लगी आग से लाखों की क्षति ग्रामीणों को पहुंची हैं। इस दौरान नोएडा-एनसीआर समेत पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में रविवार शाम को धूल भरी आंधी के साथ छिटपुट बारिश भी हुई। शाम साढ़े 4 बजे के आस-पास अचानक मौसम बदलने से अंधेरा छा गया और तेज हवाएं चलने लगीं। देखते ही देखते पूरा इलाका तेज तूफान की चमेट में आ गया। बताया जाता है कि इस दौरान 80 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चली। इस दौरान कई शहरों में जमकर तबाही हुई। नोएडा एक्सटेंशन में बाइक पर अपने बेटे के साथ जा रही रही महिला के ऊपर तेज आंधी के कारण यूनिपोल गिरने से मौके पर मौत हो गई, वहीं उसका बेटा घायल हो गया। मृतक का नाम मेहरुन्निशा बताया जा रहा है। वह हैबतपुर गांव की रहने वाली है। हादसा पैरामाउंट प्रोजेक्ट के साइट के पास हुआ। वहीं, बताया जा रहा है कि देशभर में इस तूफान से 21 लोगों की मौत हुई है।
गौरतलब है कि 13 और 14 तारीख को मौसम विभाग के हाई अलर्ट के बीच रविवार यानी 13 मई को पश्चिमी यूपी समेत पूरे एनसीएर में धूल भरी तेज आंधी के साथ ही बारिश हुई। लेकिन प्रशासन का इंतजाम पूरी तरह बेमानी साबित हुई।


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