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Monday, May 14, 2018

पाकिस्तान से चीनी आयात को लेकर महाराष्ट्र में राजनातिक पार्टियो का विरोध प्रदर्शन

मोदी सरकार ने पाकिस्तान से चीनी का आयात कर महाराष्ट्र के साथ-साथ देश के गन्ना किसानों के साथ अन्याय किया- विधायक जितेन्द्र 
अह्वाड
भारत में बड़े पैमाने पर पाकिस्तान से चीनी का आयात किया जा रहा है. जबकि देश में चीनी का उत्पादन काफी अच्छा रहा है. इस मुद्दे पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) और राज ठाकरे की पार्टी एमएनएस ने महाराष्ट्र में कई स्थानों पर प्रदर्शन किया और पाकिस्तानी चीनी की बोरियां फाड़ दीं.  एनसीपी विधायक जितेंद्र आव्हाड अपने समर्थकों के साथ नवी मुंबई के एक गोदाम पहुंचे और वहां उन्होंने गोदाम में रखीं पाकिस्तानी चीनी की बोरियों को फाड़ दिया. विधायक जितेंद्र आव्हाड ने बताया कि एनसीपी के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने दहिसर मोरी इलाके में एक चीनी गोदाम में छापा मारा. वहां बड़े पैमाने पर पाकिस्तान से आयात की गई चीनी का स्टॉक था. पुलिस ने इस मामले में एनसीपी कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है.   विधायक ने कहा कि मोदी सरकार ने पाकिस्तान से चीनी का आयात कर महाराष्ट्र के साथ-साथ देश के गन्ना किसानों के साथ अन्याय किया है. उन्होंने लोगों से पाकिस्तान की चीनी का बहिष्कार करने की अपील की. एनसीपी विधायक ने तो यहां तक आरोप लगाया कि चीनी की आड़ में पाकिस्तान ने विस्फोट आरडीएक्स की तस्करी की जा रही है और यह देश की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा साबित होगी.

उधर, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) ने भी विदेशी चीनी के खिलाफ कई स्थानों पर प्रदर्शन किया. एमएनएस कार्यकर्ताओं ने नवी मुंबई स्थित वाशी कृषि उत्पाद बाजार समिति गए और वहां पाकिस्तानी चीनी का कारोबार कर रहे व्यापारियों को धमकाया.   एमएनएस ने बताया कि बाहर से चीनी का आयात ऐसे समय में किया जा रहा है, जब खुद भारत का चीनी उद्योग चीनी की कम कीमतों से जूझ रहा है. इस बार चीनी का अधिक उत्पादन होने से चीनी की घरेलू कीमतों में कमी आई है. जानकारी के मुताबिक वाशी में पाकिस्तान द्वारा आयात की गई 65 लाख टन चीनी का स्टॉक है.

चीनी की कीमतों में गिरावट
चीनी मिलों की आपूर्ति बढ़ने तथा स्टॉकिस्टों और थोक उपभोक्ताओं की कमजोर मांग के कारण दिल्ली के थोक चीनी बाजार में चीनी कीमतों में 25 रुपये प्रति क्विंटल तक की गिरावट आई. चालू विपणन सत्र में चीनी का रिकॉर्ड उत्पादन होने के बीच चीनी मिलों की निरंतर आपूर्ति के कारण इसका स्टॉक बढ़ने से चीनी कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है.  चीनी मिल डिलीवरी एम-30 और एस-30 की कीमतें 15-15 रुपये की गिरावट के साथ क्रमश: 2,600 – 2,725 रुपये और 2,690 – 2,715 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुईं.

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