- किशोरियों को महिला अधिकार सहित गुड टच और बैड टच के बारे में दी गई जानकारी
सिद्धार्थनगर -समूचे उत्तर प्रदेश में बाल विवाह के मामले को रोकने के लिए प्रशासन व सामाजिक संस्थाओं ने कमर कस ली है। बाल विवाह को रोकने के लिए महिला समाख्या द्वारा लगातार प्रयास किया जा रहा है। जिले के लोगों को महिला समाख्या द्वारा जागरूक किया जा रहा है कि बाल विवाह अभिशाप है। बाल विवाह को रोकना चाहिए। अगर कोई अपनी लड़की की शादी कम उम्र में करता है तो हम सबका दायित्व बनता है कि हम सब लोग मिलकर उनको समझाये कि जबतक लड़की 18 वर्ष की न हो जाये तब तक उसकी शादी नही करनी चाहिए।
नारी सशक्तिकरण व बाल विवाह पर अंकुश लगाने के लिए जनपद के चौधरी विद्या देवी पूर्व माध्यमिक विद्यालय में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से बाल विवाह जैसी कुरीतियों को दूर करने के लिए प्रशिक्षित किया गया। जिसमें बताया गया कि समाज में फैली बाल विवाह जैसी कुरीतियों को कैसे दूर करना है। इसके लिए लड़कियों को पढ़ा लिखाकर आगे बढ़ाना है। शिक्षा के अभाव में ही लोग बाल विवाह करते हैं। इसलिए लड़कियों को शिक्षित करना बेहद जरूरी है। इसके साथ ही महिलाओं के अधिकारों व कानून के बारे मे भी जानकारी दी गई और किशोरियों को गुड टच और बैड टच के बारे में भी जानकारी दी गई। जिससे किशोरियां प्रशिक्षित होकर गांव में जाकर लोगों को बाल विवाह जैसी कुरीतियों को समाप्त करने के प्रति जागरूक करें। ताकि लोग कम उम्र मे अपनी बेटियों की शादी न करें और बाल विवाह जैसी कुरीतियों को खत्म करने में मदद करें।
वहीं इस संबंध में प्रधानाचार्य नूर मोहम्मद ने बताया कि बाल विवाह पर अंकुश लगाने के लिए विद्यालय में महिला समाख्या द्वारा एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया है। इसके साथ ही इन्हें गुड टच और बैड टच के बारे में भी जानकारी दी गई है। जिससे ये अपने अपने गांव की अन्य किशोरियों को जागरूक कर सकें और बाल विवाह जैसे अभिशाप पर अंकुश लगाया जा सके। इस कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिवार के समस्त कर्मचारी एवं दर्जनों अभिभावक उपस्थिति रहें ।
सिद्धार्थनगर -समूचे उत्तर प्रदेश में बाल विवाह के मामले को रोकने के लिए प्रशासन व सामाजिक संस्थाओं ने कमर कस ली है। बाल विवाह को रोकने के लिए महिला समाख्या द्वारा लगातार प्रयास किया जा रहा है। जिले के लोगों को महिला समाख्या द्वारा जागरूक किया जा रहा है कि बाल विवाह अभिशाप है। बाल विवाह को रोकना चाहिए। अगर कोई अपनी लड़की की शादी कम उम्र में करता है तो हम सबका दायित्व बनता है कि हम सब लोग मिलकर उनको समझाये कि जबतक लड़की 18 वर्ष की न हो जाये तब तक उसकी शादी नही करनी चाहिए।
नारी सशक्तिकरण व बाल विवाह पर अंकुश लगाने के लिए जनपद के चौधरी विद्या देवी पूर्व माध्यमिक विद्यालय में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से बाल विवाह जैसी कुरीतियों को दूर करने के लिए प्रशिक्षित किया गया। जिसमें बताया गया कि समाज में फैली बाल विवाह जैसी कुरीतियों को कैसे दूर करना है। इसके लिए लड़कियों को पढ़ा लिखाकर आगे बढ़ाना है। शिक्षा के अभाव में ही लोग बाल विवाह करते हैं। इसलिए लड़कियों को शिक्षित करना बेहद जरूरी है। इसके साथ ही महिलाओं के अधिकारों व कानून के बारे मे भी जानकारी दी गई और किशोरियों को गुड टच और बैड टच के बारे में भी जानकारी दी गई। जिससे किशोरियां प्रशिक्षित होकर गांव में जाकर लोगों को बाल विवाह जैसी कुरीतियों को समाप्त करने के प्रति जागरूक करें। ताकि लोग कम उम्र मे अपनी बेटियों की शादी न करें और बाल विवाह जैसी कुरीतियों को खत्म करने में मदद करें।
वहीं इस संबंध में प्रधानाचार्य नूर मोहम्मद ने बताया कि बाल विवाह पर अंकुश लगाने के लिए विद्यालय में महिला समाख्या द्वारा एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया है। इसके साथ ही इन्हें गुड टच और बैड टच के बारे में भी जानकारी दी गई है। जिससे ये अपने अपने गांव की अन्य किशोरियों को जागरूक कर सकें और बाल विवाह जैसे अभिशाप पर अंकुश लगाया जा सके। इस कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिवार के समस्त कर्मचारी एवं दर्जनों अभिभावक उपस्थिति रहें ।


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