लोटन ब्लाक के ग्राम रमवापुर में चल रहे श्रीमद भागवत महापुराण यज्ञ में आचार्य पंडित राजदेव पाण्डेय शास्त्री जी ने कहा कि श्रीमद् भागवत की कथा मनुष्य के पापों को समूल नष्ट कर, जीवन की कमियों को पूरा करती है। इसके लिए श्रद्धा की आवश्यकता है। भागवत की कथा हमारे जीवन का कल्याण कर मोक्ष भी प्रदान करती है।
भागवत और भगवान की कथा से लोग सुधरे है, और सुधरते हैं। कथा से कई लोगों के जीवन में आमूल परिवर्तन स्पष्ट नजर आता है, जो सुधरना चाहते हैं उन्हें भागवत की कथा अवश्य सुधारती है। उन्होंने श्रावक-श्राविकाओं को बताया कि सुख और दुख मनुष्य के जीवन में आते और जाते रहते है, जिसे भगवान का दिया अनमोल तोहफा समझ स्वीकार करना चाहिये, ईष्या और द्वेष को त्यागकर भक्ति भाव के साथ श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण करने से ही भगवान की कृपा प्राप्त हो जाती है। संत बड़े भाग्य से मिलते हैं।
डोंगरगांव.वामन अवतार कथा के दौरान बालक ने वामन का रुप लिया।
अच्छे संस्कार जीवन और संस्कृति को सुधारते हैं
कथा में वराह अवतार की कथा में कहा कि संकल्प और विकल्प से ही सृष्टि की रचना हुई है, मनुष्य की सत्यता ही पृथ्वी है, लाभ और लोभ दोनों ही बढ़ने वाले वृत्ति है, अच्छे संस्कार ही हमारे जीवन और संस्कृति को सुधारते है, और बिना सत्संग के संस्कार नहीं सुधरते। गजेंद्र मोक्ष, वामन अवतार एवं नरसिंह अवतार की संगीतमयी कथा सुनाई।
वामन अवतार की कथा का वाचन करते हुये उन्होंने बताया कि भगवान को जानना और पाना है तो हमें राजा बली की तरह निर्मल एवं सहज भाव से अपने अहम का दान करना होगा। कथा सुनने पितरों के उद्धार के साथ- साथ स्वयं के जीवन का कल्याण होता है।
भागवत ग्रंथ ही अमर कथा अमर कोष है। आयोजन का समापन गीता उपदेश, तुलसी वर्षा, गो पूजन, सहस्त्र धारा तर्पण, हवन पूर्णाहुति के साथ सम्पन्न होगा। शर्मा परिवार द्वारा आयोजित इस धार्मिक आयोजन के सहभागी धर्मलाभ ले रहे हैं।
भागवत और भगवान की कथा से लोग सुधरे है, और सुधरते हैं। कथा से कई लोगों के जीवन में आमूल परिवर्तन स्पष्ट नजर आता है, जो सुधरना चाहते हैं उन्हें भागवत की कथा अवश्य सुधारती है। उन्होंने श्रावक-श्राविकाओं को बताया कि सुख और दुख मनुष्य के जीवन में आते और जाते रहते है, जिसे भगवान का दिया अनमोल तोहफा समझ स्वीकार करना चाहिये, ईष्या और द्वेष को त्यागकर भक्ति भाव के साथ श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण करने से ही भगवान की कृपा प्राप्त हो जाती है। संत बड़े भाग्य से मिलते हैं।
डोंगरगांव.वामन अवतार कथा के दौरान बालक ने वामन का रुप लिया।
अच्छे संस्कार जीवन और संस्कृति को सुधारते हैं
कथा में वराह अवतार की कथा में कहा कि संकल्प और विकल्प से ही सृष्टि की रचना हुई है, मनुष्य की सत्यता ही पृथ्वी है, लाभ और लोभ दोनों ही बढ़ने वाले वृत्ति है, अच्छे संस्कार ही हमारे जीवन और संस्कृति को सुधारते है, और बिना सत्संग के संस्कार नहीं सुधरते। गजेंद्र मोक्ष, वामन अवतार एवं नरसिंह अवतार की संगीतमयी कथा सुनाई।
वामन अवतार की कथा का वाचन करते हुये उन्होंने बताया कि भगवान को जानना और पाना है तो हमें राजा बली की तरह निर्मल एवं सहज भाव से अपने अहम का दान करना होगा। कथा सुनने पितरों के उद्धार के साथ- साथ स्वयं के जीवन का कल्याण होता है।
भागवत ग्रंथ ही अमर कथा अमर कोष है। आयोजन का समापन गीता उपदेश, तुलसी वर्षा, गो पूजन, सहस्त्र धारा तर्पण, हवन पूर्णाहुति के साथ सम्पन्न होगा। शर्मा परिवार द्वारा आयोजित इस धार्मिक आयोजन के सहभागी धर्मलाभ ले रहे हैं।


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