मेराज़ मुस्तफा की विशेष रिपोर्ट
इटवा - सिद्धार्थनगर : महीनों से जारी कोशिश व पहल ने शुक्रवार को सिद्धार्थनगर के इतिहास में एक गौरवशाली अध्याय जोड़ दिया जिसके सूत्रधार बने उपजिलाधिकारी इटवा श्री त्रिभुवन कुमार । इटवा तहसील क्षेत्र अंतर्गत आने वाले बिस्कोहर बाजार के पश्चिमी टोला में वर्षों से संचालित देह व्यापार के चलते इस कस्बे पर लोगों ने कलंक का वो टीका मान लिया था जिसको मिटाना बेहद ही कठिन था लेकिन देह व्यापार को कलंक का टीका मानने वालों ने कभी एक मामूली पहल भी नही की और हाथ पर हाथ रखे बैठे रह गए बिना यह सोचे कि यह वही बिस्कोहर कस्बा है जो कभी मंदिरों के कारण एक धार्मिक कस्बे में शुमार था और यहां छोटे - बड़े मिलाकर लगभग चौरासी मन्दिर के कारण एक अलग पहचान प्राप्त थी तो जब धर्म के इस कस्बे को देह व्यापार का कस्बा बनते देर नही लगी तो फिर देह व्यापार से मुक्त कराकर पुनः उसी समाज के मुख्यधारा में लाने के लिए कितना समय लगता ?
इन सभी बिंदुओं को दरकिनार कर बस वर्तमान स्थिति को देखकर लोगों ने इस दिशा में एक भी कदम न बढ़ाया कि क्यों न बिस्कोहर को एक बार फिर वही बिस्कोहर बनाया जाए जो मंदिरों के लिए प्रख्यात रहा है लेकिन सत्य यही है बदलाव हर कोई चाहता है लेकिन साथ में यह भी चाहता है कि बदलाव की पहल कोई दूसरा करे और ऐसे में एक प्रशासनिक अधिकारी श्री त्रिभुवन कुमार बतौर उपजिलाधिकारी इटवा कार्यभार ग्रहण करते हैं और शुरू होती है कहानी सम्पूर्ण तहसील क्षेत्र के साथ देह व्यापार के लिए बदनाम इन गलियों में भी बदलाव की । एक ऐसा बदलाव जो भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम से होते हुए बिस्कोहर की बदनाम गलियों में रहने वाली गणिकाओं के उद्धार की तक पहुंचती है जिसकी पटकथा तो उपजिलाधिकारी त्रिभुवन कुमार ने महीनों पूर्व ही लिख दी थी जरूरत थी तो बस उसको अंजाम तक पहुंचाने की और वह ऐतिहासिक क्षण जनवरी माह की ग्यारह तारीख शुक्रवार को आ ही गई जब बिस्कोहर कस्बा स्थित पश्चिम टोला की बीस गणिकाओं ने उपजिलाधिकारी त्रिभुवन कुमार के समक्ष देह व्यापार छोड़कर समाज के मुख्यधारा में लौटने की शपथ लेकर इस दिन को एक ऐतिहासिक दिन के रूप में परिवर्तित कर दिया। शुक्रवार को बिस्कोहर कस्बावासियों सहित क्षेत्र के तमाम सम्भ्रांत लोगों की उपस्थिति में उपजिलाधिकारी त्रिभुवन कुमार मय तहसील व स्थानीय थाना प्रशासन के साथ पहुंचकर पहले यह बिस्कोहर कस्बे के इस टोले को गोद लेने की घोषणा करते हुए गणिकाओं के उद्धार हेतु शिक्षा व्यवस्था सहित समस्त बुनियादी सुविधाओं का लाभ देने की जिम्मेदारी लेते हुए एक ऐसा ऐतिहासिक निर्णय लेते हैं जो आज के पूर्व कभी नही हुआ था व बाद में हजारों की संख्या में उपस्थित लोंगो के समक्ष सभी गणिकाएं अपने सामने भगवानस्वरूप खड़े उपजिलाधिकारी त्रिभुवन कुमार को देखते हुए शपथ लेते हुए देह व्यापार छोड़ने के साथ समाज की मुख्यधारा में लौटने की प्रतिज्ञा लेती हैं। इस बाबत उपजिलाधिकारी त्रिभुवन कुमार ने जर्नलिस्ट मेराज़ मुस्तफा को अवगत कराते हुए बताया कि सभी गणिकाओं ने देह व्यापार छोड़ने का जो निर्णय लिया है उसमें वह उनके साथ सदैव खड़े रहेंगें ताकि वह सभी समाज की मुख्यधारा में लौटकर सम्मानपूर्वक जीवनयापन कर सकें । उपजिलाधिकारी त्रिभुवन कुमार ने जर्नलिस्ट मेराज़ मुस्तफा को बताया कि इस दौरान उपस्थित क्षेत्र के सम्भ्रांत लोगों ने भी देह व्यापार छोड़ने वाली महिलाओं को समाज की मुख्यधारा में लौटने पर हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है। मेराज़ मुस्तफा से बात करते हुए उपजिलाधिकारी त्रिभुवन कुमार ने कहा कि सभी महिलाओं व उनके बच्चों के शिक्षा , राशन , रोजगार आदि की व्यवस्था के लिए सभी इंतेजाम किए जा चुके हैं।
उपजिलाधिकारी इटवा त्रिभुवन कुमार द्वारा महीनों पूर्व शुरू किए गए अभियान को सफलता मिलने से क्षेत्रवासी भी गदगद है और हर कोई उपजिलाधिकारी त्रिभुवन कुमार की सराहना करते नजर आ रहे।
इटवा - सिद्धार्थनगर : महीनों से जारी कोशिश व पहल ने शुक्रवार को सिद्धार्थनगर के इतिहास में एक गौरवशाली अध्याय जोड़ दिया जिसके सूत्रधार बने उपजिलाधिकारी इटवा श्री त्रिभुवन कुमार । इटवा तहसील क्षेत्र अंतर्गत आने वाले बिस्कोहर बाजार के पश्चिमी टोला में वर्षों से संचालित देह व्यापार के चलते इस कस्बे पर लोगों ने कलंक का वो टीका मान लिया था जिसको मिटाना बेहद ही कठिन था लेकिन देह व्यापार को कलंक का टीका मानने वालों ने कभी एक मामूली पहल भी नही की और हाथ पर हाथ रखे बैठे रह गए बिना यह सोचे कि यह वही बिस्कोहर कस्बा है जो कभी मंदिरों के कारण एक धार्मिक कस्बे में शुमार था और यहां छोटे - बड़े मिलाकर लगभग चौरासी मन्दिर के कारण एक अलग पहचान प्राप्त थी तो जब धर्म के इस कस्बे को देह व्यापार का कस्बा बनते देर नही लगी तो फिर देह व्यापार से मुक्त कराकर पुनः उसी समाज के मुख्यधारा में लाने के लिए कितना समय लगता ?
इन सभी बिंदुओं को दरकिनार कर बस वर्तमान स्थिति को देखकर लोगों ने इस दिशा में एक भी कदम न बढ़ाया कि क्यों न बिस्कोहर को एक बार फिर वही बिस्कोहर बनाया जाए जो मंदिरों के लिए प्रख्यात रहा है लेकिन सत्य यही है बदलाव हर कोई चाहता है लेकिन साथ में यह भी चाहता है कि बदलाव की पहल कोई दूसरा करे और ऐसे में एक प्रशासनिक अधिकारी श्री त्रिभुवन कुमार बतौर उपजिलाधिकारी इटवा कार्यभार ग्रहण करते हैं और शुरू होती है कहानी सम्पूर्ण तहसील क्षेत्र के साथ देह व्यापार के लिए बदनाम इन गलियों में भी बदलाव की । एक ऐसा बदलाव जो भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम से होते हुए बिस्कोहर की बदनाम गलियों में रहने वाली गणिकाओं के उद्धार की तक पहुंचती है जिसकी पटकथा तो उपजिलाधिकारी त्रिभुवन कुमार ने महीनों पूर्व ही लिख दी थी जरूरत थी तो बस उसको अंजाम तक पहुंचाने की और वह ऐतिहासिक क्षण जनवरी माह की ग्यारह तारीख शुक्रवार को आ ही गई जब बिस्कोहर कस्बा स्थित पश्चिम टोला की बीस गणिकाओं ने उपजिलाधिकारी त्रिभुवन कुमार के समक्ष देह व्यापार छोड़कर समाज के मुख्यधारा में लौटने की शपथ लेकर इस दिन को एक ऐतिहासिक दिन के रूप में परिवर्तित कर दिया। शुक्रवार को बिस्कोहर कस्बावासियों सहित क्षेत्र के तमाम सम्भ्रांत लोगों की उपस्थिति में उपजिलाधिकारी त्रिभुवन कुमार मय तहसील व स्थानीय थाना प्रशासन के साथ पहुंचकर पहले यह बिस्कोहर कस्बे के इस टोले को गोद लेने की घोषणा करते हुए गणिकाओं के उद्धार हेतु शिक्षा व्यवस्था सहित समस्त बुनियादी सुविधाओं का लाभ देने की जिम्मेदारी लेते हुए एक ऐसा ऐतिहासिक निर्णय लेते हैं जो आज के पूर्व कभी नही हुआ था व बाद में हजारों की संख्या में उपस्थित लोंगो के समक्ष सभी गणिकाएं अपने सामने भगवानस्वरूप खड़े उपजिलाधिकारी त्रिभुवन कुमार को देखते हुए शपथ लेते हुए देह व्यापार छोड़ने के साथ समाज की मुख्यधारा में लौटने की प्रतिज्ञा लेती हैं। इस बाबत उपजिलाधिकारी त्रिभुवन कुमार ने जर्नलिस्ट मेराज़ मुस्तफा को अवगत कराते हुए बताया कि सभी गणिकाओं ने देह व्यापार छोड़ने का जो निर्णय लिया है उसमें वह उनके साथ सदैव खड़े रहेंगें ताकि वह सभी समाज की मुख्यधारा में लौटकर सम्मानपूर्वक जीवनयापन कर सकें । उपजिलाधिकारी त्रिभुवन कुमार ने जर्नलिस्ट मेराज़ मुस्तफा को बताया कि इस दौरान उपस्थित क्षेत्र के सम्भ्रांत लोगों ने भी देह व्यापार छोड़ने वाली महिलाओं को समाज की मुख्यधारा में लौटने पर हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है। मेराज़ मुस्तफा से बात करते हुए उपजिलाधिकारी त्रिभुवन कुमार ने कहा कि सभी महिलाओं व उनके बच्चों के शिक्षा , राशन , रोजगार आदि की व्यवस्था के लिए सभी इंतेजाम किए जा चुके हैं।
उपजिलाधिकारी इटवा त्रिभुवन कुमार द्वारा महीनों पूर्व शुरू किए गए अभियान को सफलता मिलने से क्षेत्रवासी भी गदगद है और हर कोई उपजिलाधिकारी त्रिभुवन कुमार की सराहना करते नजर आ रहे।


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