चन्द्रकेश पटेल क़ी रिपोर्ट -
सिद्धार्थनगर/ककरहवा- बर्डपुर विकास खण्ड क्षेत्र के ककरहवा कस्बे के बीएसएनएल नेटवर्क की बड़ी लापरवाही सामने आ रही है जिससे यहाँ की जनता में भारी आक्रोश दिखाई पड़ता है।भारत नेपाल सीमा से सटे इस ककरहवा कस्बे में पुलिस ,कस्टम ऑफिस और बॉर्डर की सुरक्षा के लिए तैनात एसएसबी फोर्स लगायत सभी लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।जिससे उनके कार्यक्षेत्र में भी बाधा उतपन्न होती है।और यह सीमावर्ती क़स्बा होने के कारण यहाँ के ब्यापरियो को मात्र बीएसएनएल की नेटवर्क ही एक मात्र सम्पर्क करने का साधन है।मिली सूत्रों के अनुसार बताया जाता है की अगर एक हफ्ते की तुलना करें तो मात्र दो या तीन दिन ही मात्र नेटवर्क मिल पाता है।नेटवर्क के मामले में माने तो ए आधिकारियो की मनमानी के रवैय्ये के चलते होती है।और कई बार अखबारों में प्रकाशित होने के बाद भी शासन प्रशासन का ध्यान नहीं जाता।लोगों की माने तो अगर एक दिन नेटवर्क आ जाय तो यहाँ की जनता में ख़ुशी की लहर दौड़ पड़ती है पर कब इस खुशी पर ग्रहण लग जाय यह कोई नहीं जानता। सूत्रों से माने तो जब से 3जी की सेवा मिली तो लोगों ने बड़े ही उत्साह से नेटपैक लेने में खूब पैसे लगाएं पर उसकी सुबिधा नहीं ले पा रहे।मिली जानकारी के अनुसार लोगों ने बताया की बिजली न होने की दशा में नेटवर्क न मिले तो समझ में आता है पर जब बिजली भरपूर मिलती है उस समय भी हमको नेटवर्क की सुबिधा नहीं मिल पाती।और जब व्यपारियो की बात आती तो वे लोग पडोसी राष्ट्र नेपाल के सिम का सहारा बनाया।
इस ककरहवा कस्बे की हालात नेटवर्क के मामले में बहुत दयनीय दिखाई पड़ती है।जिसमे कस्बेवासी दुर्गेश गुप्ता,विजय गुप्ता,प्रिंस,किशन यादव,सोनू अग्रहरी,मंटू,कैलाश शुक्ला,विवेक जायसवाल,बालमुकुन्द जयसवाल,अरविंद तिवारी आदि ने प्रशासन से नेटवर्क की सुविधा जल्द से ठीक कराने की माँग किए है।
सिद्धार्थनगर/ककरहवा- बर्डपुर विकास खण्ड क्षेत्र के ककरहवा कस्बे के बीएसएनएल नेटवर्क की बड़ी लापरवाही सामने आ रही है जिससे यहाँ की जनता में भारी आक्रोश दिखाई पड़ता है।भारत नेपाल सीमा से सटे इस ककरहवा कस्बे में पुलिस ,कस्टम ऑफिस और बॉर्डर की सुरक्षा के लिए तैनात एसएसबी फोर्स लगायत सभी लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।जिससे उनके कार्यक्षेत्र में भी बाधा उतपन्न होती है।और यह सीमावर्ती क़स्बा होने के कारण यहाँ के ब्यापरियो को मात्र बीएसएनएल की नेटवर्क ही एक मात्र सम्पर्क करने का साधन है।मिली सूत्रों के अनुसार बताया जाता है की अगर एक हफ्ते की तुलना करें तो मात्र दो या तीन दिन ही मात्र नेटवर्क मिल पाता है।नेटवर्क के मामले में माने तो ए आधिकारियो की मनमानी के रवैय्ये के चलते होती है।और कई बार अखबारों में प्रकाशित होने के बाद भी शासन प्रशासन का ध्यान नहीं जाता।लोगों की माने तो अगर एक दिन नेटवर्क आ जाय तो यहाँ की जनता में ख़ुशी की लहर दौड़ पड़ती है पर कब इस खुशी पर ग्रहण लग जाय यह कोई नहीं जानता। सूत्रों से माने तो जब से 3जी की सेवा मिली तो लोगों ने बड़े ही उत्साह से नेटपैक लेने में खूब पैसे लगाएं पर उसकी सुबिधा नहीं ले पा रहे।मिली जानकारी के अनुसार लोगों ने बताया की बिजली न होने की दशा में नेटवर्क न मिले तो समझ में आता है पर जब बिजली भरपूर मिलती है उस समय भी हमको नेटवर्क की सुबिधा नहीं मिल पाती।और जब व्यपारियो की बात आती तो वे लोग पडोसी राष्ट्र नेपाल के सिम का सहारा बनाया।
इस ककरहवा कस्बे की हालात नेटवर्क के मामले में बहुत दयनीय दिखाई पड़ती है।जिसमे कस्बेवासी दुर्गेश गुप्ता,विजय गुप्ता,प्रिंस,किशन यादव,सोनू अग्रहरी,मंटू,कैलाश शुक्ला,विवेक जायसवाल,बालमुकुन्द जयसवाल,अरविंद तिवारी आदि ने प्रशासन से नेटवर्क की सुविधा जल्द से ठीक कराने की माँग किए है।


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