पवन कुमार जयसवाल क़ी रिपोर्ट-
उसका, सिद्धार्थ नगर- सरकार का नियम सही है या फिर पुरानी नियम वितरण व्यवस्था कोटेदारो की सही था,
इसका चुनाव तो कोटेदारो को ePOS मशीनो पर राशन कार्ड धारको को अंगूठा रख कर गल्ला ले जाने और राशन पाने के बाद ही पता चलेगा।
इस सम्बन्ध में कोटेदारो के यूनियन के नेता,सिद्धांत यादव बताया कि दिसम्बर माह से ePOS मशीनो पर अंगूठा रखने और अंगूठा मैच करने के बाद ही राशन वितरण करने का फरमान सरकार और अधिकारियों ने जारी किया है। इस पर
सिद्धांत यादव ने जिले के आला अधिकारियों पर गम्भीर आरोप लगाते हुए कहा है कि बिना ePOS मशीनो की ट्रेनिंग दिए ही पूरे जनपद के कोटेदारो को मशीन पकड़ा दिया गया है। अब तत्काल कहा से कोटेदार मसीन से खाद्यान वितरण करने का तरीका सीखे यह एक गम्भीर विषय है। पूरे जनपद के कोटेदारो और गरीब जनता के लिए आखिर अनभिज्ञ मशीन कैसे चल पाएगा । सिद्धांत ने बताया कि मशीनो में जो खाद्यान कोटेदार को नही मिला है,जिस राशन कार्ड का वह भी सो कर रहा है,अब आइये विषम परिस्थितियों में कोटेदार क्या करे अभी तक तो केवल सरकारी गोदाम जहा से कोटेदार गल्ला ले कर आता था ,वहा पर प्रत्येक बोरी में 7से 8 किलो कम खाद्यान निर्गत कराया जा रहा था,अब एक और बड़ी समस्या उत्पन्न हो गई है। राशन कुछ और मिला है,और मशीन में कुछ और फीडिंग है। कही ऐसा तो नही की सरकार पुरे फीड राशन कार्डों का आवंटन बनाया है,और जिले पर कोटेदारो को घटतौली करके देने के बाद अब आवंटन तो भी नही काट दिया है, वही जनपद के कोटेदारो के दुकान से राशन लेने जा रहे राशन कार्ड धारको का अंगूठा ही नही मैच कर रहा है,और न ही नेटवर्क काम कर रहा है। यदि जब तक नेटवर्क काम करना शूरू कर रहा है,तब तक बैट्री ही डाउन हो जा रही है। बड़ी समस्या कोटेदारो और गरीब जनता के ऊपर है । वही कोटेदार संघ के नेताओ ने तो सरकार को ही कटघरे में खड़ा कर दिया है।मालूम हो कि इससे पहले यादि कोटेदार समय से राशन मिटटी का तेल नही दे पाता था तो,सरकार और सरकारे के आधिकारीगण कोटेदार को तत्काल सस्पेंट करते थे। अब सरकार और अधिकारी ही गरीबो का राशन रोक रहे है इन्हें कौन सस्पेंट करे ,बड़ा सवाल कोटेदार संघ के नेताओ के तरफ से उठ रहा है ।
उसका, सिद्धार्थ नगर- सरकार का नियम सही है या फिर पुरानी नियम वितरण व्यवस्था कोटेदारो की सही था,
इसका चुनाव तो कोटेदारो को ePOS मशीनो पर राशन कार्ड धारको को अंगूठा रख कर गल्ला ले जाने और राशन पाने के बाद ही पता चलेगा।
इस सम्बन्ध में कोटेदारो के यूनियन के नेता,सिद्धांत यादव बताया कि दिसम्बर माह से ePOS मशीनो पर अंगूठा रखने और अंगूठा मैच करने के बाद ही राशन वितरण करने का फरमान सरकार और अधिकारियों ने जारी किया है। इस पर
सिद्धांत यादव ने जिले के आला अधिकारियों पर गम्भीर आरोप लगाते हुए कहा है कि बिना ePOS मशीनो की ट्रेनिंग दिए ही पूरे जनपद के कोटेदारो को मशीन पकड़ा दिया गया है। अब तत्काल कहा से कोटेदार मसीन से खाद्यान वितरण करने का तरीका सीखे यह एक गम्भीर विषय है। पूरे जनपद के कोटेदारो और गरीब जनता के लिए आखिर अनभिज्ञ मशीन कैसे चल पाएगा । सिद्धांत ने बताया कि मशीनो में जो खाद्यान कोटेदार को नही मिला है,जिस राशन कार्ड का वह भी सो कर रहा है,अब आइये विषम परिस्थितियों में कोटेदार क्या करे अभी तक तो केवल सरकारी गोदाम जहा से कोटेदार गल्ला ले कर आता था ,वहा पर प्रत्येक बोरी में 7से 8 किलो कम खाद्यान निर्गत कराया जा रहा था,अब एक और बड़ी समस्या उत्पन्न हो गई है। राशन कुछ और मिला है,और मशीन में कुछ और फीडिंग है। कही ऐसा तो नही की सरकार पुरे फीड राशन कार्डों का आवंटन बनाया है,और जिले पर कोटेदारो को घटतौली करके देने के बाद अब आवंटन तो भी नही काट दिया है, वही जनपद के कोटेदारो के दुकान से राशन लेने जा रहे राशन कार्ड धारको का अंगूठा ही नही मैच कर रहा है,और न ही नेटवर्क काम कर रहा है। यदि जब तक नेटवर्क काम करना शूरू कर रहा है,तब तक बैट्री ही डाउन हो जा रही है। बड़ी समस्या कोटेदारो और गरीब जनता के ऊपर है । वही कोटेदार संघ के नेताओ ने तो सरकार को ही कटघरे में खड़ा कर दिया है।मालूम हो कि इससे पहले यादि कोटेदार समय से राशन मिटटी का तेल नही दे पाता था तो,सरकार और सरकारे के आधिकारीगण कोटेदार को तत्काल सस्पेंट करते थे। अब सरकार और अधिकारी ही गरीबो का राशन रोक रहे है इन्हें कौन सस्पेंट करे ,बड़ा सवाल कोटेदार संघ के नेताओ के तरफ से उठ रहा है ।


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