चन्द्रकेश पटेल की रिपोर्ट-
सिद्धार्थनगर/ककरहवा-बर्डपुर विकासखण्ड क्षेत्र के अन्तर्गत आने वाले ककरहवा क़स्बे के फसादीपुर जाने वाली मोड़ पर नाली टूट जाने से सारा का सारा पानी रोड से होकर पुलिस बूथ से होकर बॉर्डर व् एसएसबी फ़ोर्स के समीप चला जाता है जिससे उनको भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।जिसकी दूसरी तस्वीर ककरहवा के वार्ड न सात में भी दिखाई दिया जो की मोहल्ले का गन्दा पानी बीच सड़क पर आ जाता है,जिससे विभिन्न प्रकार की बीमारीयो को जन्म देती है।सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार सड़क पर पानी जिम्मेदारो की लापरवाही के चलते नाली के अभाव के कारण हो रहा है। क़स्बे का गन्दा पानी सड़क पर बहता रहता है,जिससे सड़क पर जहाँ तहाँ कीचड़ से भर गई है।जिस कारण राहगीरों को भारी परेशानीयो का सामना करना पड़ता है।कीचड़ से सनी सड़क का आलम यह है की पता नहीं चलता की यह सड़क है या कोई दलदल?
जिम्मेदारो की लापरवाही व सफाईकर्मियों के इस हीला हवाली रवैय्ये के चलते क़स्बे की ज्यादातर नालिया टूटी हुई है।जिससे नालियों का सारा पानी आए दिन सड़क पर बहता रहता है।जिस कारण से सड़के टूटकर कीचड़ में तब्दील हो जाती है।जिस कारण साइकिल और मोटरसाइकिल पर सवार लोग गिरकर चोट खाने को मजबूर हो जाते है।आए दिन इस सड़क पर कीचड़ होने के कारण मोटरसाइकिल फिसलने की कई घटना हो चुकी है पर अधिकारियों पर कोई असर दिखाई नहीं पड़ता।कभी कभी खानापूर्ती के जैसे नालियों को साफ़ करा दिया जाता है पर पानी की उचित निकासी न होने के कारण दो दिन बाद फिर वैसे ही हो जाती है।जिससे कस्बेवासी विजय गुप्ता,औधेश वर्मा,घनश्याम वर्मा,आकाश शुक्ला,विजयप्रकाश वर्मा,सोनू अग्रहरी,दुर्गेश गुप्ता,विनोद गुप्ता,रमेश गुप्ता,भुल्लू जयसवाल,विनोद श्रीवास्तव,रामजी श्रीवास्तव,सुरेश कसौधन,शिवरतन कसौधन,भगवानदास,मेवालाल,प्रहलाद गुप्ता,रूपचंद गुप्ता,चुलहि गुप्ता,संजय वर्मा,दिलीप पाण्डेय,दीपनारायण त्रिपाठी आदि ने नाली की उचित बाह निकालने की माँग किए है।
सिद्धार्थनगर/ककरहवा-बर्डपुर विकासखण्ड क्षेत्र के अन्तर्गत आने वाले ककरहवा क़स्बे के फसादीपुर जाने वाली मोड़ पर नाली टूट जाने से सारा का सारा पानी रोड से होकर पुलिस बूथ से होकर बॉर्डर व् एसएसबी फ़ोर्स के समीप चला जाता है जिससे उनको भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।जिसकी दूसरी तस्वीर ककरहवा के वार्ड न सात में भी दिखाई दिया जो की मोहल्ले का गन्दा पानी बीच सड़क पर आ जाता है,जिससे विभिन्न प्रकार की बीमारीयो को जन्म देती है।सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार सड़क पर पानी जिम्मेदारो की लापरवाही के चलते नाली के अभाव के कारण हो रहा है। क़स्बे का गन्दा पानी सड़क पर बहता रहता है,जिससे सड़क पर जहाँ तहाँ कीचड़ से भर गई है।जिस कारण राहगीरों को भारी परेशानीयो का सामना करना पड़ता है।कीचड़ से सनी सड़क का आलम यह है की पता नहीं चलता की यह सड़क है या कोई दलदल?
जिम्मेदारो की लापरवाही व सफाईकर्मियों के इस हीला हवाली रवैय्ये के चलते क़स्बे की ज्यादातर नालिया टूटी हुई है।जिससे नालियों का सारा पानी आए दिन सड़क पर बहता रहता है।जिस कारण से सड़के टूटकर कीचड़ में तब्दील हो जाती है।जिस कारण साइकिल और मोटरसाइकिल पर सवार लोग गिरकर चोट खाने को मजबूर हो जाते है।आए दिन इस सड़क पर कीचड़ होने के कारण मोटरसाइकिल फिसलने की कई घटना हो चुकी है पर अधिकारियों पर कोई असर दिखाई नहीं पड़ता।कभी कभी खानापूर्ती के जैसे नालियों को साफ़ करा दिया जाता है पर पानी की उचित निकासी न होने के कारण दो दिन बाद फिर वैसे ही हो जाती है।जिससे कस्बेवासी विजय गुप्ता,औधेश वर्मा,घनश्याम वर्मा,आकाश शुक्ला,विजयप्रकाश वर्मा,सोनू अग्रहरी,दुर्गेश गुप्ता,विनोद गुप्ता,रमेश गुप्ता,भुल्लू जयसवाल,विनोद श्रीवास्तव,रामजी श्रीवास्तव,सुरेश कसौधन,शिवरतन कसौधन,भगवानदास,मेवालाल,प्रहलाद गुप्ता,रूपचंद गुप्ता,चुलहि गुप्ता,संजय वर्मा,दिलीप पाण्डेय,दीपनारायण त्रिपाठी आदि ने नाली की उचित बाह निकालने की माँग किए है।


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