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Monday, December 31, 2018

उपलब्धियों का दूसरा नाम डॉक्टर भास्कर शर्मा

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वर्ष 2018 में लगाया विश्व रिकार्डो का शतक

होम्योपैथी और साहित्यिक की लिख चुके हैं 155 पुस्तकें
अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर पा चुके हैं 396 सम्मान

सतत प्रयास और दृढ़ इच्छाशक्ति सफलता का आधार होती है अपने कार्य के प्रति समर्पण और लगन ने डॉक्टर भास्कर शर्मा को जो मुकाम दिलाया उससे वे विश्व रिकॉर्ड के सत कबीर बन चुके lडॉक्टर शर्मा जनपद सिद्धार्थनगर ही नहीं अपितु हमारे देश के गौरव हैं lवर्ष 2018 में डॉक्टर भास्कर शर्मा जो इतिहास रचा है उससे निश्चय ही देश का गौरव बढ़ाया है lइस वर्ष डॉक्टर शर्मा ने विश्व रिकार्डो का शतक लगाते हुए विश्व रिकार्डो की संख्या 176 तक पहुंचा चुके हैं lडॉक्टर भास्कर शर्मा एमडी होम्योपैथी पीएचडी होम्योपैथी जन्मतिथि 10 जुलाई सन 1978 द्वारा सबसे लंबे व्याख्यान 120 मिनट शीर्षक रिनल कैलकुली एंड इट्स होम्योपैथिक मैनेजमेंट वर्ष 2008 नागपुर मैं व्याख्यान देने के लिए,वर्ष 2009 हिमाचल प्रदेश में चर्म रोग और होम्योपैथी विषय से संबंधित लगातार 95 मिनट तक व्याख्यान देने के लिए, वर्ष 2010 उड़ीसा में होम्योपैथी एक नायाब तोहफा विषयक गोष्ठी में 310 लोगों के प्रति भाग करने के लिए, वर्ष 2011 पश्चिम बंगाल में डायबिटीज एंड होम्योपैथी विषयक गोष्ठी में लगातार 110 मिनट तक व्याख्यान देने के लिए, वर्ष 2012 राजस्थान सेक्स समस्याएं और होम्योपैथी विषयक गोष्ठी में लगातार 120 मिनट तक व्याख्यान देने के लिए,वर्ष 2013 तेलंगाना में चर्म रोग और होम्योपैथी विषयक संगोष्ठी में लगातार 98 मिनट तक व्याख्यान देने के लिए, वर्ष 2014 तमिलनाडु में गैस्ट्राइटिस एंड होम्योपैथी विषयक संगोष्ठी में 115 मिनट तक व्याख्यान देने के लिए, वर्ष 2015 मध्य प्रदेश में माइग्रेन एंड होम्योपैथी विषयक संगोष्ठी में लगातार 80 मिनट तक व्याख्यान देने के लिए, वर्ष 2016 अरुणाचल प्रदेश इनलारजमेंट आफ प्रॉस्टेट ग्लैंड एंड होम्योपैथी विषयक गोष्ठी में 126 मिनट तक लगातार व्याख्यान देने के लिए, वर्ष 2015 में दुनिया में सबसे अधिक गुर्दे की पथरी को बिना ऑपरेशन होम्योपैथी औषधि द्वारा गलाने पर, वर्ष 2016 में दुनिया में सबसे अधिक होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति पर आधारित पुस्तक लिखने के लिए, वर्ष 2017 मेघालय मै कार्सिनोमा एंड होम्योपैथी विषय पर 90 मिनट तक व्याख्यान देने के लिए,वर्ष 2017 काठमांडू में लीवर डिजीज एंड होम्योपैथी विषय पर 135 मिनट व्याख्यान देने के लिए, वर्ष 2018 बैंकॉक मैं रेस्पिरेट्री डिजीज एंड होम्योपैथी विषय पर 90 मिनट तक व्याख्यान देने के लिए, वर्ष 2015 लंदन में रिनल स्टोन एंड होम्योपैथी विषय पर 120 मिनट तक व्याख्यान देने के लिए, वर्ष 2016 में होम्योपैथिक चिकित्सा पद्धति पर आधारित पुस्तक होम्योपैथी थैरेपीयूटिक्स में 3000 से अधिक उपचार विधियों के लेखन के  लिए, वर्ष 2018 मैं अत्यधिक निशुल्क चिकित्सा शिविर लगाने के लिए होम्योपैथिक चिकित्सा के रूप में साहित्य विधा की सबसे अधिक पुस्तकों का लेखन करने के लिए, सबसे बड़ी बच्चेदानी की गांठ बिना ऑपरेशन होम्योपैथी औषधि द्वारा गलाने पर,सबसे बड़ी गुर्दे की पथरी बिना ऑपरेशन होम्योपैथी औषधि द्वारा गलाने पर आदि 176 वर्ल्ड रिकॉर्ड दर्ज हो चुके हैंl दुनिया के सबसे लंबे होम्योपैथिक अध्याय के वाचन में गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज हो चुका है l जिनमें गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड, वर्ल्ड रिकॉर्ड लंदन, गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड अमेरिका, प्लानेट बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स, मार्बल्स बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, हाई रेंज बुक आफ वर्ल्ड रिकॉर्ड, वर्ल्ड रिकॉर्ड, जीनीयस बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड, गैलेक्सी बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड, एक्सीलेंसी बुक ऑफ रिकॉर्ड, आसाम बुक आफ रिकॉर्ड, फंटास्टिक बुक ऑफ रिकॉर्ड, सुप्रीम बुक आफ रिकॉर्ड्स,इंडिया स्टार वर्ल्ड रिकॉर्ड, उत्तर प्रदेश वर्ल्ड रिकॉर्ड,एशियन वर्ल्ड रिकॉर्ड, इंडिया वर्ल्ड रिकॉर्ड,वर्ल्ड रिकॉर्ड इंडिया, इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स आदि संस्थाओं ने डॉक्टर भास्कर शर्मा को इस रिकॉर्ड का प्रमाण पत्र दिया हैl शर्मा वर्तमान में साहित्य व होम्योपैथिक चिकित्सा पद्धति की 155 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैंl हिंदी के प्रचार प्रसार व विकास के लिए सतत प्रयासरत डॉक्टर भास्कर शर्मा के व्यक्तित्व और कृतित्व पर 6 पुस्तकों की सृजना भी हो चुकी है इनमें दिल्ली के डॉक्टर रमन चौधरी की भास्करोदय, डॉक्टर ठाकुर प्रसाद चौबे ने बहुमुखी प्रतिभा के धनी डॉक्टर भास्कर शर्मा,डॉक्टर चंद्रभान गरीबों के मसीहा डॉक्टर भास्कर शर्मा, चंदेश्वर यादव व डॉक्टर सौरभ शुक्ला ने सफर -ए -भास्कर, डॉक्टर चंदेश्वर यादव व डॉक्टर पार्वती यादव ने कहे डॉक्टर भास्कर तथा काबिलियत एवं कामयाबी की प्रतिमूर्ति डॉक्टर भास्कर शर्मा प्रमुख हैंl डॉक्टर भास्कर हिंदी के विकास के लिए प्रतिवर्ष अंतरराष्ट्रीय हिंदी साहित्य सम्मेलन का आयोजन करते हैं जिसमें देश के अधिकतर राज्यों व कई देशों के साहित्यकार प्रतिभाग करते हैं lडॉक्टर भास्कर शर्मा ने विश्व रिकार्ड बनाने का जब सिलसिला शुरू किया तो शायद ही किसी ने उम्मीद की होगी कि विश्व  रिकार्डो  का शतक भी लगेगा लेकिन शतक पूर्ण होने के साथ ही डॉक्टर शर्मा दोहरा शतक लगाने के करीब पहुंच चुके हैंl देश के कई राज्यों के राज्यपाल भी डॉक्टर भास्कर शर्मा की सराहना कर चुके हैं lउत्तर प्रदेश के महामहिम राज्यपाल श्री राम नाईक ने डॉक्टर शर्मा को अद्भुत प्रतिभा का धनी व्यक्ति की संज्ञा दे चुके हैं lयदि अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय पुरस्कार की बात की जाए तो डॉक्टर भास्कर शर्मा सम्मानो का चार शतक लगा चुके हैं lकेंद्रीय हिंदी विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश में डॉक्टर भास्कर शर्मा के साहित्यिक अवदान पर शोध कार्य भी प्रारंभ हो चुका है lइस बात की पुष्टि हिंदी विभाग के प्राध्यापक डॉ रवि कुमार गौड़ ने दी हैl डॉक्टर भास्कर कई अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों में होम्योपैथिक विभाग में शोध गाइड भी नियुक्त हैं lसारांश: कहा जा सकता है डॉ भास्कर शर्मा ने अपनी बहुमुखी प्रतिभा का परिचय देते हुए जो मुकाम हासिल किया है उससे जनपद ही नहीं अपितु देश का भी गौरव बढ़ा हैl वर्ष 2018 में इन्होंने उपलब्धियों का जो परचम फहराया है वह निश्चय ही जनपद सिद्धार्थनगर के लिए गौरवमई रहाl

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