जनपद सिद्धार्थनगर के कोतवाली बांसी में ऐसा ही एक मामला कोतवाली के एक गांव से नाबालिग को भगा ले जाने का मामला सामने आया है ।जिसमें काफी प्रयास के बाद पुलिस ने 7 दिन बाद मुकदमा पंजीकृत किया।
बीते 2 नवंबर की रात क्षेत्र के एक नाबालिग को डड़वार शुक्ल निवासी शिवकुमार उर्फ राजन पुत्र हरिश्चंद्र( 25 )अपनी मां की मदद से लेकर फुर्र हो गया। नाबालिक की मां रात में जागी तो देखी उसकी पुत्री अपनी बिस्तर पर नहीं थी भोर में करीब 4 बजे आरोपित हमारे मोबाइल पर फोन करके कहा की दो-तीन दिन में हम तुम्हारी लड़की को ले आएंगे। किसी को कुछ बताना नहीं बता दिया तो लड़की से हाथ धो दोगी। इस दर्द के कारण वह अपनी बेटी के सकुशल घर आने की बाट जोहती रही ।मुंबई में मेहनत मजदूरी कर रहे नाबालिक के पिता को इसकी सूचना हुई तो वह तुरंत अपने घर पहुंचे ।और 5 नवंबर को कोतवाली पहुंच मामले की तहरीर दिया ।पुलिस तब से बीते 11 नवंबर तक उसे दौड़ती रही 12 नवंबर को पीड़ितों द्वारा जब काफी प्रयास किया गया तो रात में मुकदमा दर्ज किया। मुकदमा दर्ज हुए भी 8 दिन बीत चुका है पर पुलिस आरोपित के परिजनों पर कोई दबाव नहीं बना पा रही है।
इस संबंध में जब प्रभारी निरीक्षक कोतवाली रवींद्र कुमार सिंह पूछा गया तो उन्होने बताया कि घटना के बाद से पीड़ित का आरोपित के बीच कुछ वार्तालाप चल रहा था जिसके कारण मुकदमा लिखने में विलंब हुआ पहले पीड़िता के लोगों मुकदमा लिखवाने को तैयार नहीं थी घटना के दिन से 2 दिन तक जब आरोपी व आस पड़ोसियों के कहने पर लड़की के आने की प्रतीक्षा करते रहे।
बीते 2 नवंबर की रात क्षेत्र के एक नाबालिग को डड़वार शुक्ल निवासी शिवकुमार उर्फ राजन पुत्र हरिश्चंद्र( 25 )अपनी मां की मदद से लेकर फुर्र हो गया। नाबालिक की मां रात में जागी तो देखी उसकी पुत्री अपनी बिस्तर पर नहीं थी भोर में करीब 4 बजे आरोपित हमारे मोबाइल पर फोन करके कहा की दो-तीन दिन में हम तुम्हारी लड़की को ले आएंगे। किसी को कुछ बताना नहीं बता दिया तो लड़की से हाथ धो दोगी। इस दर्द के कारण वह अपनी बेटी के सकुशल घर आने की बाट जोहती रही ।मुंबई में मेहनत मजदूरी कर रहे नाबालिक के पिता को इसकी सूचना हुई तो वह तुरंत अपने घर पहुंचे ।और 5 नवंबर को कोतवाली पहुंच मामले की तहरीर दिया ।पुलिस तब से बीते 11 नवंबर तक उसे दौड़ती रही 12 नवंबर को पीड़ितों द्वारा जब काफी प्रयास किया गया तो रात में मुकदमा दर्ज किया। मुकदमा दर्ज हुए भी 8 दिन बीत चुका है पर पुलिस आरोपित के परिजनों पर कोई दबाव नहीं बना पा रही है।
इस संबंध में जब प्रभारी निरीक्षक कोतवाली रवींद्र कुमार सिंह पूछा गया तो उन्होने बताया कि घटना के बाद से पीड़ित का आरोपित के बीच कुछ वार्तालाप चल रहा था जिसके कारण मुकदमा लिखने में विलंब हुआ पहले पीड़िता के लोगों मुकदमा लिखवाने को तैयार नहीं थी घटना के दिन से 2 दिन तक जब आरोपी व आस पड़ोसियों के कहने पर लड़की के आने की प्रतीक्षा करते रहे।

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