सिद्धार्थनगर। पच्चीस नवम्बर का दिन शान्ति से गुजर जाने पर बसपा नेता और डुमरियागंज प्रभारी आफताब आलम ने देश की जनता को धन्यवाद देते हुए कहा है कि इसे साम्प्रदायिक शक्तियों में हताशा व्याप्त है। उन्हें आने वाले दिनों में अपनी राजनीतिक पराजय का संकेत मिल गया है।
आज यहां जारी एक बयान में बसपा नेता आफताब आलम ने कहा कि कुछ राजनीतिक ताकतें सत्ता के लिए मंदिर-मस्जिद विवाद को भड़का कर हिंदू-मुस्लिम में तनाव पैदा करने में लगीं थीं। जिससे देश में हिंसा की आशंका भी व्याप्त थी। लेकिन देश के हर वर्ग के लोगों ने किसी विवाद या उत्तेजनात्मक प्रतिक्रिया से अपने को अलग रख कर साबित कर दिया कि वे अब किसी की राजनीति के लिए इस्तेमाल होने वाले औजार नहीं बन सकते। उन्होंने कहा कि देश की जनता समझदार हो चुकी है। वह नमक, तेल, लकड़ी जैसी समस्याओं से त्रस्त है। महंगाई दिन प्रति दिन बढ़ती जा रही है। भष्टाचार के आरोप में इनके नेता पकड़े जा रहे हैं। अपराध चरम पर है। जनता अपने मूल सवालों का जवाब मांग रही है। जनता समझ गई है कि कुछ जिम्मेदार लोग इन्हीं सवालों से बचने के लिए जनता को धार्मिक बवालों में उलझा रहे हैं। लेकिन आम-अवाम धन्यवाद की पात्र है कि वह सच्चाई समझ गई है और साम्प्रदायिक शक्तियों के झांसों से दूर हो गई है।
आज यहां जारी एक बयान में बसपा नेता आफताब आलम ने कहा कि कुछ राजनीतिक ताकतें सत्ता के लिए मंदिर-मस्जिद विवाद को भड़का कर हिंदू-मुस्लिम में तनाव पैदा करने में लगीं थीं। जिससे देश में हिंसा की आशंका भी व्याप्त थी। लेकिन देश के हर वर्ग के लोगों ने किसी विवाद या उत्तेजनात्मक प्रतिक्रिया से अपने को अलग रख कर साबित कर दिया कि वे अब किसी की राजनीति के लिए इस्तेमाल होने वाले औजार नहीं बन सकते। उन्होंने कहा कि देश की जनता समझदार हो चुकी है। वह नमक, तेल, लकड़ी जैसी समस्याओं से त्रस्त है। महंगाई दिन प्रति दिन बढ़ती जा रही है। भष्टाचार के आरोप में इनके नेता पकड़े जा रहे हैं। अपराध चरम पर है। जनता अपने मूल सवालों का जवाब मांग रही है। जनता समझ गई है कि कुछ जिम्मेदार लोग इन्हीं सवालों से बचने के लिए जनता को धार्मिक बवालों में उलझा रहे हैं। लेकिन आम-अवाम धन्यवाद की पात्र है कि वह सच्चाई समझ गई है और साम्प्रदायिक शक्तियों के झांसों से दूर हो गई है।


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