एसडीएम ने तीन बच्चों के साथ कराई प्रार्थना

सिद्धार्थनगर जिले में शासन द्वारा संचालित योजनाओं में पारदर्शिता को लेकर इटवा एसडीएम का लगातार निरीक्षण जारी है। पहले स्वास्थ्य विभाग, कृषि और अब शिक्षा विभाग का निरीक्षण कर करवाई का फरमान जारी किया है। योजनाओं में पारदर्शिता और उदासीन कर्मचारियों पर निरीक्षण के दौरान अनुपस्थिति पाये जाने पर वेतन रोकने सहित स्पस्टीकरण की कार्रवाई की गई है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, इटवा एसडीएम त्रिभुवन प्रसाद गुरुवार को विकास क्षेत्र इटवा के ग्राम जुड़ीं कुइयां स्थिति प्राथमिक विद्यालय का आकस्मिक निरीक्षण करने पहुँचे तो कई चौकाने वाले तथ्य सामने आए। विद्यालय पर एक अध्यापिका छोड़ कोई कर्मी मौजूद नही, और न ही प्रधानाध्यापक और शिक्षा मित्र का पता , पूरा का पूरा स्टाफ ही अनुपस्थिति। विद्यालय पर उपस्थित मिले तो केवल तीन छात्र। समय सुबह 9.30, एसडीएम ने तीन बच्चों और मौजूद अध्यापिका के साथ प्रार्थना कराई। विद्यालय से सम्बंधित रजिस्टर माँगे जाने पर अध्यापिका ने बताया कि चाभी तो प्रधानायपक के पास है। अध्यापिका ने बताया कि102 बच्चों का नामांकन है, मग़र केवल निरीक्षण समय मे केवल छः बच्चें ही पहुंचे। ऐसे में यहाँ मध्यान्ह भोजन का क्या हाल होगा सहज अन्दाजा लगाया जा सकता है। अध्यापिका ने बताया कि प्रधानायपक गोपाल श्रीवास्तव आज नहीं हैं, और शिक्षा मित्र दुर्गा प्रसाद, जय सिंह पिछले पाँच दिन से नही आ रहे हैं। उसके बाद देवफेडिया प्राथमिक विद्यालय में अनुपस्थित शिक्षा मित्र रमा सिंह, अध्यापिका मीना कुमारी गैर हाजिर मिली। हालांकि, एसडीएम ने प्रधानायपक गोपाल श्रीवास्त्व, अध्यापिका मीना कुमारी सहित शिक्षामित्रों का वेतन काटने के साथ कठोर कार्रवाई किए जाने की रिपोर्ट जिलाधिकारी को प्रेषित की जाएगी साथ ही इटवा खंड शिक्षा अधिकारी का शिथिल पर्यवेक्षण होने के कारण का वेतन रोक दिया गया है तथा स्पष्टीकरण मांगा गया है। इसके अलावा प्राथमिक विद्यालय परिसर में संचालित आंगनवाड़ी केंद्र बंद भी पाया गया। उपस्थित अध्यापिका ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्र कभी कभी खुलता है। हालांकि एसडीएम ने केंद्र में तैनात आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों की सेवा समाप्त करने का नोटिस तथा परियोजना अधिकारी इटवा के शिथिल पर्यवेक्षण होने के कारण वेतन रोकने के साथ स्पष्टीकरण मांगा है। इस सम्बंध में इटवा एसडीएम त्रिभुवन प्रसाद ने बताया कि निरीक्षण में अनुपस्थित मिले शिक्षकों का वेतन काटने के साथ शिथिल पर्यवेक्षण में बीईओ एवं सीडीपीओ का वेतन रोका गया है और स्पस्टीकरण मांगा गया है।
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