शैलेष सोनकर की रिपोर्ट
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को 170 से ज्यादा नए नियुक्त आईएएस अधिकारियों के साथ बैठक की. इस दौरान उन्होंने सुशासन के कुछ तत्वों पर चर्चा की जिनमें सूचना का प्रवाह , संसाधनों का अधिकतम इस्तेमाल और लोगों का भरोसा मुख्य रूप से शामिल है.
मोदी ने आईएएस अधिकारियों के साथ केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं पर चर्चा की जिनमें ग्राम स्वराज अभियान और आयुष्मान भारत शामिल थे. प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार ,‘‘ प्रधानमंत्री ने आईएएस अधिकारियों को अपने क्षेत्रीय प्रशिक्षण के अनुभवों को साझा करने के लिए प्रोत्साहित किया. उन्होंने उनके साथ सुशासन के कुछ तत्वों पर भी विचार विमर्श किया. इसमें जनभागीदारी , सूचना का प्रवाह , संसाधनों का अधिकतम इस्तेमाल और शासन में जनता का भरोसा जैसे विषय शामिल थे.’’
साल 2016 बैच के 176 आईएएस अधिकारियों को उनकी पहली नियुक्ति के तहत केंद्र सरकार के अलग-अलग विभागों में सहायक सचिव के रूप में नियुक्त किया गया है. इन आईएएस अधिकारियों की तैनाती केंद्र सरकार द्वारा ब्यूरोक्रेट्स को प्रशिक्षण देने के लिए शुरू की गयी एक अनोखी पहल का हिस्सा है.
नियमों के अनुसार , आईएएस अधिकारी अपने कैडर में नौ साल की सेवा पूरा करने के बाद केंद्र में आने के हक़दार होते हैं. ये 176 अधिकारी 13 सप्ताह के लिए केंद्र में तदर्थ नियुक्ति पर हैं जो इस साल 2 जुलाई से प्रभावी होगी.
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को 170 से ज्यादा नए नियुक्त आईएएस अधिकारियों के साथ बैठक की. इस दौरान उन्होंने सुशासन के कुछ तत्वों पर चर्चा की जिनमें सूचना का प्रवाह , संसाधनों का अधिकतम इस्तेमाल और लोगों का भरोसा मुख्य रूप से शामिल है.
मोदी ने आईएएस अधिकारियों के साथ केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं पर चर्चा की जिनमें ग्राम स्वराज अभियान और आयुष्मान भारत शामिल थे. प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार ,‘‘ प्रधानमंत्री ने आईएएस अधिकारियों को अपने क्षेत्रीय प्रशिक्षण के अनुभवों को साझा करने के लिए प्रोत्साहित किया. उन्होंने उनके साथ सुशासन के कुछ तत्वों पर भी विचार विमर्श किया. इसमें जनभागीदारी , सूचना का प्रवाह , संसाधनों का अधिकतम इस्तेमाल और शासन में जनता का भरोसा जैसे विषय शामिल थे.’’
साल 2016 बैच के 176 आईएएस अधिकारियों को उनकी पहली नियुक्ति के तहत केंद्र सरकार के अलग-अलग विभागों में सहायक सचिव के रूप में नियुक्त किया गया है. इन आईएएस अधिकारियों की तैनाती केंद्र सरकार द्वारा ब्यूरोक्रेट्स को प्रशिक्षण देने के लिए शुरू की गयी एक अनोखी पहल का हिस्सा है.
नियमों के अनुसार , आईएएस अधिकारी अपने कैडर में नौ साल की सेवा पूरा करने के बाद केंद्र में आने के हक़दार होते हैं. ये 176 अधिकारी 13 सप्ताह के लिए केंद्र में तदर्थ नियुक्ति पर हैं जो इस साल 2 जुलाई से प्रभावी होगी.


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